Friday, June 21, 2024
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भारत से पंगे के बाद कनाडाई जनता जस्टिन ट्रूडो से नाराज, 69 प्रतिशत लोगों की राय-चेहरा बदले लेबर पार्टी, वर्ना चुनाव में मिलेगी करारी मात

ग्लोबल न्यूज ने ये सर्वे हाल ही में किया है, जिसने कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के लिए बड़ी चिंताए खड़ी की है। ग्लोबल न्यूज इस नए सर्वेक्षण के अनुसार, 69 प्रतिशत कनाडाई नागरिकों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को 2024 में इस्तीफा दे देना चाहिए।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में जब से भारत से पंगा लिया है, तब से उनकी राजनीतिक साख गिर रही है। एक सर्वे के मुताबिक, दो-तिहाई से अधिक कनाडाई लोग चाहते हैं कि 2024 में चुनाव से पहले जस्टिन ट्रूडो को प्रधानमंत्री पद की कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। अगर वो नहीं छोड़ते हैं, तो फिर वो दूसरा विकल्प भी खोंजेंगे।

ग्लोबल न्यूज ने ये सर्वे हाल ही में किया है, जिसने कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के लिए बड़ी चिंताए खड़ी की है। ग्लोबल न्यूज इस नए सर्वेक्षण के अनुसार, 69 प्रतिशत कनाडाई नागरिकों का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को 2024 में इस्तीफा दे देना चाहिए। अधिकांश कनाडियाई चाहते हैं कि लिबरल पार्टी को अपने सहयोगियों को बदल देना चाहिए।

सर्वे एजेंसी इपसोस पब्लिक अफेयर्स के सीईओ डैरेल ब्रिकर का कहा है कि ट्रूडो से नाराजगी अलग-अलग लोगों की अलग-अलग तरह की है। हालाँकि, सर्वे में कई लोगों ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो लिबरल पार्टी के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका छोड़ेंगे।

ब्रिकर ने कहा, “लोग बदलाव चाहते हैं। अगले चुनाव में लिबरल पार्टी को बदलाव करना चाहिए। चूँकि मैं पोइलिवरे (विपक्षी पार्टी के नेता) को वोट नहीं देना चाहता और न ही सिंह (जगमीत सिंह-एनडीपी के नेता) को वोट देना चाहता हूँ, ऐसे में लिबरल पार्टी को नया चेहरा सामने करना चाहिए।”

बता दें कि कनाडा की राजनीति में बहुदलीय व्यवस्था है। इस समय कनाडा में लिबरल पार्टी सत्ता में है। लिबरल पार्टी के नेता के तौर पर जस्टिन ट्रूडो साल 2015 से देश की कमान संभाल रहे हैं। उनकी अगुवाई में पार्टी दो चुनाव पार्टी जीत चुकी है।

सत्ता में बने रहने के लिए उन्होंने न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ हाथ मिलाया है, जिसके नेता जगमीत सिंह हैं। जगमीत सिंह खालिस्तान समर्थक माने जाते हैं। वहीं, विपक्ष में कंजर्वेटिव पार्टी है, जिसके नेता साल 2022 से पिएरे पोइलिवरे हैं।

इस समय कनाडा में लिबरल पार्टी के 158 सांसद हैं। उसकी सहयोगी एनडीपी के पास 25 सांसद हैं। विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के 117 सांसद हैं तो ब्लॉक क्यूबेकॉइएस के पास 32 सांसद हैं। ग्रीन पार्टी के दो सांसद और तीन सांसद निर्दलीय हैं।

साल 2025 में चुनाव, ट्रूडो के लिए राह कठिन?

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो पिछले कई सालों से सत्ता में हैं, लेकिन लोग चाहते हैं कि अब लिबरल पार्टी को उनकी जगह किसी और चेहरे को लाना चाहिए। कनाडा की राजनीतिक में लिबरल पार्टी, कंजर्वेटिव पार्टी, न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी और ब्लॉक क्यूबेकॉइएस नाम की पार्टियों का दबदबा है।

चूँकि कनाडा का इस समय भारत और चीन जैसे देशों के साथ तनावपूर्ण संबंध हैं। इसके साथ ही जस्टिन ट्रूडो की लोकप्रियता भी तेजी से गिर रही है। ऐसे में माना जा सकता है कि लिबरल पार्टी ट्रूडो की जगह कोई और चेहरा भी ले आ सकती है।

सबसे कम अप्रूवल रेटिंग वाले प्रधानमंत्री

कनाडा की राजनीति पर एंगुस रीड इंस्टीट्यूट (एआरआई) नाम के संस्थान ने एक सर्वे जारी किया है, जिसमें लिबरल पार्टी पिछड़ रही है। इस सर्वे में कंजर्वेटिव पार्टी पूरे 17 अंकों से ट्रूडो की लिबरल पार्टी पर बढ़त बनाए हुए है। इस सर्वे के मुताबिक, अगर अभी फेडरल चुनाव कराए जाते हैं, तो लिबरल पार्टी की बुरी हार होगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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