Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'सुलेमान मस्जिद पर रूस की जबरदस्त बमबारी, 80 लोग छिपे हुए थे': यूक्रेन का...

‘सुलेमान मस्जिद पर रूस की जबरदस्त बमबारी, 80 लोग छिपे हुए थे’: यूक्रेन का दावा; रूस ने चेताया – गिर जाएगा 500 टन का स्पेस स्टेशन!

है। इससे पहले भी रूस ने चेताया था कि अमेरिका का यही रवैया रहा तो ISS ऑर्बिट से गिर जाएगा। 500 टन की ये संरचना के भारत-चीन के हिस्सों में गिरने की भी आशंका बन सकती है।

यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस ने उसके एक मस्जिद को उड़ा दिया है, जिसमें 80 शरणार्थी छिपे हुए थे। रूस ने चेताया है कि उस पर लगे प्रतिबंधों के बाद ‘इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन’ भी तबाह हो सकता है। रूस ने शनिवार (12 मार्च, 2022) को चेताया कि ISS को सेवाएँ देने वाले रूसी उपकरणों को रोका जा सकता है, जिसके बाद ये तबाह भी हो सकता है। बता दें कि स्टेशन का रूसी हिस्सा इसके ऑर्बिट को सही रखने में मदद करता है।

उधर यूक्रेन ने जिस मस्जिद पर बमबारी कर के उड़ाने का आरोप लगाया है, वो मारियुपोल के रोकोसोलाना में स्थित है। इसे ‘सुल्तान सुलेमान मस्जिद’ के नाम से जाना जाता है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि इसमें कई तुर्किश शरणार्थी भी थे। साथ ही महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे। इस मस्जिद को ऑटोमोन साम्राज्य के सुल्तान सुलेमान और उनकी पत्नी हुर्रम सुल्तान/रोक्सोलाना के नाम से जाना जाता है। मारियुपोल में लगातार बमबारी के कारण लोग यहाँ छिपे हुए थे।

वहीं ISS की बात करें तो इसे NASA के साथ-साथ Roscosmos, JAXA, ESA और CSA जैसी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थाएँ मिल कर चलाती हैं। कई सरकारों के बीच करार से इसके स्वामित्व और संचालन का फैसला होता है। इस बहुराष्ट्रीय परियोजना को पृथ्वी के लो ऑर्बिट में स्थापित किया गया है। इससे पहले भी रूस ने चेताया था कि अमेरिका का यही रवैया रहा तो ISS ऑर्बिट से गिर जाएगा। 500 टन की ये संरचना के भारत-चीन के हिस्सों में गिरने की भी आशंका बन सकती है।

वहीं यूक्रेन की राजधानी कीव के वासिल्कीव में भी एक एयरफील्ड को रूस ने तबाह कर दिया है। यूक्रेन के शरणार्थियों को मानव तस्कर भी निशाना बना रहे हैं। वहीं एक रूसी अरबपति के सुपर याच को इटली ने जब्त किया है। रूस ने अब तक यूक्रेनी सेना के 3491 ठिकानों को तबाह किए जाने का ऐलान किया है। वहीं अमेरिका में अब रूस को इंटरपोल से हटाने की माँग की जा रही है। यूके का कहना है कि कीव से 25 किलोमीटर की दूरी पर रूस की सेना खड़ी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कॉन्ग्रेस ने अडानी पर किया वार, चीन को पहुँचा सीधा फायदा: केन्या सरकार ने नैरोबी एयरपोर्ट का टेंडर बदला, चीनी कंपनी को 50% महंगे...

केन्या के नैरोबी एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट में अडानी की जगह चीनी कंपनी को ठेका मिलने से आर्थिक और राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। इन सबमें चीन का नाम क्यों आ रहा है... आइए जानें

एक दीपक जलाने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने मचा दिया बवाल… केरल के निलाविलक्कु विवाद से क्या समझे आप? क्या सेक्युलर होने का ठेका सिर्फ...

फातिमा तहिलिया विवाद के बाद फिर उठे सवाल- जब दूसरे समुदाय अपनी धार्मिक सीमाएँ तय करते हैं, तो समायोजन की उम्मीद सिर्फ हिंदुओं से क्यों?
- विज्ञापन -