Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय#MeToo में फँसे POTUS, न्यू यॉर्क की लेखिका ने लगाए यौन शोषण के आरोप

#MeToo में फँसे POTUS, न्यू यॉर्क की लेखिका ने लगाए यौन शोषण के आरोप

साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान, एक दर्जन से अधिक महिलाओं ने ट्रंप पर उनके द्वारा पहले के सालों में किए गए यौन शोषण का आरोप लगाया था।

न्यूयॉर्क की लेखिका और लंबे समय तक महिलाओं के लिए एडवाइस कॉलम लिखने वाली ई जीन कैरोल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। कैरोल ने अपनी आने वाली किताब में घृणित पुरुष (hideous men) के बारे में लिखा है। जिसमें उन्होंने इस घटना के बारे में विस्तार से बताया है, जिसके अंश न्यूयॉर्क मैग्जीन में शुक्रवार (जून 21, 2019) को प्रकाशित किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि मैनहट्टन के एक डिपार्टमेंटल स्टोर के ड्रेसिंग रूम में दो दशक पहले ट्रंप ने उनका यौन शोषण किया था।

कैरोल का दावा है कि उन्होंने जीवन भर पुरुषों की हिंसा का सामना किया है। इस किताब में कैरोल ने लिखा है कि 1995 या 1996 में बर्गडॉर्फ गुडमैन में उनकी दोस्‍ती ट्रम्प से हुई थी। उस समय ट्रम्प एक जाने-माने रियल एस्टेट डेवलपर थे और वो एक प्रसिद्ध पत्रिका लेखक और एक टेलीविज़न शो की होस्ट थी। इसी दौरान ट्रंप ने ड्रेसिंग रुम में उनके साथ ज़बरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, लेकिन कैरोल ने ट्रंप को धक्का दिया और उनका सिर दीवार से जा टकराया। इसी दौरान मौका देखकर वो (कैरोल) किसी तरह से वहाँ से भागने में सफल रही।

हालाँकि, इस गंभीर आरोप को अमेरिकी राष्ट्रपति ने सिरे से खारिज कर दिया और कहा, “मैं अपने जीवन में इस महिला से कभी नहीं मिला।” अपने बयान में ट्रंप ने इस आरोप को फर्जी खबर बताया और सवाल किया कि इस घटना का कोई सबूत या गवाह क्यों नहीं है? ट्रंप ने कहा कि इससे जुड़ा न तो कोई सर्विलांस है, न ही वीडियो नहीं और न कोई तस्वीर। ऐसा इसलिए क्योंकि ये घटना कभी हुई ही नहीं।

गौरतलब है कि, ट्रंप पर इससे पहले भी यौन शोषण का आरोप लग चुका है। साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के दौरान, एक दर्जन से अधिक महिलाओं ने ट्रंप पर उनके द्वारा पहले के सालों में किए गए यौन शोषण का आरोप लगाया था। ट्रंप ने इन आरोपों से इनकार कर दिया था और कहा था कि महिलाएँ झूठ बोल रही है। 2005 में भी डेनाल्ड ट्रंप का ऐसा ही एक टेप सामने आया था।

अब 75 साल की हो चुकी कैरोल ने कहा कि उसने उस समय इस घटना के बारे में दो करीबी पत्रकार दोस्तों को बताया था। उनमें से एक ने पुलिस के पास जाने की सलाह दी, तो वहीं, दूसरी दोस्त ने ट्रंप के वकीलों की पहुँच को लेकर चुप रहने के लिए कहा था और कैरोल ने इस बारे में पुलिस विभाग में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई थी। कैरोल उस समय चुप रहने के लिए खुद को दोषी मान रही हैं। लेखिका ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनकी कहानी से महिलाएँ सशक्त होंगी और ऐसी घटनाओं के मामले में आगे आएँगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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