Wednesday, August 4, 2021
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‘हर बच्चा एक मुसलमान के रूप में पैदा होता है’: भगोड़े जाकिर नाइक का एक और ‘हास्यास्पद’ दावा, देखें वीडियो

"हर बच्चा एक मुसलमान के रूप में पैदा होता है। वह अल्लाह को नमन करता है। बाद में उसे बुजुर्ग, माता-पिता, शिक्षक प्रभावित करते हैं। वह सीधे रास्ते पर रह सकता है, वह अग्नि पूजक हो सकता है या फिर मूर्तिपूजक और ऐसा करते ही वह इस्लाम के दायरे से बाहर हो जाता है।"

इस्लामी कट्टरपंथी प्रचारक डॉ. जाकिर नाइक ने इस बार एक और विवादित दावा किया है। यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए अपने एक वीडियो में उसने दावा किया है कि ‘हर बच्चा मुसलमान पैदा होता है।’

नाइक ने दावा किया है, “पैगंबर मुहम्मद ने कहा है कि हर बच्चा जन्मजात एक धर्म में पैदा होता है। हर बच्चा एक मुसलमान के रूप में पैदा होता है। वह अल्लाह को नमन करता है। बाद में उसे बुजुर्ग, माता-पिता, शिक्षक प्रभावित करते हैं। वह सीधे रास्ते पर रह सकता है, वह अग्नि पूजक हो सकता है या फिर मूर्तिपूजक और ऐसा करते ही वह इस्लाम के दायरे से बाहर हो जाता है।”

वह आगे दावा करता है कि हिंदू, ईसाई या यहूदी परिवार में पैदा होने के बावजूद हर बच्चा मुस्लिम के रूप में जन्म लेता है। जाकिर नाइक ने दावा किया, “वह अपने को अल्लाह को समर्पित रहता है।” कट्टरपंथी इस्लामिक उपदेशक का दावा है कि जब कोई व्यक्ति इस्लाम में धर्मान्तरित होता है, तो उसके लिए ‘उपयुक्त’ शब्द है कि उसने अपने असली धर्म में वापसी की है। उसने दावा करते हुए कहा, “वह सीधे रास्ते पर था, वह गलत रास्ते पर चला गया और अब वह सीधे रास्ते पर वापस आ गया है।”

यह साबित करने के लिए कि प्रत्येक बच्चा मुस्लिम पैदा होता है, नाइक ने कपाकु और ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी जनजातियों के बारे में बात की। उनका दावा है कि ये लोग, जो सभ्यता से दूर थे, मुस्लिमों की तरह अपना जीवन जीते थे, जबकि वह नहीं जानते थे वह वास्तव में मुसलमान थे। हालाँकि, यह सच नहीं है। 16 वीं या 17 वीं शताब्दी के प्रारंभ में इंडोनेशिया से मुस्लिम विज़िटर्स के माध्यम से इस्लाम ऑस्ट्रेलिया आया था।

उल्लेखनीय है कि नाइक ने इस ’तथ्य’ का इस्तेमाल अपने दावे के आधार पर किया कि हर बच्चा मुस्लिम पैदा होता है। गौरतलब है कि इससे पहले पाकिस्‍तान में मंदिर में तोड़फोड़ की घटना को भारत से भागकर मलेशिया में शरण लेने वाले विवादित इस्लामिक प्रचारक भगोड़े जाकिर नाइक ने शर्मनाक वारदात को जायज ठहराया था।

नाइक ने कहना था कि किसी भी इस्‍लामी देश में मंदिर बनाए जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। जाकिर नाईक का यह बयान 30 दिसंबर को पाकिस्‍तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के करक जिले में उन्मादी भीड़ द्वारा मंदिर को हथौड़े से मारकर गिराए जाने की घटना के बाद आया था। आरोप था कि आतंकी समूह से समर्थन प्राप्त एक स्‍थानीय मौलवी ने लोगों को हिंदू समूदाय के खिलाफ भड़काया और मंदिर गिराने के लिए उकसाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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