Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयपाकिस्‍तान सरकार ने हिंदुओं की बस्‍ती पर चलवाया बुलडोजर, चिलचिलाती गर्मी में बेघर हुए...

पाकिस्‍तान सरकार ने हिंदुओं की बस्‍ती पर चलवाया बुलडोजर, चिलचिलाती गर्मी में बेघर हुए सैकड़ों लोग, देखें वीडियो

चिलचिलाती धूप में अल्‍पसंख्‍यक हिंदुओं के परिवारों के महिला पुरुष, बच्‍चे और बुजुर्ग चिल्लाते और दया की याचना करते रहे, लेकिन इमरान सरकार के मंत्रियों का उनके प्रति दिल नहीं पसीजा और इन सभी परिवारों के सामने ही उनका घर चंद मिनटों में गिराकर मलबे में तब्दील कर दिया गया। इन सभी का आशियाना मलबे के नीचे दब गया।

कोरोना महामारी के संकट में जब दुनिया भर के देशों में सरकारें अपने नागरिकों से घरों में रहने का आग्रह कर रहीं है, तब पाकिस्तान में सरकार के इशारे पर हिंदुओं की बस्ती उजाड़ दी गई। बहावलपुर में इमरान सरकार के मंत्री के नेतृत्व में हिंदुओं के घर जमीदोंज कर दिए गए।

पाकिस्तान के गृह मंत्री तारिक बशीर चीमा की निगरानी में चिलचिलाती गर्मी में अल्‍पसंख्‍यक हिंदुओं के घरों को बुलडोजर से गिरवा दिया गया। बता दें कि तारिक बशीर चीमा, पाक पीएम इमरान खान के कैबिनेट के सदस्य भी हैं। इस दौरान चीमा के साथ पाकिस्तान के प्रधान सूचना अधिकारी शाहिद खोखर भी मौजूद थे।

चिलचिलाती धूप में अल्‍पसंख्‍यक हिंदुओं के परिवारों के महिला पुरुष, बच्‍चे और बुजुर्ग चिल्लाते और दया की याचना करते रहे, लेकिन इमरान सरकार के मंत्रियों का उनके प्रति दिल नहीं पसीजा और इन सभी परिवारों के सामने ही उनका घर चंद मिनटों में गिराकर मलबे में तब्दील कर दिया गया। इन सभी का आशियाना मलबे के नीचे दब गया और ये परिवार आँसू बहाते देखते रह गए।

ये मंजर बेहद दर्दनाक था जब बुलडोजर लोगों के घरों को बेरहमी से तोड़ रहे थे और महिलाएँ, पुरुष और बच्चे रहम की भीख माँग रहे थे। हिंदुओं के घरों पर बुलडोजर चलने की दर्दनाक तस्वीरें देख हर कोई दहल गया।

विडंबना यह है कि यह घटना तब सामने आई जब पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहने के लिए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सरकार पर हमला किया।

हाल ही में इसी तरह की एक घटना पंजाब प्रांत के खानवेल जिले में घट चुकी है। वहाँ इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के एक प्रभावशाली नेता के इशारे पर ईसाई समुदाय के घरों और कब्रिस्तान को उजाड़ दिया गया

पाकिस्तान मानवाधिकारों के उल्लंघन की ऐसी घटनाओं के लिए काफी पहले से बदनाम है। सिंध और पाकिस्तान के अन्य हिस्सों से ऐसी बेशुमार घटनाएँ सामने आती हैं जहाँ हिंदू लड़कियों को अगवा कर धर्म परिवर्तन कर दूसरे मजहब में निकाह करा दिया जाता है। पाकिस्तान की विभिन्न सरकारों ने कई मौकों पर देश में अल्पसंख्यक समुदायों के हितों की रक्षा करने का वादा किया है। लेकिन अल्पसंख्यकों पर बड़े पैमाने पर इस तरह के हमले एक अलग दास्तान बयाँ करते हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान से एक वीडियो सामने आया था, जिसके मुताबिक भील समुदाय के घरों में तोड़फोड़ की गई थी और एक हिन्दू लड़कों को किडनैप कर लिया गया था। तबलीगी जमात के किडनैपर लड़के को छोड़ने के लिए उसके परिवार से इस्लाम कबूल करने के लिए कहता है। मगर उसकी माँ का कहना था कि वो इस्लाम अपनाने से अच्छा मरना पसंद करेंगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -