Thursday, July 29, 2021
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयराष्ट्रपति के विरोध में लिखी 190 पन्नों की किताब, 188 पेज खाली, वजह जान...

राष्ट्रपति के विरोध में लिखी 190 पन्नों की किताब, 188 पेज खाली, वजह जान हैरान रह जाएँगे

किताब के जिन दो पन्नों पर लिखा गया हैै, वो भी बेहद ही मजेदार चीजें लिखी गईं हैं। बता दें कि किताब के इन दो पन्नों पर लिखी गई है कि यह किताब घंटों तक की गई मेहनत का नतीजा है।

ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो पर लिखी एक किताब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। इसके पीछे बड़ी ही रोचक वजह है। दरअसल, ‘बोलसोनारो विश्वास और सम्मान के लायक क्यों हैं’ नामक इस किताब के लेखक विलियम थम्स ने 190 पेज की इस किताब में 188 पन्ने खाली छोड़ दिए हैं। यानी कि उन्होंने सिर्फ दो पन्नों पर ही लिखी है। लेखक ने इस तरह से राष्ट्रपति के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शित किया है। थम्स के विरोध के इस अनोखे तरीके की हर तरफ चर्चा हो रही है।

नवभारत टाइम्स में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

थम्स ने कहा कि उनकी ये पुस्तक साल की शुरुआत में प्रकाशित हुई थी, लेकिन बुधवार (अगस्त 14, 2019) को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का ध्यान इस तरफ गया। उन्होंने बताया कि उनको ये आइडिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर छपी ऐसी ही एक किताब से आया। 2016 में लेखक डेविड किंग ने ट्रम्प के ऊपर ऐसी ही किताब लिखी थी। जिसका नाम था- ‘ क्यों ट्रंप विश्वास, सम्मान और प्रशंसा के लायक हैं?’ इसके अलावा वर्ष 2017 में लेखक माइकल जे नोल्स ने ट्रंप पर 266 पेज की खाली पन्नों की किताब लिखी थी। जिसका टाइटल था-‘लोकतंत्र के लिए वोट का कारण: एक विस्तृत गाइड।’ थम्स का कहना है कि उन्होंने ‘बोलसोनारो विश्वास और सम्मान के लायक क्यों हैं’, इसका जवाब इसलिए नहीं दिया क्योंकि वो (जेयर बोलसोनारो) किसी चीज के लायक नहीं है। इसके साथ ही उन्होंंने 188 पेज खाली छोड़ने के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि वो चाहते हैं कि लोग विवादित नेता के बारे में अपनी खुद की राय बताएँ।

वहीं, किताब के जिन दो पन्नों पर लिखा गया हैै, वो भी बेहद ही मजेदार चीजें लिखी गईं हैं। बता दें कि किताब के इन दो पन्नों पर लिखी गई है कि यह किताब घंटों तक की गई मेहनत का नतीजा है। दरअसल, ब्राजील की अर्थव्यवस्था काफी बुरे दौर से गुजर रही है और अमेजन के जंगलों की कटाई की वजह से बोलसोनारो की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी हो चुकी है। बोलसोनारो ने जनवरी में राष्ट्रपति पद की शपथ लेते हुए कहा था कि वो वहाँ के जुर्म और भ्रष्टाचार को खत्म करेंगे, मगर अभी भी ब्राजील की स्थिति जस की तस है।

हालाँकि, अभी तक इस किताब पर राष्ट्रपति का कोई बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे ढेर सारे रिव्यू मिल रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग ऐप अमेज़ॉन पर महज कुछ ही घंटों में गुरुवार (अगस्त 15) को लगभग 300 लोगों ने अपने रिव्यू पोस्ट किए। कुछ ने थम्स के इस तरीके का समर्थन किया तो वहीं कुछ ने इसे दुखद बताया। एक यूजर ने इस कदम का समर्थन करते हुए “देश को बदलने वाले व्यक्ति के बारे में सबसे अच्छा और सबसे व्यापक विश्लेषण”। वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “दुखद है कि गंभीर लोग अपना पैसा और समय बर्बाद कर रहे हैं।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘पूरे देश में खेला होबे’: सभी विपक्षियों से मिलकर ममता बनर्जी का ऐलान, 2024 को बताया- ‘मोदी बनाम पूरे देश का चुनाव’

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्ष एकजुटता पर बात करते हुए कहा, "हम 'सच्चे दिन' देखना चाहते हैं, 'अच्छे दिन' काफी देख लिए।"

कराहते केरल में बकरीद के बाद विकराल कोरोना लेकिन लिबरलों की लिस्ट में न ईद हुई सुपर स्प्रेडर, न फेल हुआ P विजयन मॉडल!

काँवड़ यात्रा के लिए जल लेने वालों की गिरफ्तारी न्यायालय के आदेश के प्रति उत्तराखंड सरकार के जिम्मेदारी पूर्ण आचरण को दर्शाती है। प्रश्न यह है कि हम ऐसे जिम्मेदारी पूर्ण आचरण की अपेक्षा केरल सरकार से किस सदी में कर सकते हैं?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,735FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe