Homeफ़ैक्ट चेकसोशल मीडिया फ़ैक्ट चेकFake News फैलाती पकड़ी गई नेहा सिंह राठौर, चुनाव आयोग ने ईवीएम पर दावे...

Fake News फैलाती पकड़ी गई नेहा सिंह राठौर, चुनाव आयोग ने ईवीएम पर दावे का कर दिया Fack Check : मॉक पोल के वीडियो को बताया था असली

नेहा ने मॉक पोल के वीडियो को असली बताते हुए दावा किया कि ईवीएम में गड़बड़ी है, जो एक ही पार्टी के लिए वोट कर रही है।

खुद को लोकगायिका बताने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर नेहा सिंह राठौर फेक न्यूज फैलाती पकड़ी गई हैं। उन्होंने मॉक पोल के वीडियो को असली बताते हुए दावा किया कि ईवीएम में गड़बड़ी है, जो एक ही पार्टी के लिए वोट कर रही है। उनके दावे को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। चुनाव आयोग ने बताया है कि जिस वीडियो को असली ईवीएम मशीन मतदान के दौरान का बताया जा रहा है, वो मॉक पोल का है। इस बात की पुष्टि जिला निर्वाचन अधिकारी करीमगंज ने भी की है।

नेहा सिंह राठौर ने फर्जी वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “देखिए, भस्मासुर पार्टी को कैसे 400 पार कराया जा रहा है। लोकतंत्र के महोत्सव में भ्रष्टाचार का नंगा नाच देख लीजिए। केंद्रीय चुनाव आयोग को श्रद्धांजलि के फूल भेज दीजिए।”

चुनाव आयोग ने उनके ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए उनके दावे को गलत बताया है। चुनाव आयोग ने एक्स पर लिखा, “लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा एक वीडियो एक्स पर गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है। इस पोस्ट में किया गया दावा गलत और भ्रामक है। ये वीडियो असम में मॉक पोल के दौरान का है, असली मतदान का नहीं। इस बारे में करीमगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी पहले ही अपनी बात रख चुके हैं।”

चुनाव आयोग ने करीमगंज के जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए पत्र को भी साझा किया है।

करीमगंज अधिकारी के वीडियो और नेहा सिंह राठौर के ट्वीट को साझा करते हुए परम पीसीएस (FUN Mauji) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, “फेक न्यूज की महारानी नेहा राठौड़ जी!! चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि उक्त वीडियो मॉक पोल के दौरान का है जब प्रतायोशियों के एजेंटों के सामने दिखाया जाता है की ईवीएम ठीक काम कर रही है या नहीं? EVM से सबंधित फेक न्यूज फैलाने पर कानूनन 2 साल की जेल और 1 लाख का जुर्माना है।”

बता दें कि नेहा सिंह राठौर लगातार भ्रामक दावों के लिए जानी जाती हैं। उन्हें कई वीडियो के लिए कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ा है। हालाँकि चुनाव आयोग ने फेक न्यूज फैलाने के मामले में नेहा सिंह राठौर के खिलाफ क्या कदम उठाया है, इस बात की जानकारी नहीं मिल पाई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘यहाँ मस्जिद थी, है और रहेगी’: संभल दंगे की न्यायिक जाँच आयोग रिपोर्ट में सपा सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का जिक्र 100+ बार, 199 साक्षियों...

संभल दंगों की न्यायिक जाँच आयोग की रिपोर्ट में सांसद जिया-उर-रहमान बर्क का 100 बार से भी अधिक बार जिक्र। वो भी सबूतों के साथ।

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।
- विज्ञापन -