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रक्षा प्रमुखों ने ईस्टर हमलों से संबंधित ख़ुफ़िया जानकारी मुझे नहीं दी: श्री लंका राष्ट्रपति

मैत्रीपाल सिरिसेना के इस बयान से पहले श्री लंका के सेना प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायक ने कहा था कि 21 अप्रैल को हुए बम धमाकों को अंजाम देने वाले कुछ हमलावरों ने कश्मीर और केरल की यात्रा की थी लेकिन राष्ट्रपति सिरिसेना ने कहा कि आत्मघाती हमलावरों के भारत की यात्रा करने से संबंधित कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना ने शुक्रवार (मई 31, 2019) को कहा कि उन्हें ईस्टर के मौके पर हुए हमले में शामिल आत्मघाती हमलावरों के भारत की यात्रा करने से संबंधित कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। बिमस्टेक (BIMSTEC) देश के प्रमुखों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आए सिरिसेना ने कहा कि 21 अप्रैल को हुए बम धमाकों को लेकर भारतीय खुफिया एजेंसी द्वारा भेजे गए अलर्ट के बारे में श्री लंका रक्षा प्रमुखों ने कोई जानकारी नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने श्री लंका की सुरक्षा एजेंसियों को 4 अप्रैल को एक स्पष्ट रिपोर्ट भेजी थी जिसमें संभावित हमले की जानकारी दी गई थी। इस मुद्दे पर रक्षा सचिव और पुलिस महानिरीक्षक के बीच पत्रों और पत्राचार का आदान-प्रदान किया गया था।

सिरिसेना ने कहा, “मैं 4 अप्रैल से 16 अप्रैल तक श्रीलंका में था। हालाँकि, किसी भी रक्षा प्रमुख ने मुझे इस तरह की खुफिया जानकारी के बारे में जानकारी नहीं दी थी। अगर मुझे इस संभावना के बारे में पता होता तो मैं देश छोड़कर कभी नहीं जाता और यही कारण है कि मैंने रक्षा सचिव और पुलिस महानिरीक्षक को हटाने की कार्रवाई की है।” इसके साथ ही सिरिसेना ने कहा कि हमलों की जाँच में श्रीलंका को भारत, ब्रिटेन और अमेरिका का साथ मिला। उन्होंने कहा कि जाँच में पाया गया कि अपराधियों ने एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के तहत काम किया। श्री लंकाई आतंकवादियों ने उन देशों में प्रशिक्षण प्राप्त किया था, जहाँ अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूह काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि, मैत्रीपाल सिरिसेना के इस बयान से पहले श्रीलंका के सेना प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायक ने कहा था कि 21 अप्रैल को हुए बम धमाकों को अंजाम देने वाले कुछ हमलावरों ने कश्मीर और केरल की यात्रा की थी। उन्होंने आशंका जताई थी कि हो सकता है कि वो लोग वहाँ पर आतंकी ट्रेनिंग लेने के लिए गए होंगे। वहीं, उन्होंने इस यात्रा के पीछे का उद्देश्य बताते हुए कहा था कि यह किसी तरह के प्रशिक्षण के लिए या देश के बाहर मौजूद संगठनों के साथ लिंक स्थापित करने के लिए की गई यात्रा हो सकती थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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