Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयभारतीय UPI तकनीक अपनाने वाला पहला देश बना नामीबिया, किया ₹6680+ करोड़ का व्यापार:...

भारतीय UPI तकनीक अपनाने वाला पहला देश बना नामीबिया, किया ₹6680+ करोड़ का व्यापार: PM मोदी बोले- हमारी दोस्ती समय की कसौटी पर खरी, मिला 27वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान

नामीबिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली और किसी भारतीय प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा है। 27 साल पहले 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नामीबिया गए थे। उनसे पहले 1990 में प्रधानमंत्री वीपी सिंह, पूर्व पीएम राजीव गाँधी के साथ नामीबिया के पहले स्वतंत्रता दिवस पर वहाँ पहुँचे थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (9 जुलाई 2025) को नामीबिया पहुँचे। यहाँ उन्हें नामीबिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द मोस्ट वेल्वित्विया मिराबिलिस’ से सम्मानित किया गया। नामीबिया में 27 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने दौरा किया है। पीएम अपनी पाँच देशों को यात्रा पूरी कर फिलहाल दिल्ली पहुँच चुके हैं।

2014 में प्रधानमंत्री बनने से लेकर अब तक पीएम नरेंद्र मोदी का यह 27वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। अपनी आधिकारिक यात्रा के आखिरी चरण में नामीबिया पहुँचे पीएम मोदी ने नामीबिया की संसद को भी संबोधित किया।

पीएम मोदी ने कहा “यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैं इस लोकतंत्र के मंदिर में बोल रहा हूँ। मैं भारत की 140 करोड़ जनता की ओर से शुभकामनाएँ और स्नेह लेकर आया हूँ।”

उन्होंने कहा “भारत और नामीबिया दोनों ने औपनिवेशिक शासकों से स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी। आज हम समानता, स्वतंत्रता और न्याय के मार्ग पर साथ चल रहे हैं।”

नामीबिया की राष्ट्रपति डॉ. नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने पीएम मोदी को राजधानी विंडहोक स्थित स्टेट हाउस में यह सम्मान दिया। पीएम ने अपने संबोधन में कहा “मैं सर्वोच्च नागरिक सम्मान लेते हुए बहुत गर्व महसूस कर रहा हूँ। नामीबिया के मजबूत और सुंदर पौधों की तरह हमारी दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है। यहाँ के राष्ट्रीय पौधे वेल्वित्शिया मिराबिलिस की तरह यह समय और उम्र के साथ और भी मजबूत होगी।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2 जुलाई से शुरू हुई आधिकारिक यात्रा 10 जुलाई तक 5 देशों- घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया का दौरे के साथ समाप्त हुई। इस यात्रा में उन्हें पिछले 7 दिनों में 4 देशों ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के संविधान का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ महीने पहले नामीबिया ने अपनी पहली महिला राष्ट्रपति चुनी। हम आपके गर्व और खुशी को समझते हैं, क्योंकि भारत में हम भी राष्ट्रपति को गर्व से मैडम प्रेसिडेंट कहते हैं। यह भारत के संविधान की शक्ति है कि एक गरीब आदिवासी परिवार की बेटी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राष्ट्रपति है।”

प्रधानमंत्री ने नामीबिया और भारत के व्यापार के मुद्दे को लेकर कहा “भारत कैंसर के इलाज के लिए नामीबिया को भाभाट्रॉन रेडियोथेरेपी मशीन देने के लिए तैयार है। भारत में विकसित इस मशीन का उपयोग 15 देशों में किया जा चुका है। इसने विभिन्न देशों में लगभग पाँच लाख गंभीर कैंसर रोगियों की मदद की है। हम नामीबिया को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं तक पहुँच के लिए जन औषधि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित करते हैं”।

इसके साथ ही पीएम ने कहा “नामीबिया भारत की UPI तकनीक अपनाने वाला पहला देश बन गया है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार 80 करोड़ डॉलर (6,680 करोड़ रुपए) को पार कर गया है। लेकिन क्रिकेट के मैदान की तरह, हम अभी तैयारी कर रहे हैं। हम तेजी से और ज्यादा रन बनाएँगे।”

बता दें कि नामीबिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली और किसी भारतीय प्रधानमंत्री की तीसरी यात्रा है। आज से 27 साल पहले 1998 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी नामीबिया गए थे। वहीं उनसे पहले 1990 में प्रधानमंत्री वीपी सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के साथ नामीबिया के पहले स्वतंत्रता दिवस पर वहाँ पहुँचे थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ने अडानी पर किया वार, चीन को पहुँचा सीधा फायदा: केन्या सरकार ने नैरोबी एयरपोर्ट का टेंडर बदला, चीनी कंपनी को 50% महंगे...

केन्या के नैरोबी एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट में अडानी की जगह चीनी कंपनी को ठेका मिलने से आर्थिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इन सबमें चीन का नाम क्यों आ रहा है... आइए जानें

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?
- विज्ञापन -