Thursday, July 25, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयईरान के वेटलिफ्टर ने पोडियम पर इजरायल के खिलाड़ी से मिलाया हाथ, इस्लामी मुल्क...

ईरान के वेटलिफ्टर ने पोडियम पर इजरायल के खिलाड़ी से मिलाया हाथ, इस्लामी मुल्क ने लगाया आजीवन बैन: समिति को भी किया भंग

"क्रांति के नेताओं, शहीदों के परिवारों और ईरान के सभी लोगों से माफी" माँगने के साथ ही वादा किया कि अब से ऐसा कभी नहीं देखने को मिलेगा।

ईरान ने अपने एक सीनियर वेटलिफ्टर पर लाइफटाइम (आजीवन) बैन लगा दिया है। पोलैंड में आयोजित मास्टर वेट लिफ्टिंग चैंपियनशिप में मेडल लेने के दौरान इजरायली खिलाड़ी के साथ हाथ मिलाने के कारण ईरान ने ऐसा निर्णय लिया। इस खिलाड़ी का नाम मोस्तफा राजेई (Mostafa Rajaei) है, जो ईरानी झंडे के साथ पोडियम पर खड़े हुए थे। इस दौरान इजरायली खिलाड़ी मैक्सिम स्विर्स्की ने पोडियम के पीछे उनसे हाथ मिलाया और तस्वीरें खिंचाई। इस टूर्नामेंट में इजरायली खिलाड़ी मैक्सिम स्विर्स्की तीसरे स्थान पर रहे।

राजेई पर लगाया लाइफ टाइम बैन

अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सरकार ने राजेई के अपराध को ‘अक्षम्य’ बताते हुए सभी खेल सुविधाओं में ही एंट्री करने पर बैन लगा दिया। ईरान के वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने बताया कि हैमद सालेहिनिया, जिन्होंने वेटलिफ्टिंग टीम का नेतृत्व किया था, उन्हें भी पद से हटा दिया गया है। इतना ही नहीं, फेडरेशन ने कहा कि वेटरन वेटलिफ्टरों का प्रतिनिधित्व करने के लिए बनाई गई एक समिति को भी भंग कर दिया गया है।

फेडरेशन ने क्रांति के नेता से मांगी माफी

वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के चीफ सजद अनोशीरवन ने “क्रांति के नेताओं, शहीदों के परिवारों और ईरान के सभी लोगों से माफी” माँगने के साथ ही वादा किया कि अब से ऐसा कभी नहीं देखने को मिलेगा। आयोजकों के मुताबिक, पोलैंड के क्राकोव में आयोजित इस मास्टर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 47 देशों के 1,000 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया था।

अवि कनेर नाम के एक्स (अब ट्विटर) यूजर ने लिखा, “ईरानियन वेटलिफ्टर मोस्तफा राजेई को मुल्ला टेरर देश ने लाइफ टाइम बैन कर दिया है, क्यों? क्योंकि उन्होंने इजरायली खिलाड़ी मैक्सिम स्विर्स्की के साथ हाथ मिला कर उनका अभिवादन स्वीकारा था।”

इजरायली खिलाड़ियों के साथ खेलने पर भी मनाही

बता दें कि ईरान इजरायल को एक देश के रूप में नहीं मानता है और ईरानी और इजरायली एथलीटों के बीच किसी भी संपर्क की सख्ती से मनाही करता है। पिछले सालों में कई बार ईरानी खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं से बाहर होना पड़ा है, क्योंकि उनका सामना इजरायली खिलाड़ियों से हो सकता था। इसकी वजह से कई खिलाड़ियों को टूर्नामेंट से नाम वापस लेने पड़े हैं, तो कई बार वो मेडिकल ग्राउंड का बहाना बनाकर खेलने से इनकार कर देते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘दरबार हॉल’ अब कहलाएगा ‘गणतंत्र मंडप’, ‘अशोक हॉल’ बना ‘अशोक मंडप’: महामहिम द्रौपदी मुर्मू का निर्णय, राष्ट्रपति भवन ने बताया क्यों बदला गया नाम

राष्ट्रपति भवन ने बताया है कि 'दरबार' का अर्थ हुआ कोर्ट, जैसे भारतीय शासकों या अंग्रेजों के दरबार। बताया गया है कि अब जब भारत गणतंत्र बन गया है तो ये शब्द अपनी प्रासंगिकता खो चुका है।

जिसका इंजीनियर भाई एयरपोर्ट उड़ाने में मरा, वो ‘मोटू डॉक्टर’ मारना चाह रहा था हिन्दू नेताओं को: हाई कोर्ट से माँग रहा था रहम,...

कर्नाटक हाई कोर्ट ने आतंकी मोटू डॉक्टर को राहत देने से इनकार कर दिया है। उस पर हिन्दू नेताओं की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -