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कहाँ गए जैक मा, लुसी क्यों बनी फेस? कम्युनिस्ट सरकार की आलोचना के बाद से चीनी अरबपति के साथ क्या हो रहा

56 साल के जैक मा एक समय में कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे बड़े पोस्टर बॉय थे। लेकिन जब उन्होंने चीनी प्रशासन के ख़िलाफ़ बोलना शुरू किया तो दोनों के रिश्तों में खटास आ गई।

चीन की कम्युनिस्ट सरकार और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ख़िलाफ़ बोलने वाले चीनी अरबपति जैक मा के साथ एक अजीब घटना हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक अफ्रीकन टैलेंट शो से अचानक गायब कर उनकी जगह किसी और को दे दी गई। शो के वेबपेज से भी उनकी तस्वीर हटा दी गई और प्रमोशनल वीडियो से भी उन्हें अलग कर दिया गया।

अफ्रीकन बिजनेस हीरोज नाम के शो का ग्रांड फिनाले नवंबर में हुआ था। इसके कुछ दिन बाद ही चीन के अरबपति ने चीन के नियामकों और उनके स्वामित्व वाले बैंकों की तीखी आलोचना की थी। उनके भाषण के बाद चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने जैक मा के बयानों के ख़िलाफ़ कड़ी प्रतिक्रिया दी और जैक मा की एंट कंपनी को मिलने वाली 37 बिलियन डॉलर की आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (initial public offering) चीन अधिकारियों द्वारा निलंबित कर दी गई। वॉल स्‍ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक जैक मा के एंट ग्रुप के आईपीओ को रद्द करने का आदेश सीधा चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से आया था। 

इस निलंबन के बाद जैक मा सार्वजनिक स्थलों पर नहीं दिखे यानी वह पूरे दो माह से गायब हैं। इधर, चीनी अधिकारियों ने अलीबाबा के ख़िलाफ़ एंटी-मोनोपॉली की जाँच की घोषणा कर दी है। वहीं जैक मा के शो की यदि बात करें तो उससे गायब होने के पीछे अलीबाबा के प्रवक्ता ने बताया कि शो शेड्यूल के कारण जैक मा अफ्रीका के बिजनेस हीरो कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बन पाए। मगर, अलीबाबा के प्रवक्ता के इस बयान से कई लोग सहमत नहीं हैं।

लोग इस बात को नहीं मान पा रहे कि जैक एक ऐसा प्रोग्राम केवल शेड्यूल के कारण छोड़ सकते हैं जिसका प्रमुख चेहरा ही वह खुद थे। सैयद अकबरुद्दीन लिखते हैं कि ये स्थिति बिलकुल ऐसी है जैसे कौन बनेगा करोड़पति से अमिताभ बच्चन गायब हो जाएँ, सिर्फ़ इसलिए क्योंकि शेड्यूल को लेकर उनका विवाद हो गया हो।

बता दें कि जैक मा को लुसी पेंग से रिप्लेस किया गया है। वह भी अलीबाबा का ही एक हिस्सा है। लेकिन जैक मा के न होने से शो के प्रतिभागी में से एक का कहना है कि जैक मा के साथ चीन में कुछ हो रहा है इसलिए वह यहाँ नहीं आ पाए और उनकी जगह लुसी आई हैं।

56 साल के जैक मा एक समय में कम्युनिस्ट पार्टी के सबसे बड़े पोस्टर बॉय थे। लेकिन जब उन्होंने चीनी प्रशासन के ख़िलाफ़ बोलना शुरू किया तो दोनों के रिश्तों में खटास आ गई। दुनियाभर में करोड़ों लोगों के आदर्श रहे जैक मा ने सरकार से आह्वान किया था कि ऐसे सिस्‍टम में बदलाव किया जाए जो ‘बिजनस में नई चीजें शुरू करने के प्रयास को दबाने’ का प्रयास करता है। उन्‍होंने वैश्विक बैंकिंग नियमों को ‘बुजुर्ग लोगों का क्‍लब’ करार दिया था। 

गौरतलब है कि इससे पहले शी जिनपिंग की आलोचना करने वाले प्रॉपर्टी बिजनसमैन रेन झिकियांग लापता हो गए थे। उन्‍होंने कोरोना से सही से नहीं निपटने के लिए शी जिनपिंग को ‘मसखरा’ बताया था। बाद में उन्‍हें 18 साल के लिए जेल भेज दिया गया। चीन के एक अन्‍य अरबपति शिआन जिआनहुआ वर्ष 2017 से नजरबंद हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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