Wednesday, April 1, 2020
होम रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय भारत से बात का फायदा नहीं, जब दो परमाणु संपन्न देश आमने-सामने होंगे तो...

भारत से बात का फायदा नहीं, जब दो परमाणु संपन्न देश आमने-सामने होंगे तो कुछ भी हो सकता हैं: इमरान खान

"वे कहते हैं कि जब दो परमाणु शक्ति संपन्न आमने-सामने होंगी तो कुछ भी हो सकता हैं। उन्होंने दोनों देशों के परमाणु शक्ति से संपन्न होने का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया को इस पर ध्यान देना चाहिए कि हम किन हालातों का सामना कर रहे हैं।"

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार (अगस्त 22,2019) को एक विदेशी अखबार से बातचीत के दौरान भारत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने अखबार को बताया कि अब वह भारत से बातचीत की अपील नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने सार्वजनिक रूप से परमाणु युद्ध की धमकी दी।

विदेशी अखबार से बात करते हुए पाक पीएम ने भारत के कड़े रुख पर शिकायत करते हुए कहा कि उन्होंने भारत से बार-बार बातचीत के लिए अनुरोध किया लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे नजरअंदाज कर दिया। उनके मुताबिक अब उनका भारतीय अधिकारियों से बात करने का कोई औचित्य नहीं रह गया। क्योंकि अब तक उनके सभी प्रयास असफल साबित हुए हैं।

उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत के दौरान कहा, “अब उनसे (भारत) बात करने का कोई फायदा नहीं है। मैंने बातचीत करने की सारी कोशिशें कर लीं। दुर्भाग्य है कि अब जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है कि मेरी शांति और बातचीत की सारी कोशिशों को उन्होंने तुष्टीकरण के तौर पर लिया।”

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

गौरतलब है कि पठानकोट पर हुए हमले के बाद भारत अपना पक्ष साफ कर चुका है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं करता तब तक भारत की उससे कोई बातचीत नहीं होगी। हालाँकि, इस हमले के बाद पाक पीएम इमरान अलग-अलग समयों पर बातचीत की अपील कर चुके हैं।

लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी का आतंकवाद के खिलाफ़ सख्त रुख देखते हुए पाक पीएम ने उन्हें फासीवादी और हिंदूवादी करार दिया है। साथ ही उनपर आरोप लगाया है कि वह कश्मीर में मुस्लिम बहुल आबादी का सफाया करके उसे हिंदू बहुल इलाके में बदलना चाहते हैं।

इमरान खान का मानना है कि भारत कश्मीर में प्रोपेगेंडा फैलाते हुए फर्जी ऑपरेशन भी चला सकता है, जिससे कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई करने के लिए आधार मिल सके।

अपनी बात में आगे जोड़ते हुए इमरान कहते हैं कि अगर युद्ध की ऐसी स्थिति आती है तो पाकिस्तान जवाब देने के मजबूर होगा। वे कहते हैं कि जब दो परमाणु शक्ति संपन्न आमने-सामने होंगी तो कुछ भी हो सकता हैं। उन्होंने दोनों देशों के परमाणु शक्ति से संपन्न होने का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया को इस पर ध्यान देना चाहिए कि हम किन हालातों का सामना कर रहे हैं।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनिया भर में संक्रमितों की कुल संख्या 853981, भारत में अब तक संक्रमितों की संख्या 1397, 35 मौतें

दुनिया भर में अब तक 853,981 लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 42,006 की मौत हो हुई है। 176,906 को सफलतापूर्वक रिकवर भी कर लिया गया है। भारत में 35 लोग अब तक इस संक्रमण से जान गॅंवा चुके हैं।

सिसली में शवों से भरे 12 जहाजों से लेकर वुहान के कोरोना तक: हमेशा गतिशील धनाढ्य वर्ग के कारण फैले ऐसे विषाणु

पैनडेमिक के पीछे कभी भी गरीब, पिछड़े और आम जीवन व्यतीत करने वालों का हाथ नहीं रहा। इसके पीछे प्राय: धनी, सुदृढ़, प्रवासी, धनाकांक्षी, गतिशील लोग होते थे और आज भी स्थिति वही है। फिर चाहे देश में पहला कोरोना केस बना वुहान से लौटा केरल का छात्र हो या लंदन से लौटी कनिका कपूर। सब एक समृद्ध समाज का हिस्सा हैं। जिनके लिए आज यहाँ कल वहाँ एक आम बात है।

तमिलनाडु में सामने आए कोरोना के 50 नए मामले, प्रदेश से निजामुद्दीन मरकज में शामिल हुए 1500, 501 की हुई पहचान

तमिलनाडु से 50 कोरोना के नए मरीज सामने आए हैं। आश्चर्य की बात यह कि इन 50 नए मरीजों में से 45 मरीज वह हैं, जिन्होंने दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए मजहबी सम्मेलन में हिस्सा लिया था। सम्मेलन में तमिलनाडु से शामिल होने वाले 501 जमातियों की पहचान हो गई है।

45 किचेन, रोज बाँटे जा रहे 75000 पैकेट: लगे हैं ‘सेवा भारती’ के 5000 कार्यकर्ता, गोमाता का भी रखा जा रहा ध्यान

पूरी दिल्ली में क्राउड मैनेजमेंट के लिए भी काम किया जा रहा है। जैसे, आनंद विहार में जब केजरीवाल सरकार ने हजारों-लाखों मजदूरों को यूपी सीमा पर ढाह दिया, तब वहाँ अफरातफरी मचने पर 250 संघ कार्यकर्ताओं ने जाकर लोगों को सँभालने में पुलिस की मदद की।

मक्का से लौटे, क्वारंटाइन का नियम तोड़ा, मुहर मिटाई: माँ-बेटे पॉजिटिव, पीलीभीत के 35 लोगों पर मुकदमा

अमरिया क्षेत्र के रहने वाले 35 लोग 25 फरवरी को उमरा करने के लिए सऊदी अरब गए थे, जो कि 20 मार्च को सऊदी अरब से मुंबई के एयरपोर्ट पहुँचे थे, जहाँ सभी की स्क्रीनिंग की गई। जाँच में संदिग्ध पाए जाने पर सभी लोगों को कोरोना वायरस संदिग्ध की मुहर लगाई गई थी।

जम्मू कश्मीर पर भारत को बदनाम करने में लगा है ध्रुव राठी, बलूचिस्तान पर साध लेता है चुप्पी

इसी बीच उसका एक और प्रोपेगंडा सामने आया है। वो कई देशों के स्वतंत्रता संग्राम पर भी वीडियो बनाता रहा है। इस दौरान वो जम्मू कश्मीर का नाम तो लेता है लेकिन कभी भी बलूचिस्तान के बारे में कुछ नहीं कहता।

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

केजरीवाल की खुली पोल: बिजली-पानी काट बॉर्डर पर छोड़ा, UP सरकार की बसें बनी सहारा

लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

मेरठ लॉकडाउन: मवाना और सरधना के मस्जिदों में छिपे थे 19 विदेशी मौलवी, प्रशासन को धोखा देने के लिए बाहर से बंद था ताला

मवाना में दारोगा नरेंद्र सिंह ने शहर काजी मौलाना नफीस, एडवोकेट असलम, नईम सौफी समेत अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 व 14 विदेशी अधिनियम, महामारी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

लाल सलाम की फट गई डफली, जिस अंबानी-अडानी को देते थे गाली… वही उद्योगपति आज कर रहे देश की मदद

डफली बजाने से अगर कोरोना से लड़ाई लड़ ली जाती तो शायद आज JNU के वामपंथी ब्रिगेड से ही सबसे ज्यादा डॉक्टर और वैज्ञानिक निकलते। अगर प्रोपेगेंडा पोर्टलों में लेख लिखने से कोरोना भाग जाता तो राणा अयूब, सदानंद धुमे और बरखा दत्त जैसे लोगों ने अब तक वैक्सीन का अविष्कार कर लिया होता।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

169,325FansLike
52,714FollowersFollow
209,000SubscribersSubscribe
Advertisements