Thursday, September 23, 2021
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Extramarital Sex को गैर क़ानूनी बनाना चाहती है सरकार, विरोध में सड़कों पर हज़ारों छात्र

इतने विरोध प्रदर्शनों का कुल असर इतना ही पड़ा है कि सरकार ने इन कानूनों को पास कराए जाने को अगले संसद सत्र तक के लिए टाल दिया है, जब नई संसद का गठन और शपथ-ग्रहण होगा। लेकिन यह कोई बहुत बड़ी राहत नहीं है।

इंडोनेशिया में consensual extramarital sex (आपसी सहमति से बने विवाहेतर यौन संबंधों) को क़ानूनी अपराध बनाने के लिए लाया जा रहा अधिनियम छात्रों के बीच रोष और हिंसा का कारण बन गया है। हज़ारों युवा सड़कों पर उतर कर इसका विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा सरकार द्वारा समलैंगिक सेक्स, महिला की गर्भपात में सहायता को अवैध घोषित करने, राष्ट्रपति का अपमान करने को जुर्म बनाने और भ्रष्टाचार-विरोधी कानूनों को कमज़ोर करने की कोशिश का भी छात्र पुरज़ोर विरोध कर रहे हैं। CNN के मुताबिक विरोध प्रदर्शनकारी राजधानी जकार्ता में इतनी बड़ी तादाद में मौजूद हैं कि करीब 18,000 पुलिस वाले केवल राष्ट्रीय संसद की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। इन कानूनों की वैश्विक स्तर पर मानवाधिकार संगठनों द्वारा आलोचना हो रही है।

एक हफ़्ते टले विधेयक

इतने विरोध प्रदर्शनों का कुल असर इतना ही पड़ा है कि सरकार ने इन कानूनों को पास कराए जाने को अगले संसद सत्र तक के लिए टाल दिया है, जब नई संसद का गठन और शपथ-ग्रहण होगा। लेकिन यह कोई बहुत बड़ी राहत नहीं है। अक्टूबर के प्रारंभ में ही नई संसद को शपथ लेनी है।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने इस कानूनों पर मत-विभाजन को फ़िलहाल टाल दिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह माना कि प्रस्तावित विधेयकों के कुछ हिस्सों का “और गहराई से अध्ययन किए जाने” की आवश्यकता है। उन्होंने अपने कानून और मानवाधिकार मंत्री यासोना लाओली से जनता के विचार जानने को कहा है।

‘उपनिवेशी हैं वर्तमान कानून, अभी वाले हमारी जीवनशैली पर आधारित’

वहीं कानून और मानवाधिकार मंत्री लाओली का कहना है कि वर्तमान कानून उन्हें गुलाम बनाने वाली औपनिवेशिक ताकत डचों द्वारा दिए गए हैं। उनके 100 साल पुराने दंड विधान की जगह पर आ रहे नए कानून इंडोनेशिया के लोगों की वर्तमान जीवन शैली के अधिक करीब होंगे। यह प्रस्तावित नई दंड संहिता दशकों से बनाई जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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