Tuesday, May 18, 2021
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जुमे की रात AK-47 से स्कूल पर हमला, 400 छात्र लापता; 6 साल पहले उठाई गई 100 छात्राओं का आज भी सुराग नहीं: बंदूकधारियों से दहशत में नाइजीरिया

ईसा ने कहा कि पुलिस और हमलावरों के बीच गोलीबारी चलती रही। उन्होंने कहा कि 400 छात्र लापता हैं, जबकि 200 का पता लगाया जा चुका है। बताया जा रहा है कि स्कूल में 600 से अधिक छात्र पढ़ते हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 800 बताई जा रही है।

नाइजीरिया में बंदूकधारियों ने फिर से एक स्कूल को निशाना बनाया है। एक सेकेंडरी स्कूल पर हुए इस हमले के बाद से सैकड़ों छात्र लापता हैं। नाइजीरिया में 2014 में इसी तरह बोको हरम के आतंकियों ने एक हॉस्टल से 276 लड़कियों को उठा लिया था।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ताजा हमला नाइजीरिया के पश्चिमोत्तर प्रांत केटसीना के एक स्कूल पर किया गया। शुक्रवार 11 दिसंबर 2020 की रात इस हमले को अंजाम देने वाले बंदूकधारी AK 47 से लैस थे। केटसीना प्रांत की पुलिस के प्रवक्ता गेंबो ईसा ने एक बयान में यह जानकारी दी है।

ईसा ने कहा कि पुलिस और हमलावरों के बीच गोलीबारी चलती रही। उन्होंने कहा कि 400 छात्र लापता हैं, जबकि 200 का पता लगाया जा चुका है। बताया जा रहा है कि स्कूल में 600 से अधिक छात्र पढ़ते हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या 800 बताई जा रही है।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस, नाइजीरियाई सेना और नाइजीरियाई वायु सेना लापता छात्रों की वास्तविक संख्या का पता लगाने के लिए स्कूल अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। खोजी दल लापता छात्रों को खोजने के लिए काम कर रहे हैं। एक स्थानीय निवासी मंसूर बेल्लो ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि इस हमले में हमलावर कुछ छात्रों को अपने साथ ले गए हैं। 

नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मद बुहारी ने हमले की निंदा करते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि पुलिस और सेना अभी भी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कितने का अपहरण किया गया और कितने लापता हुए हैं। इस घटना के बाद से अभिवावक दहशत में हैं।

नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में इस्लामवादी आतंकवादियों द्वारा हमले भी अक्सर होते रहते हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि इस हमले को उत्तर पश्चिमी नाइजीरिया में सक्रिय डाकुओं के समूहों ने अंजाम दिया है। समूह फिरौती के लिए लोगों का अपहरण करने के लिए कुख्यात हैं। हालाँकि अभी इस पर स्पष्टता आनी बाकी है। कुछ लड़कों ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि उन्होंने पूरी रात आस-पास की झाड़ियों में छिपकर अपनी जान बचाई और सुबह अपने-अपने घर लौट आए।

2014 में 276 लड़कियों का हुआ था अपहरण

नाइजीरिया में इस तरह की घटनाएँ वहाँ पहले भी घट चुकी है। स्कूल पर हमले और छात्रों के अपहरण की सबसे गंभीर घटना अप्रैल 2014 में हुई थी। उस घटना में आतंकी समूह बोको हरम ने पूर्वोत्तर बोर्नो राज्य के चिबोक में स्कूल के छात्रावास से 276 लड़कियों का अपहरण कर लिया था। अपहरण की गई गई 276 लड़कियों में से 100 लड़कियाँ आज भी लापता है। उनसे जुड़ी कोई खबर या सुराग नहीं मिल पाया है।

110 किसानों को उतारा मौत के घाट

नवंबर 2020 के अंत में बोको हरम ने कम से कम 110 किसानों को मौत के घाट उतार दिया था। इनमें से तकरीबन 30 की तो गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। आतंकियों ने यहाँ एक गाँव पर हमला बोला। यहाँ खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों को आंतकियों ने निशाना बनाया। उन्हें पकड़कर पहले उनके हाथ-पाँव बाँध दिए और फिर सबका गला रेत दिया। बेरहमी से की गई इस हत्या ने सभी को झकझोर कर रख दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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