Thursday, June 20, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयहाँ, हैं हमारे यहाँ जिहादी, इस्लामी चरमपंथी आतंकी: पाकिस्तानी सेना

हाँ, हैं हमारे यहाँ जिहादी, इस्लामी चरमपंथी आतंकी: पाकिस्तानी सेना

“पहले की सरकारें आतंकियों की मेहरबानी करने में व्यस्त रही हैं, हर सुरक्षा एजेंसी इसी में व्यस्त रही है। इस वजह से हम प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ उस रणनीति को बनाने में नाकाम रहे हैं, जो हम आज बना रहे हैं।”

सालों तक अपनी जमीन पर जिहादी आतंकी होने के खुले रहस्य को नकारने के बाद आख़िरकार पाकिस्तान को उसे स्वीकारना पड़ रहा है। पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस के महानिदेशक मेजर जनरल आसिफ गफूर ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर यह स्वीकारोक्ति कर ली है कि उनके देश में हिंसक चरमपंथी इस्लामी संगठन और जिहादी मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब तक की पाकिस्तानी सरकारें इससे लड़ने में नाकाम रहीं हैं।

करता रहा भारत के दावे का विरोध

अब तक हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान भारत के इस दावे का विरोध करता रहा है कि उसकी ज़मीन पर इस्लामी दहशतगर्दों को खाद-पानी मिलता है। यह पहली बार है कि उसने अपने समाज और देश में मौजूद चरमपंथियों को स्वीकार किया है।

‘गँवाए हैं लाखों डॉलर’, पहले की सरकारें नाकाम

मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा, “हमने हिंसक चरमपंथी संगठनों और जिहादी संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया है और हम उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि दहशतगर्दी का समूल नाश करने के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है, और उनके देश ने इस दहशत के साम्राज्य के कारण बहुत नुकसान उठाया है। उन्होंने कहा, “हमने आतंकवाद के कारण लाखों डॉलर गँवाए हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि उनके देश की पूर्ववर्ती सरकारें इस सबसे निपटने में नाकाम रहीं हैं। उन्होंने स्वीकारा, “सरकारें मेहरबानी करने में व्यस्त रही हैं और हर सुरक्षा एजेंसी इसी में व्यस्त रही है। इस वजह से हम प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ उस रणनीति को बनाने में नाकाम रहे हैं, जो हम आज बना रहे हैं।”

बालाकोट पर झूठ बरकरार

पाकिस्तान ने सच की इस एक स्वीकारोक्ति को भी बिना झूठ के नहीं रहने दिया। बालाकोट में कोई नुकसान नहीं होने के अपने झूठ पर कायम मेजर गफूर ने कहा, “बालाकोट में हमें कोई नुकसान नहीं हुआ, हमने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया को ले जाकर दिखा दिया। हम हिन्दुस्तानी मीडिया को भी ले जाने को तैयार हैं।”

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UGC-NET जून 2024 परीक्षा रद्द, 18 जून को 11.21 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा: साइबर क्राइम सेल से मिला सेंधमारी का इनपुट,...

परीक्षा प्रक्रिया की उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि यूजीसी-नेट जून 2024 परीक्षा रद्द की जाए।

मंच से उड़ा रहे थे भगवान राम और माता सीता का मजाक, नीचे से बज रही थी सीटी: एक्शन में IIT बॉम्बे, छात्रों पर...

भगवान का मजाक उड़ाने वाले छात्रों के खिलाफ 1.20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं कुछ छात्रों को हॉस्टल से निलंबित भी किया गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -