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ईरान के वेटलिफ्टर ने पोडियम पर इजरायल के खिलाड़ी से मिलाया हाथ, इस्लामी मुल्क ने लगाया आजीवन बैन: समिति को भी किया भंग

"क्रांति के नेताओं, शहीदों के परिवारों और ईरान के सभी लोगों से माफी" माँगने के साथ ही वादा किया कि अब से ऐसा कभी नहीं देखने को मिलेगा।

ईरान ने अपने एक सीनियर वेटलिफ्टर पर लाइफटाइम (आजीवन) बैन लगा दिया है। पोलैंड में आयोजित मास्टर वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में मेडल लेने के दौरान इजरायली खिलाड़ी के साथ हाथ मिलाने के कारण ईरान ने ऐसा निर्णय लिया। इस खिलाड़ी का नाम मोस्तफा राजेई (Mostafa Rajaei) है, जो ईरानी झंडे के साथ पोडियम पर खड़े हुए थे। इस दौरान इजरायली खिलाड़ी मैक्सिम स्विर्स्की ने पोडियम के पीछे उनसे हाथ मिलाया और तस्वीरें खिंचाई। इस टूर्नामेंट में इजरायली खिलाड़ी मैक्सिम स्विर्स्की तीसरे स्थान पर रहे।

राजेई पर लगाया लाइफ टाइम बैन

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकार ने राजेई के अपराध को ‘अक्षम्य’ बताते हुए सभी खेल सुविधाओं में ही एंट्री करने पर बैन लगा दिया। ईरान के वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने बताया कि हैमद सालेहिनिया, जिन्होंने वेटलिफ्टिंग टीम का नेतृत्व किया था, उन्हें भी पद से हटा दिया गया है। इतना ही नहीं, फेडरेशन ने कहा कि वेटरन वेटलिफ्टरों का प्रतिनिधित्व करने के लिए बनाई गई एक समिति को भी भंग कर दिया गया है।

फेडरेशन ने क्रांति के नेता से मांगी माफी

वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के चीफ सजद अनोशीरवन ने “क्रांति के नेताओं, शहीदों के परिवारों और ईरान के सभी लोगों से माफी” माँगने के साथ ही वादा किया कि अब से ऐसा कभी नहीं देखने को मिलेगा। आयोजकों के मुताबिक, पोलैंड के क्राकोव में आयोजित इस मास्टर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 47 देशों के 1,000 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया था।

अवि कनेर नाम के एक्स (अब ट्विटर) यूजर ने लिखा, “ईरानियन वेटलिफ्टर मोस्तफा राजेई को मुल्ला टेरर देश ने लाइफ टाइम बैन कर दिया है, क्यों? क्योंकि उन्होंने इजरायली खिलाड़ी मैक्सिम स्विर्स्की के साथ हाथ मिला कर उनका अभिवादन स्वीकारा था।”

इजरायली खिलाड़ियों के साथ खेलने पर भी मनाही

बता दें कि ईरान इजरायल को एक देश के रूप में नहीं मानता है और ईरानी और इजरायली एथलीटों के बीच किसी भी संपर्क की सख्ती से मनाही करता है। पिछले सालों में कई बार ईरानी खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं से बाहर होना पड़ा है, क्योंकि उनका सामना इजरायली खिलाड़ियों से हो सकता था। इसकी वजह से कई खिलाड़ियों को टूर्नामेंट से नाम वापस लेने पड़े हैं, तो कई बार वो मेडिकल ग्राउंड का बहाना बनाकर खेलने से इनकार कर देते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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