Saturday, November 28, 2020
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जुमे की नमाज के बाद सीरिया के ऑर्थोडॉक्स चर्च पर इस्लामी भीड़ का हमला: क्रॉस उखाड़ कर फेंका

एक स्थानीय मस्जिद में नमाज के बाद भीड़ सीरिया के इस चर्च की ओर निकली और इस हमले को अंजाम दिया। इसे फ्रांस के खिलाफ दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के रूप में देखा जा रहा है। इसे मुस्लिम भीड़ का ईसाईयों के खिलाफ हमला भी माना जा रहा है।

जहाँ दुनिया भर में फ्रांस के खिलाफ मुस्लिम मुल्क माहौल बनाने में लगे हुए हैं, वहीं अब इसी क्रम में इसके धर्मस्थलों को भी निशाना बनाया जा रहा है। अब सीरिया में एक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर इस्लामी भीड़ ने हमला कर दिया और वहाँ स्थित क्रॉस को उखाड़ फेंका। ये हमला ‘सेंट सेर्गिअस एंड बच्चुस ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च’ में हुआ, जो रक़्क़ा के पास स्थित तब्क़ा शहर में स्थित है। शुक्रवार को जुमे के नमाज के बाद इस्लामी भीड़ ने ये हमला किया।

एक स्थानीय मस्जिद में नमाज के बाद भीड़ सीरिया के इस चर्च की ओर निकली और इस हमले को अंजाम दिया। इसे फ्रांस के खिलाफ दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के रूप में देखा जा रहा है। जहाँ ये हमला हुआ, वो इलाका कुर्दिश नेतृत्व वाले सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज के नियंत्रण में है, जिसे अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। इसीलिए, इसे मुस्लिम भीड़ का ईसाईयों के खिलाफ हमला भी माना जा रहा है।

सीरिया के जिस चर्च पर ये हमला हुआ, उसे आतंकी संगठन ISIS पहले ही तबाह कर चुका है। तब्क़ा की स्थानीय सरकार डमस्कस की सरकार से स्वतंत्र रूप से खुद को संचालित करती है और उसने कुछ महीनों पहले ही ISIS द्वारा उखाड़ कर फेंके गए क्रॉस को फिर से स्थापित करवाया था। ईसाई शरणार्थी शहर में वापस आएँ, इसीलिए ये कदम उठाया गया था। ISIS अब तुर्की के साथ मिल कर एक कट्टरवादी समूह को ऐसी हरकतें करने के लिए भड़का रहा है।

‘पेट्रियोटिक वॉइसेस’ की अध्यक्ष नदीन मेंज़ा ने कहा कि वो 1 दिन पहले ही यहाँ आई थी और अब इसका क्रॉस गायब है, जो डर कायम करने के लिए किया गया है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि कुछ समूह अमेरिका समर्थित सुरक्षा एजेंसियों की मदद भी कर रहे हैं, ताकि ISIS द्वारा ध्वस्त की गई संरचनाओं का पुनर्निर्माण हो सके। इससे पहले यहाँ कई चर्च हुआ करते थे और यहाँ ऑर्थोडॉक्स ईसाईयों की अच्छी-खासी संख्या थी।

बता दें कि फ्रांस के विरोध में चल रहे विरोध प्रदर्शन से भारत भी अछूता नहीं है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने माँग की है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव फ्रेंच प्रॉडक्ट्स को राज्य में प्रतिबंधित करें। ‘तेलंगाना कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक सेल’ के अध्यक्ष शेख अब्दुला सोहैल ने कई मुस्लिमों के साथ शुक्रवार (अक्टूबर 30, 2020) को एर्रागड्डा के प्रभात नगर स्थित मस्जिद-ए-रहमानिया के पास जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने बयान में इस्लाम का अपमान किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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