Homeदेश-समाजजून में कहा- निकाह क्यों करनी, नवंबर में तस्वीरें दिखा दुनिया को दी निकाह...

जून में कहा- निकाह क्यों करनी, नवंबर में तस्वीरें दिखा दुनिया को दी निकाह की खबर: जानिए कौन हैं मलाला के शौहर असर

असर क्रिकेट की दुनिया से जुड़े हैं। वे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के हाई फरफॉरमेस जनरल मैनेजर हैं। वे 2020 में पीसीबी से जुड़े थे।

शांति का नोबल पुरस्कार पाने वाली मलाला युसुफजई (24) ने निकाह कर लिया है। उन्होंने मंगलवार 9 नवंबर को ट्वीट कर इसके बारे में जानकारी दी। मलाला ने लिखा, “आज का दिन मेरे जीवन का एक अनमोल दिन है। जीवन भर का साथ निभाने के लिए असर और मैंने निकाह कर लिया है। अब हम एक साथ जीवन बिताने के लिए उत्साहित हैं।”

उन्होंने बताया कि निकाह ब्रिटेन के बर्मिंघम स्थित उनके घर पर एक छोटे से कार्यक्रम हुआ। इसकी कुछ तस्वीरें भी शेयर की। उनके शौहर का नाम असर मलिक है। रिपोर्ट के अनुसार असर क्रिकेट की दुनिया से जुड़े हैं। वे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के हाई परफॉर्मेंस जनरल मैनेजर हैं। वे 2020 में पीसीबी से जुड़े थे। उन्होंने लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज से 2012 में अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन किया था।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से जुड़ने से पहले असर मलिक प्लेयर मैनेजमेंट एजेंसी में प्रबंध निदेशक थे। पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) फ्रेंचाइजी मुल्तान सुल्तान से भी उनका जुड़ाव रहा है। उन्हें वहाँ ऑपरेशनल मैनेजर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौरतलब है कि मलाला को 2012 में वैश्विक पहचान तब मिली जब पाकिस्तान में लड़कियों की शिक्षा की पैरोकारी पर तालिबान ने उनके सिर में गोली मार दी थी। उस वक्त वह 15 साल की थीं।

जब मलाला ने कहा- निकाह क्यों करनी

ट्विटर के जरिए निकाह की खबर देने वाली मलाला इसी साल जून में अपने एक बयान को लेकर पाकिस्तान में विवादों में आ गईं थी। दरअसल ब्रिटिश पत्रिका वोग को दिए साक्षात्कार में उन्होंने निकाह पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, “मुझे समझ नहीं आता कि क्यों लोगों का निकाह करना जरूरी है। यदि आप अपने जीवन में कोई व्यक्ति चाहते हैं, तो आपको निकाह के कागजात पर दस्तखत करने की क्या जरूरत है। यह केवल साझेदारी क्यों नहीं हो सकती?”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -