Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपाकिस्तानी संसद में जमकर चले लात-घूसे, महिला सांसदों को भी नहीं छोड़ा, लगे 'गो...

पाकिस्तानी संसद में जमकर चले लात-घूसे, महिला सांसदों को भी नहीं छोड़ा, लगे ‘गो नियाजी गो’ के नारे

संसद में हुए इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहाँ पर पाक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री इमरान खान और सेनाध्यक्ष बाजवा भी मौजूद थे। लेकिन विपक्ष के नेता लगातार अपनी ऊँची आवाज में इमरान सरकार को आर्थिक, रक्षा और विदेशी मामलों समेत सभी मोर्चों पर फेल बताते रहे।

एक ओर पाकिस्तान भारत को परमाणु की धमकी दे रहा है, दूसरी ओर उसके खुद के मुल्क की संसद में नेता आपस में लात-घूसे चला रहे हैं और साथ में इमरान सरकार के ख़िलाफ़ नारे भी लगा रहे हैं। इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। जिसके बाद पाकिस्तानी लोग नेताओं को खूब भला बुरा बोल रहे हैं और उनका मजाक भी उड़ा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इमरान खान सरकार के एक साल पूरा होने पर बुलाए गए संयुक्त अधिवेशन में राष्ट्रपति आरिफ अल्वी के भाषण के दौरान सदन में इमरान खान के ख़िलाफ़ ही नारेबाजी शुरू हो गई। जैसे ही राष्ट्रपति अल्वी ने इमरान सरकार को एक साल पूरा करने पर बधाई दी, कि तभी संसद में हंगामा शुरू हो गया।

विपक्ष के नेता इमरान की विदेश नीतियों पर सवाल उठाने लगे, कश्मीर मामले पर फजीहत होने के लिए इमरान सरकार को कोसने लगे और ‘गो नियाजी गो’ के नारे लगते रहे, यहाँ उल्लेखनीय है कि इमरान खान का नाम इमरान अहमद खान नियाजी हैं। जिसके कारण विपक्षी उनकी तुलना इस नारे के बहाने जेनरल नियाजी से कर रहे थे। वो नियाजी, जिनकी अगुआई में पाकिस्तान को भारत से मुँह की खानी पड़ी थी।

संसद में हुए इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वहाँ पर पाक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री इमरान खान और सेनाध्यक्ष बाजवा भी मौजूद थे। लेकिन विपक्ष के नेता लगातार अपनी ऊँची आवाज में इमरान सरकार को आर्थिक, रक्षा और विदेशी मामलों समेत सभी मोर्चों पर फेल बताते रहे।

विपक्षी पार्टियों को नारेबाजी करते देख सत्ताधारी पार्टी पीटीआई के सांसद भी आक्रामक हो गए और वह नारेबाजी कर रहे सांसदों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इस दौरान महिला सांसद के साथ भी धक्का-मुक्की की बात सामने आई। इसके बाद ये हंगामा थमने की बजाए और भी ज्यादा बढ़ गया। गो नियाजी गो से पाकिस्तानी संसद गूँजती रही, मार्शलों को भी मामला शांत करवाने के लिए बुलवाया गया, लेकिन नेता अपने काबू से बाहर होकर एक दूसरे पर लात-घूसा चलाते रहे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पाकिस्तानी फौज ने लगाई आग, हफ्ते भर जलता रहा भगवान जगन्नाथ का रथ: पढ़े- 500 साल पुरानी धमराई की ऐतिहासिक यात्रा की कहानी, बांग्लादेश...

बांग्लादेश के धमराई की ऐतिहासिक रथ यात्रा कभी पुरी से अधिक भव्य मानी जाती थी, लेकिन 1971 में पाकिस्तान फौज की कार्रवाई ने इसकी पहचान बदल दी।

मिडिल ईस्ट फिर बना वॉर जोन, क्या इस बार तैयार हैं हम?: जानें- भारत के सामने खड़ी हैं कैसी चुनौतियाँ, अग्निपरीक्षा की इस घड़ी...

पश्चिम एशिया संकट से वैश्विक अर्थव्यवस्था बेपटरी हो रही है। हॉर्मुज नाकाबंदी के बीच देश को आर्थिक मार से बचने के लिए मोदी सरकार तैयार है।
- विज्ञापन -