Sunday, April 14, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'प्याज कहाँ से आई है, कहाँ की है? जानकारी नहीं है... तो मत खाइए'...

‘प्याज कहाँ से आई है, कहाँ की है? जानकारी नहीं है… तो मत खाइए’ – 640 लोग चपेट में, अमेरिकी CDC ने जारी की चेतावनी

640 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इनमें से लगभग 85 लोगों को भर्ती किया जा चुका है। उसके बाद CDC ने कहा, “अगर आपको इस बात की जानकारी नहीं है कि आपकी प्याज़ कहाँ से आई है या कहाँ की है? तब उसे मत परोसिए, मत मत खाइए और न ही बेचिए।”

दुनिया के सामने एक वायरस और उससे उपजी महामारी पहले से मौजूद है। लेकिन इसके साथ-साथ ऐसी बीमारियाँ भी सामने आ रही हैं, जो बेहद भयावह हैं। अमेरिका के कई प्रांतों में सैलमोनेला (salmonella) नाम का संक्रमण बहुत तेज़ी से फैल रहा है। यह संक्रमण बैक्टीरिया से होता है और ज़्यादातर प्याज़ खाने से होता है।  

पूरे अमेरिका में अब तक लगभग 640 लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इनमें से लगभग 85 लोगों को भर्ती किया जा चुका है। Centers for Disease Control and Prevention (CDC) ने इस बारे में जानकारी दी। CDC ने इस बारे में चेतावनी भी जारी की है। चेतावनी में उन्होंने कहा, “अगर आपको इस बात की जानकारी नहीं है कि आपकी प्याज़ कहाँ से आई है या कहाँ की है? तब उसे मत परोसिए, मत मत खाइए और न ही बेचिए।”

फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने भी इस बारे में चेतावनी जारी की है। उनका साफ़ तौर पर कहना है कि उपभोक्ता किसी भी सूरत में प्याज़ का सेवन न करें। विशेष तौर पर लाल, सफ़ेद, पीली और मीठी प्याज़ का तो कतई नहीं। CDC का इस मामले पर यह भी कहना था कि भारी मात्रा में प्याज़ बड़े स्टोर्स में बेची गई हैं। जैसे वालमार्ट, क्रोगर, फ्रेड मेयर, पब्लिक्स, जायंट इगल, फूड लायन और एचईबी। इतना ही नहीं इन स्टोर्स में प्याज़ ब्रांड के तहत बेची गई हैं।    

कई बड़े समूहों ने प्याज वापस बुलाई है। साथ ही ऐसे खाद्य उत्पाद भी वापस बुलाए हैं, जिनमें प्याज़ का इस्तेमाल होता है। इसमें चिकन सैलेड, मैक्रोनी सैलेड, फजीता स्टिर फ़्राय, पिज्जा और कच्ची प्याज़ भी शामिल है। CDC ने यह विशेष रूप से कहा है कि लोगों को जाँच करने की ज़रूरत है कि बड़े समूहों ने जिन खाद्य उत्पादों (प्याज़) को वापस बुलाया है, वैसे खाद्य उत्पाद उनके घरों में तो नहीं मौजूद हैं? अगर ऐसा है तो वह उसे तुरंत नष्ट कर दें। CDC के मुताबिक़ प्याज़ संबंधित किसी भी तरह के खाने को अभी के लिए नज़रअंदाज़ करना है।  

सैलमोनेला के मुख्य लक्षण डायरिया, बुखार और पेट में दर्द है। सैलमोनेला के बैक्टीरिया संपर्क में आने के बाद इस संक्रमण के लक्षण घंटे से लेकर 6 दिन के बीच नज़र आते हैं। इस संक्रमण का असर सबसे ज़्यादा उन पर पड़ता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है। यानी 5 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों पर इस संक्रमण का ख़तरा सबसे ज़्यादा रहता है। कुछ मामलों में संक्रमण आंतों से होते हुए शरीर के बाकी हिस्सों में भी फैल जाता है। इस तरह के मामलों में मरीज़ को भर्ती कराना पड़ता है।    

CDC अमेरिका के लोगों से इस बात का निवेदन कर रहा है कि अगर उनमें इसके लक्षण नज़र आते हैं, तो वह सबसे पहले इस बात की जानकारी दें कि उन्होंने बीमारी के एक हफ्ते के पहले क्या खाया था। वह स्वास्थ्य विभाग को इस बात का संक्षिप्त ब्यौरा दें और उसके बाद स्वास्थ्य अधिकारी उनकी जाँच करेंगे।    

इस संक्रमण के मामले अमेरिका के कई प्रांतों में नज़र आए हैं। इसमें एरिज़ोना, कैलिफोर्निया, कोलोराडो, फ्लोरिडा, इंडियाना, इलीनोयस, इडाहो, लोवा, कनसेस, केंटकी, माइने, मैरीलैंड, मिनेसोटा, मिसोरी, मोंटाना, नेवाडा, न्यूयॉर्क, नार्थ कैरोलाइना, नार्थ डकोटा, ओहियो, ऑरेगोन, पेन्सिल्वेनिया, साउथ कैरोलाइना, टेक्सस और वर्जीनिया जेर प्रांत मुख्य हैं।     

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

BJP की तीसरी बार ‘पूर्ण बहुमत की सरकार’: ‘राम मंदिर और मोदी की गारंटी’ सबसे बड़ा फैक्टर, पीएम का आभामंडल बरकार, सर्वे में कहीं...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाती दिख रही है। नए सर्वे में भी कुछ ऐसे ही आँकड़े निकलकर सामने आए हैं।

‘राष्ट्रपति आदिवासी हैं, इसलिए राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नहीं बुलाया’: लोकसभा चुनाव 2024 में राहुल गाँधी ने फिर किया झूठा दावा

राष्ट्रपति मुर्मू को राम मंदिर ट्रस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले एक प्रतिनिधिमंडल ने अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe