Friday, January 22, 2021
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय घाटी में घुसपैठ के लिए पाकिस्तान सरकार और सेना ने रचा था षड्यंत्र: पूर्व...

घाटी में घुसपैठ के लिए पाकिस्तान सरकार और सेना ने रचा था षड्यंत्र: पूर्व पाक मेजर जनरल ने ‘रेडर्स इन कश्मीर’ में किया खुलासा

किताब के लेखक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अकबर खान ने एक बात स्वीकार की है कि घाटी में पैदा हुए विवाद में सीमा पार मुल्क पाकिस्तान की अहम भूमिका थी। किताब में कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की सरकार और सेना के नकारात्मक और भयावह रवैये का विस्तार से उल्लेख था, आखिर कैसे लाहौर और पिंडी में पूरा षड्यंत्र रचा गया था।

“26 अक्टूबर (1947) को, पाकिस्तानी सेना ने बारामुला पर कब्जा कर लिया था, जहाँ 14,000 में से केवल 3,000 ही बच गए थे। सेना अब श्रीनगर से केवल 35 मील की दूरी पर थी जब महाराजा (हरि सिंह) ने अधिग्रहण के कागजात दिल्ली भेजकर मदद माँगी।” यह उस किताब ‘रेडर्स इन कश्मीर’ (Raiders in Kashmir) का अंश है जिसमें पाकिस्तानी सरकार को उसके ही अपने पूर्व मेजर जनरल ने अकबर खान ने बेनकाब किया है।

हाल ही में प्रकाशित ‘रेडर्स इन कश्मीर’ (Raiders in Kashmir) किताब का विमोचन जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा आयोजित किए गए ऑपरेशन गुलमर्ग के दशकों बाद किया गया था। किताब के लेखक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अकबर खान ने एक बात स्वीकार की है कि घाटी में पैदा हुए विवाद में सीमा पार मुल्क पाकिस्तान की अहम भूमिका थी। किताब में कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की सरकार और सेना के नकारात्मक और भयावह रवैये का विस्तार से उल्लेख था, आखिर कैसे लाहौर और पिंडी में पूरा षड्यंत्र रचा गया था।

लाहौर में रची गई पूरी साज़िश  

अकबर खान अपनी किताब में लिखते हैं, “26 अक्टूबर (1947) को पाकिस्तानी सेना ने बारामूला पर कब्ज़ा कर लिया था, जहाँ 14 हज़ार लोगों में से सिर्फ़ 3 हज़ार लोग बचे थे। पाकिस्तान सेना श्रीनगर से सिर्फ 35 मील की दूरी पर मौजूद थी जब महाराजा (हरि सिंह) ने मदद के लिए अधिग्रहण के दस्तावेज़ दिल्ली भेजे थे।” 

लेखक ने किताब में लिखा कि मुस्लिम लीग (सत्ताधारी दल) के तत्कालीन नेता मियाँ इफ्तिकारुद्दीन ने साल 1947 के सितंबर महीने की शुरुआत में उनसे एक हैरान करने वाली बात कही। उन्होंने जम्मू कश्मीर पर कब्ज़ा करने की योजना के बारे में विस्तृत जानकारी माँगी।         

घाटी में थी सशस्त्र आन्दोलन की तैयारी 

इसके बाद अकबर खान ने लिखा, “आखिरकार मैंने एक योजना तैयार की थी जिसका शीर्षक था, ‘कश्मीर में सशस्त्र आन्दोलन’ (Armed revolt in kashmir)। धीरे-धीरे हमें एक बात समझ आई कि हमारी (पाकिस्तान) तरफ से किया जाने वाला सार्वजनिक हस्तक्षेप आलोचना का शिकार होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने कश्मीरियों में अलगाव की भावना पैदा करके उन्हें मज़बूत करने का प्रयास किया। इसके अलावा हमें इस बात का भी ध्यान रखना था कि जिस वक्त यह सब चल रहा हो उस वक्त भारत की तरफ से कोई सैन्य मदद नहीं आने पाए।” 

पाकिस्तानी सरकार और सेना की रही भूमिका 

इसके बाद अकबर खान ने घाटी में बने भयावह हालातों में पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका के भी पुख्ता सबूत दिए। घाटी के हालातों के लिए पाकिस्तानी शीर्ष नेतृत्व को ज़िम्मेदार ठहराते हुए अकबर खान लिखते हैं, “मुझे लाहौर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली खान के साथ बैठक में  शामिल होने के लिए बुलाया गया था। वहाँ पहुँचने पर पहले मुझे प्रांतीय सरकारी सचिवालय (Provincial Government Secretariat) के सरदार शौकत हयात खान (पंजाब सरकार में तत्कालीन मंत्री) के दफ्तर में होने वाली शुरूआती बैठक का हिस्सा बनना था।” 

वहाँ मैंने कुछ लोगों के हाथ में प्रस्तावित योजना देखी, जिसके मुताबिक़, “22 अक्टूबर को पाकिस्तानी सेना द्वारा सीमा पार करने पर योजना की शुरुआत हो गई। इसके बाद 24 अक्टूबर को मुज़फ्फराबाद और डोमल पर हमला किया गया जहाँ से डोगरा टुकड़ी को वापस जाना था। अगले दिन यह टुकड़ी श्रीनगर सड़क की तरफ आगे बढ़ी और उरी स्थित डोगरा पर कब्ज़ा कर लिया। 27 अक्टूबर को भारतीय सेना वहाँ पहुँची।”  

पाकिस्तान के कई बड़े नेता हुए थे शामिल 

नतीजा यह निकला कि 27 अक्टूबर की शाम पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने भारतीय सेना के हस्तक्षेप करने के बाद लाहौर में बैठक बुलाई। यह बैठक पूर्णतः अनाधिकारिक थी, इस बैठक में कई अहम लोगों को बुलावा भेजा गया था। जिसमें इस्कंदर मिर्ज़ा (तत्कालीन रक्षा सचिव, बाद में गवर्नर जनरल), चौधरी मोहम्मद अली (तत्कालीन सेक्रेटरी जनरल, बाद में प्रधानमंत्री), अब्दुल कयूम खान (तत्कालीन मुख्यमंत्री फ्रंटियर प्रोविंस) और नवाब ममदोत (तत्कालीन मुख्यमंत्री पंजाब) इसके अलावा अकबर खान और ब्रिगेडियर स्लियर खान को बुलाया गया था। 

लश्कर भी हुए षड्यंत्र में शामिल

अपनी किताब के अंतिम हिस्से में अकबर खान लिखते हैं, “मैंने प्रस्ताव दिया कि जम्मू कश्मीर को ख़त्म करने के लिए हमें रास्तों को पूरी तरह बंद करना होगा, जिससे भारत की तरफ से जम्मू कश्मीर को मिलने वाले हर तरह की मदद रोकी जा सके। मैंने ऐसा नहीं कहा था कि इस काम के लिए सेना का इस्तेमाल किया जाए और खुद सरकार इसमें शामिल हो। मेरा सिर्फ इतना कहना था कि इस काम के लिए सिर्फ स्थानीय और आदिवासी लोग आगे आएँ। इसमें लश्कर का भी उपयोग किया जा सकता है।” यानी अकबर खान के अनुसार पाकिस्तान सेना ने स्थानीय लोगों के साथ मिल कर घाटी के कई इलाकों में घुसपैठ और आक्रमण किया। 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर BJP ने जल बोर्ड के 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है।

सीरम इंस्टीट्यूट में 5 जलकर मरे: कोविड वैक्सीन सुरक्षित, लोग जता रहे साजिश की आशंका

सीरम इंस्टीट्यूट में लगी इस आग ने अचानक लोगों के मन में संदेह को पैदा कर दिया है। लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया।

1277 करोड़ रुपए की कंपनी: इंडियन कैसे करते हैं पखाना (पॉटी), देते हैं इसकी ट्रेनिंग और प्रोडक्ट

इंडिया के लोग पखाना कैसे करते हैं? आप बोलेंगे बैठ कर! लेकिन किसी के लिए यही सामान्य सा ज्ञान बिजनस बन गया और...

प्रचलित ख़बरें

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

Pak ने शाहीन-3 मिसाइल टेस्ट फायर किया, हुए कई घर बर्बाद और सैकड़ों घायल: बलूच नेता का ट्वीट, गिरना था कहीं… गिरा कहीं और!

"पाकिस्तान आर्मी ने शाहीन-3 मिसाइल को डेरा गाजी खान के राखी क्षेत्र से फायर किया और उसे नागरिक आबादी वाले डेरा बुगती में गिराया गया।"

ढाई साल की बच्ची का रेप-मर्डर, 29 दिन में फाँसी की सजा: UP पुलिस और कोर्ट की त्वरित कार्रवाई

अदालत ने एक ढाई साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के दोषी को मौत की सजा सुनाई है। UP पुलिस की कार्रवाई के बाद यह फैसला 29 दिन के अंदर सुनाया गया है।

महाराष्ट्र पंचायत चुनाव में 3263 सीटों के साथ BJP सबसे बड़ी पार्टी, ठाकरे की MNS को सिर्फ 31 सीट

महाराष्ट्र में पंचायत चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी। शिवसेना ने दावा किया है कि MVA को राज्य की ग्रामीण जनता ने पहली पसंद बनाया।
- विज्ञापन -

 

चीनी माल जैसा चीन की कोरोना वैक्सीन का असर? मीडिया के सहारे साख बचाने का खतरनाक खेल

चीन की कोरोना वैक्सीन के असर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन वह इससे जुड़े डाटा साझा करने की बजाए बरगलाने की कोशिश कर कर रहा है।

मोदी सरकार का 1.5 साल वाला प्रस्ताव भी किसान संगठनों को मंजूर नहीं, कृषि कानूनों को रद्द करने पर अड़े

किसान नेताओं ने अपने निर्णय में कहा है कि नए कृषि कानूनों के डेढ़ साल तक स्‍थगित करने के केंद्र सरकार के प्रस्‍ताव को किसान संगठनों ने खारिज कर दिया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर बताया कि तीनों कृषि कानून पूरी तरह रद्द हों।
00:31:45

तांडव: घृणा बेचो, माफी माँगो, सरकार के लिए सब चंगा सी!

यह डर आवश्यक है, क्रिएटिव फ्रीडम कभी भी ऑफेंसिव नहीं होता, क्योंकि वो सस्ता तरीका है। अभी तक चल रहा था, तो क्या आजीवन चलने देते रहें?

ट्रक ड्राइवर से माफिया बने बदन सिंह बद्दो की कोठी पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, दो साल से है फरार

मोस्ट वांटेड अपराधी ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो की अलीशान कोठी पर योगी सरकार ने बुल्डोजर चलवा दिया। पुलिस ने बद्दो की संपत्ति कुर्क करने के बाद कोठी को जमींदोज करने की बड़ी कार्रवाई की है।

‘कोवीशील्ड’ बनाने वाली कंपनी के दूसरे हिस्से में भी आग, जलकर मरे लोगों को सीरम देगी ₹25 लाख

कोवीशील्ड बनाने वाली सीरम के पुणे प्लांट में दोबारा आग लगने की खबर है। दोपहर में हुई दुर्घटना में 5 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

तांडव के डायरेक्टर-राइटर के घर पर ताला, प्रोड्यूसर ने ऑफिस छोड़ा: UP पुलिस ने चिपकाया नोटिस

लखनऊ में दर्ज शिकायत को लेकर यूपी पुलिस की टीम मुंबई में तांडव के डायरेक्टर और लेखक के घर तथा प्रोड्यूसर के दफ्तर पहुॅंची।

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर BJP ने जल बोर्ड के 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है।

सीरम इंस्टीट्यूट में 5 जलकर मरे: कोविड वैक्सीन सुरक्षित, लोग जता रहे साजिश की आशंका

सीरम इंस्टीट्यूट में लगी इस आग ने अचानक लोगों के मन में संदेह को पैदा कर दिया है। लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया।

‘गाँवों में जाकर भाजपा को वोट देने के लिए धमका रहे जवान’: BSF ने टीएमसी को दिया जवाब

टीएमसी के आरोपों का जवाब देते हए BSF ने कहा है कि वह एक गैर राजनैतिक ताकत है और सभी दलों का समान रूप से सम्मान करता है।

1277 करोड़ रुपए की कंपनी: इंडियन कैसे करते हैं पखाना (पॉटी), देते हैं इसकी ट्रेनिंग और प्रोडक्ट

इंडिया के लोग पखाना कैसे करते हैं? आप बोलेंगे बैठ कर! लेकिन किसी के लिए यही सामान्य सा ज्ञान बिजनस बन गया और...

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
384,000SubscribersSubscribe