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‘चीनी खिलौने’ साबित हुए पाकिस्तान के टैंक और तोप: फायरिंग टेस्ट में हुए फेल, चीन से डिलीवरी पर रोक

इस महीने के शुरू में चीन ने डिलीवर हुए तोपों का सोनमियानी (पाकिस्तान) स्थित फायरिंग रेंज में ट्रायल शुरू किया। ट्रायल के दौरान ये तोपें जाम हो गईं और इनसे फायर ही नहीं हुआ।

पाकिस्तान (Pakistan) भारत (India) से लोहा लेने के लिए लगातार अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाने की कोशिशों में लगा रहता है। इसके लिए वो पश्चिमी देशों और चीन (China) से हथियार (weapon) खरीदता रहा है। अब उसे चीन से हथियार खरीदना भारी पड़ रहा है। खबर है कि पाकिस्तान ने चीन से जो टैंक्स और आर्टिलरी गन्स खरीदे थे, वो टेस्टिंग के दौरान फायर ही नहीं हो रहे हैं। इनमें कई तरह की तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान को दिए गए टैंकों के फेल होने के बाद अब चीन की हथियार बनाने वाली कंपनी NORINCO (नॉर्थ इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन) ने फील्ड आर्टिलरी गन की सप्लाई और युद्धक टैंकों के प्रोडक्शन को रोक दिया है। साथ ही इस बात की जाँच की जा रही है कि आखिर किन तकनीकी दिक्कतों के कारण ये फेल हुए हैं।

हथियारों का जखीरा बढ़ाने के लिए पाकिस्तान ने चीन की NORINCO कंपनी को 203 मिमी की आर्टिलरी गन्स का ऑर्डर दिया था। इनमें से 8 तोपों की इसी महीने उसे चीन ने डिलीवरी की थी। इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने इन तोपों का सोनमियानी (पाकिस्तान) स्थित फायरिंग रेंज में ट्रायल शुरू किया। ट्रायल के दौरान जब उनसे फायर किया गया, ये तोपें जाम हो गईं और इनसे फायर ही नहीं हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी आर्टिलरी गन के रैमर असेंबली और ब्रीच लॉक में खराबी सामने आई है।

ट्रायल में फेल होने के बाद पाकिस्तान फिर से चीन के पास गया औऱ उसे आर्टिलरी में आई दिक्कतों की जानकारी देकर उसे ठीक करने के लिए कहा। फिलहाल इस मामले की जाँच की जा रही है। उल्लेखनीय है कि लंबे समय से पाकिस्तान 203 मिमी के आर्टिलरी हथियारों को अमेरिका से खरीदता था, लेकिन सस्ते हथियारों की लालच में वो चीन के पास गया और उसके साथ ये कांड हो गया।

टैंक भी हुए फेल

इसी तरह से पाकिस्तान ने टैंक को लेकर भी चीन के साथ सौदा किया था। उसने चीन को 44 VT4 युद्धक टैंकों को ऑर्डर दिया था। इनमें से उसे कुछ की डिलीवरी भी की गई थी। खबर है कि इनमें भी समस्या आ रही है, इसके बाद 44 टैंकों की डिलीवरी के सेकेंड बैच को रोक दिया गया है। अब इनकी खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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