Wednesday, April 17, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयतालिबान ने डाँटा, चीन ने निराश किया: J&K पर दोस्त भी Pak के नहीं...

तालिबान ने डाँटा, चीन ने निराश किया: J&K पर दोस्त भी Pak के नहीं साथ

चीन ने अपने बयान में अनुच्छेद 370 का कोई जिक्र किए बिना क्षेत्र की शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील करते हुए भारत और पाकिस्तान को बातचीत से मामला सुलझाने की सलाह दी है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चीन के दौरे पर पहुँचे हैं। पाकिस्तान सदाबहार ‘दोस्त’ चीन से पक्ष में बयान दिलवाने के लिए आतुर है और इस सम्बन्ध में पाक विदेश मंत्री ने चीन से गुजारिश भी की। पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा बताते हुए कहा है कि भारत द्वारा अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा ख़त्म करना ‘अवैध’ है। पाकिस्तान इस मसले को संयुक्त राष्ट्र तक ले जाने की बार-बार धमकी दे रहा है।

लेकिन, उसके इस रुख का चीन समर्थन करता नहीं दिख रहा। चीन ने दोनों ही देशों को बातचीत के जरिए मसला सुलझाने की सलाह दी। चीन ने अपने बयान में अनुच्छेद 370 का कोई जिक्र किए बिना क्षेत्र की शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील की है। उसने कहा कहा है कि दोनों देशों को ऐसे क़दम उठाने से बचना चाहिए, जिससे यथास्थिति पर कोई बुरा प्रभाव पड़े।

चीन द्वारा अनुच्छेद 370 और भारत पर प्रत्यक्ष टिप्पणी न करने से पाकिस्तान निराश है। उधर, तालिबान ने भी पाक को खरी-खरी सुनाई है। तालिबान ने कश्मीर को अफ़ग़ानिस्तान से न जोड़ने की हिदायत दी है। तालिबान के प्रवक्ता ने कहा है कि कुछ पक्षों द्वारा कश्मीर को अफ़ग़ानिस्तान से जोड़ कर देखना समस्या को खत्म नहीं करेगा, क्योंकि कश्मीर और अफ़ग़ानिस्तान अलग-अलग मसले हैं। तालिबान ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए सलाह दी है कि अफ़ग़ानिस्तान को थिएटर न बनाएँ।

कश्मीर मुद्दे पर तालिबान का बयान

तालिबान का इशारा पाकिस्तान के विपक्षी नेता शाहबाज़ शरीफ के बयान की तरफ था। शरीफ ने कहा था कि जहाँ एक तरफ अफ़ग़ान काबुल में शांति की बात करते हैं वहीं कश्मीर में ख़ून बहाया जाता है। शरीफ ने इसे अस्वीकार्य बताया था। यही बात तालिबान को नागवार गुजरी है। इसके बाद अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान के एम्बेसडर को सफाई देनी पड़ी। पाकिस्तानी राजनयिक ने कहा कि कश्मीर मसले का अफ़ग़ानिस्तान की शांति प्रक्रिया पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

तालिबान द्वारा डाँटे जाने और चीन से अपेक्षित समर्थन न मिलने के बाद पाकिस्तान की स्थिति और बदतर हो चली है। संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका से उसे निराशा ही मिली ही है। बता दें कि भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर भी रविवार (अगस्त 11, 2019) को चीन दौरे पर जाने वाले हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हलाल-हराम के जाल में फँसा कनाडा, इस्लामी बैंकिंग पर कर रहा विचार: RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भारत में लागू करने की...

कनाडा अब हलाल अर्थव्यवस्था के चक्कर में फँस गया है। इसके लिए वह देश में अन्य संभावनाओं पर विचार कर रहा है।

त्रिपुरा में PM मोदी ने कॉन्ग्रेस-कम्युनिस्टों को एक साथ घेरा: कहा- एक चलाती थी ‘लूट ईस्ट पॉलिसी’ दूसरे ने बना रखा था ‘लूट का...

त्रिपुरा में पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस सरकार उत्तर पूर्व के लिए लूट ईस्ट पालिसी चलाती थी, मोदी सरकार ने इस पर ताले लगा दिए हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe