Saturday, June 22, 2024
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‘स्तनों को घूरते हैं, अश्लील कमेंट करते हैं’- एलन मस्क की कंपनी टेस्ला में महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न

बर्राजा का कहना है कि कंपनी के पुरुष कर्मचारी उनके स्तनों को घूरते हैं और 'ओनियन बूटी' या 'कोक बॉटल' कहकर कमेंट करते हैं। इतना ही नहीं, जानबूझकर उनके शरीर को छूने का प्रयास करते हैं।

टेस्ला इंक अपनी इलेक्ट्रिक कार के लिए दुनिया भर में मशहूर है। एलन मस्क के स्वामित्व वाली टेस्ला से जुड़ी एक खबर फिर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ की महिला कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। इलेक्ट्रिक कार निर्माता के कैलीफोर्निया स्थित फ्रेमोंट कारखाने में काम करने वाली एक महिला, जेसिका बार्राजा ने इसके खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

38 वर्षीय जेसिका बार्राजा ने ​ऑकलैंड की एक अदालत में गुरुवार (18 नवंबर 2021) को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि टेस्ला में नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान सहकर्मियों और सुपरवाइजर ने उन पर और अन्य महिलाओं पर कई बार आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की और उन्हें गंदे इशारे किए। बार्राजा कहती हैं कि उन्होंने कई बार कंपनी की एचआर से सुपरवाइजर और सहकर्मियों के खिलाफ शिकायत की, लेकिन उन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

शिकायत के अनुसार, वह तीन साल से फैक्टरी में किए जा रहे इस तरह के व्यवहार से मानसिक रूप से परेशान हैं और वह यह सोचकर काम पर लौटने से डरती हैं कि उन्हें किसी भी प्रकार से शारीरिक नुकसान पहुँचाया जा सकता है। बर्राजा का कहना है कि वह अब पहले जैसी नहीं रही हैं और अब वह दवा और थैरेपी पर निर्भर हैं।

शादीशुदा और दो बच्चों की माँ बर्राजा का कहना है कि कंपनी के पुरुष कर्मचारी उन्हें रोजाना प्रपोज करते हैं। उनके स्तनों को घूरते हैं और ‘ओनियन बूटी’ या ‘कोक बॉटल’ कहकर कमेंट करते हैं। इतना ही नहीं, जानबूझकर उनके शरीर को छूने का प्रयास करते हैं और इसे एक एक्सीडेंट के रूप में दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने बताया कि 28 सितंबर को एक आदमी उनके पीछे झुक गया और अपना पैर उसकी जांघों के बीच रख दिया।

टेस्ला ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। बार्राजा का मामला सबसे पहले ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ ने कवर किया था। हालाँकि, यह पहला मामला नहीं है जब टेस्ला पर इस तरह के आरोप लगे हैं। टेस्ला पर इस तरह के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। फ्रेमोंट कारखाने में भेदभाव के आरोप वर्षों से लगते रहे हैं, लेकिन अधिकांश कर्मचारी इन्हें सामने लाने से डरते हैं और किसी से इसका जिक्र करने से बचते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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