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हिंदुओं के ख़िलाफ़ बयानबाजी करने पर मलेशिया सरकार ने जाकिर नाइक को भेजा नोटिस, होगी पूछताछ

"मलेशिया में रहने वाले हिंदु मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से ज्यादा नरेंद्र मोदी के प्रति वफादार हैं।" - जाकिर नाइक के इस स्टेटमेंट के कारण मलेशिया के गृहमंत्री ने...

अपने भाषणों से युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाने और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों के आरोपित जाकिर नाइक पर मलेशिया सरकार ने अपना शिकंजा कसा दिया है। दरअसल, मलेशिया के हिंदु नागरिकों के बारे में विवादस्पद टिप्पणी करने पर वहाँ की सरकार ने समन जारी कर जाकिर नाइक को पूछताछ के लिए बुलाया है। जाकिर पर हुई ये कार्रवाई वहाँ के कई नेताओं द्वारा उसके भड़काऊ बयान पर आपत्ति जताने के बाद आई है।

खबरों की मानें तो वहाँ के गृहमंत्री मुहिद्दिन यासीन ने बताया है कि पुलिस जाकिर नाइक और अन्य कुछ लोगों से उस संबंध में पूछताछ करेगी, जिसमें नाइक ने मलेशिया के हिंदुओं को लेकर बयान दिया। बता दें कि भारत से भागे नाइक पर इस समय नस्लीय टिप्पणी करने और लोगों की भावनाओं को भड़काने का आरोप है।

आजतक की खबर के मुताबिक मलेशिया के गृह मंत्री मुहिद्दिन यासीन ने इस मामले पर बात करते हुए बताया कि पुलिस ने इस मामले के संबंध में कई अन्य व्यक्तियों को पूछताछ के लिए बुलाया था, जिनमें से कुछ पर नजर रखी जा रही है। पर्याप्त सबूत होने पर दंड संहिता की धारा 504 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि मलेशियाई दंड संहिता की धारा 504 में किसी समुदाय को नीचा दिखाने पर कार्रवाई करने का प्रावधान है।

इसके अलावा मलेशिया के गृहमंत्री मुहिद्दिन ने अपने बयान में कहा, “मैं सभी राजनैतिक पार्टियों और गैर-नागरिक लोगों को याद दिलाना चाहता हूँ कि जो भी जनता की शांति और सद्भाव को खतरे में डालने की कोशिश करेगा, मेरे मंत्रालय में आने वाली प्रवर्तन एजेंसियाँ उन पर कानूनी कार्रवाई करने से पहले दो बार नहीं सोचेगी।” उन्होंने बताया कि मलेशिया में नस्ल और धर्म बहुत संवेदनशील मुद्दे हैं। वहाँ 32 मिलियन की आबादी के साथ 60 प्रतिशत मुस्लिम हैं जबकि बाकी सब या तो चीन के हैं या फिर भारत के। इनमें अधिकतर भारतीय हैं।

गौरतलब है कि पिछले 3 साल से मलेशिया की शरण में रहकर जाकिर नाइक ने वहाँ के हिंदुओं के बारे में कहा था कि वह मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद से ज्यादा नरेंद्र मोदी के प्रति वफादार हैं। जिसके बाद वहाँ के एचआरडी मंत्री के कुलसेरगन ने नाईक के ख़िलाफ़ आवाज उठाई थी और उस पर तुरंत एक्शन लेने की माँग की थी।

इस दौरान वहाँ के एचआरडी मंत्री ने कहा था, “जाकिर नाइक एक बाहरी व्यक्ति है, जो एक भगोड़ा है और उसे मलेशियाई इतिहास की बहुत कम जानकारी है, इसलिए, उसे मलेशियाई लोगों को नीचा दिखाने जैसा विशेषाधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। इससे ज्यादा उसकी देश के प्रति वफादारी भी संदिग्ध है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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