Tuesday, September 21, 2021
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‘अपनी मौत के लिए दानिश सिद्दीकी खुद जिम्मेदार, नहीं माँगेंगे माफ़ी, वो दुश्मन की टैंक पर था’: ‘दैनिक भास्कर’ से बोला तालिबान

जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि भारत से साथ उसकी बातचीत नहीं चल रही है। साथ ही भारत को चेताया कि वो अफगानिस्तान की सेना की कोई मदद न करे।

अफगानिस्तान के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा जमा चुके तालिबान ने कहा है कि वो भारत के आंतरिक मामले में दखल नहीं देगा और अफगानिस्तान में चल रहे उन निवेश कार्यों की रक्षा करेगा, जो राष्ट्र-निर्माण के लिए किए जा रहे हैं। तालिबान ने कहा कि भारत की सरकार को वहाँ की जनता ने चुना है। ‘दैनिक भास्कर’ को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू देते हुए तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने भारतीय फोटोजर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी की मौत पर भी बात की।

तालिबान ने कहा कि दानिश सिद्दीकी युद्ध में मारे गए और किसकी गोली से उनकी मौत हुई, ये साफ़ नहीं है। साथ ही आतंकी संगठन ने दानिश सिद्दीकी के शव के साथ बेरहमी किए जाने की बात को भी नकार दिया। बता दें कि दानिश सिद्दीकी को भारतीय जान कर हत्या के बाद उनके सिर को गाड़ी से कुचले जाने की बात सामने आई थी। तालिबान ने दानिश सिद्दीकी को उनकी मौत के लिए खुद जिम्मेदार बताते हुए कहा कि वो ‘दुश्मन’ के टैंक में सवार थे।

साथ ही इस बात पर भी आपत्ति जताई कि उन्होंने युद्धक्षेत्र में आने से पहले तालिबान की अनुमति नहीं ली थी। जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि वो दानिश सिद्दीकी की तस्वीर दिखा कर साबित कर सकता है कि उनके शव के साथ कुछ गलत नहीं हुआ और जलाया नहीं गया। उसने बताया कि शव युद्ध वाले इलाके में पड़ा था, जिसकी बाद में पहचान हुई तो रेडक्रॉस के हवाले कर दिया गया। साथ ही तालिबान ने दानिश सिद्दीकी की मौत के लिए माफ़ी माँगने से भी इनकार कर दिया।

‘दैनिक भास्कर’ के साथ बातचीत में जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि भारत या भारतीय संस्थाओं के साथ उसकी किसी भी माध्यम से बातचीत नहीं चल रही है। साथ ही भारत को चेताया कि वो अफगानिस्तान की सेना की कोई मदद न करे। उसने दावा किया कि भारत द्वारा दिए गए वॉर प्लेन्स का इस्तेमाल तालिबान के खिलाफ किया जा रहा है। कश्मीर के मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान की बात करते हुए तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि कश्मीरियों के अधिकारी नहीं रौदे जाने चाहिए।

उसने कहा कि तालिबान भी वही चाहता है, जो कश्मीरी चाहते हैं। उसने भारत से अपील की कि वो अफगानिस्तान में सैन्य मदद की बजाए आर्थिक व मानवीय मदद भेजे, ताकि यहाँ के लोगों की मदद हो सके। पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंधों की बात करते हुए उसने कहा कि लाखों अफगानी शरणार्थी वहाँ रहते हैं। उसने कहा कि महिलाओं को वही अधिकार दिए जाएँगे, जो इस्लाम में दिया गया है।

बता दें कि पुलित्जर अवॉर्ड विजेता फोटोग्राफर दानिश सिद्दीकी के बारे में अफगानिस्तान के कमांडर बिलाल अहमद ने खुलासा किया था कि उनके शव के साथ भी बर्बरता की गई थी। उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा था कि चूँकि दानिश सिद्दीकी भारतीय थे और तालिबानी भारत से नफरत करते हैं, इसीलिए उनके शव के साथ भी बर्बरता की गई थी। 16 जुलाई को हुई इस वारदात के बारे में भारतीय वामपंथी मीडिया ने ‘गोलीबारी में मारे जाने’ की बात कही थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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