Sunday, March 7, 2021
Home देश-समाज जब 23 साल बाद एक कश्मीरी पंडित पड़ोसन दिलशादा से मिलने गई, वही हुआ...

जब 23 साल बाद एक कश्मीरी पंडित पड़ोसन दिलशादा से मिलने गई, वही हुआ जो हम सोचते हैं…

आकाश की माँ ने बताया कि दिलशादा अपने परिवार वालों को कश्मीरी पंडितों के विरुद्ध भड़काया करती थी। आकाश को अचानक से विश्वास नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने अभी-अभी दिलशादा को रोते हुए देखा था। बकौल आकाश की माँ, 1989 में इसी महिला ने पूरे मोहल्ले में अफवाह फैला दी थी कि समुदाय विशेष के लोगों को मारने के लिए.....

देश में कश्मीरी पंडितों को लेकर एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। लिबरल गिरोह इसे ‘मुट्ठी भर आतंकियों’ की करतूत बता कर समुदाय विशेष को बचाने का प्रयास कर रहा है। जबकि सच्चाई ये है कि कश्मीरी पंडितों को समुदाय विशेष के कट्टरपंथियों ने घाटी से निकाल बाहर किया। उनकी महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया, कइयों को बेरहमी से काट डाला गया और कइयों को तो शरण देने के नाम पर धोखा दिया गया। आज कश्मीरी पंडितों को ही उल्टा कट्टरपंथियों से सॉरी बोलने को कहा जा रहा है। सवाल ये है कि अपना सबकुछ लुटा कर पिछले 30 वर्ष से अपने ही देश में शरणार्थी बन कर रह रहे कश्मीरी पंडित कट्टरपंथियों से सॉरी क्यों बोलें?

इसी क्रम में आकाश नामक ट्विटर यूजर ने एक घटना के बारे में बताया। ये घटना उस समय की है, जब वो 2012 में अपनी माँ के साथ कश्मीर गए थे। हब्बा कदल में उनकी माँ का पैतृक निवास हुआ करता था, जहाँ वो लोग दोबारा गए। आकाश की माँ पड़ोसियों से भी मिलने को उत्सुक थीं, जिनमें एक अहमद नाम का दूधवाला भी शामिल था। कश्मीरी पंडितों को घाटी से भगाए जाने के बाद आकाश की माँ के पास किसी पड़ोसी के कोई कांटेक्ट नंबर वगैरह भी नहीं था।

आकाश बताते हैं कि जब उनकी माँ अपने पैतृक आवास पर पहुँचीं तो वहाँ सभी लोगों ने उन्हें पहचान लिया। वो सभी नाम से उन्हें पुकारते थे। 23 साल बाद भी उन्हें सबकुछ याद था। लेकिन, एक गौर करने वाली बात ये है कि उनमें से किसी ने भी ऐसा जाहिर नहीं किया कि वो उन्हें जानते हैं। आकाश की माँ इसके बाद गलियों से होते हुए अहमद से मिलने पहुँचीं। उस वक़्त रमजान का महीना था। अहमद अपने बेटे के साथ घर से निकल रहा था, तभी उसने आकाश और उसकी माँ को देखा। उसने आकाश की माँ को पहचान लिया और जाहिर भी किया वो उन्हें जानता है।

अहमद और उसका बेटा उस समय नमाज़ के लिए निकल रहे थे। उसने आकाश की माँ को सलाम किया और नमाज़ के लिए निकल गया। इसके बाद आकाश की माँ ने दिलशादा नामक एक महिला को पुकारा, जो बाहर निकलीं और उन्हें देखते ही रोने लगी। आकाश कहते हैं कि आजकल कश्मीर के किसी भी युवा को कश्मीरी पंडितों के बारे में कुछ भी पता नहीं है। दिलशादा जिस तरह से रो रही थी, उससे पता चल रहा था जैसे आकाश की माँ से मिल कर वो काफ़ी इमोशनल हो गई है।

अहमद और दिलशादा के घर से निकलने के बाद गाड़ी में आकाश की माँ ने कुछ ऐसा बताया, जो चौंकाने वाला था। आकाश की माँ ने बताया कि दिलशादा अपने परिवार वालों को कश्मीरी पंडितों के विरुद्ध भड़काया करती थी। आकाश को अचानक से विश्वास नहीं हुआ क्योंकि उन्होंने अभी-अभी दिलशादा को रोते हुए देखा था। बकौल आकाश की माँ, 1989 में इसी महिला ने पूरे मोहल्ले में अफवाह फैला दी थी कि समुदाय विशेष के लोगों को मारने के लिए तत्कालीन राज्यपाल जगमोहन ने मोहल्ले की पानी सप्लाई में ज़हर मिला दिया है।

ये सोचने लायक बात है कि ज़हरीले पानी से किसी मोहल्ले के एक ही मजहब वाले लोग ही क्यों मरेंगे? उसका असर हिन्दुओं पर क्यों नहीं होगा? ये बानगी है उन अफवाहों की, जिनके कारण कट्टरपंथियों ने कश्मीरी पंडितों पर अत्याचार की सारी हदों को पार कर दिया। दिलशादा एक ऐसी महिला थी, जो अपने बच्चों व परिजनों पर चिल्लाती थी कि वो बाहर जाएँ, सरकारी एजेंसियों के ख़िलाफ़ पत्थरबाजी करें, विरोध प्रदर्शन करें और उनके परिवार वालों को घाटी से बाहर खदेड़ डालें।

वही महिला, जो आकाश की माँ को देख कर ऐसे रो रही थी, जैसे उसका कोई अपना बिछड़ा हुआ बरसों बाद मिला हो। आकाश लिखते हैं कि कश्मीरी कट्टरपंथियों के भीतर वहाँ के हिन्दुओं के प्रति घृणा का भाव पहले से ही पनप रहा था। जब वो अपनी माँ के साथ दिल्ली लौट रहे थे, तब श्रीनगर एयरपोर्ट पर उन्हें भूख लगी। तब उन्होंने पास के एक कैफे में जाकर सैंडविच आर्डर किया और 100 रुपए दिए। वहाँ लोगों ने उनकी तरफ अजीब नज़रों से घूरा क्योंकि वो रमज़ान का महीना था और उस समय दिन में लोग रोजा रखते थे। बावजूद इसके कि आकाश ने स्थानीय भाषा का प्रयोग किया, उस कैफ़े वाले ने उन्हें जो कहा वो कश्मीरी कट्टरपंथियों की सोच के बारे में बहुत कुछ कहता है।

खुले पैसे माँगने पर कैफे वाले ने कहा कि वो ज़रूर देगा क्योंकि वो लोग ‘अतिथि’ हैं। वो जानता था कि आकाश और उनकी माँ कश्मीर में अतिथि नहीं हैं लेकिन फिर भी उसने जानबूझ कर ऐसा कहा। आकाश के मन में अचानक से कश्मीर से भगा दिए गए और मार डाले गए सम्बन्धियों के विचार आने लगे। उस कैफे वाले ने क्या यही याद दिलाने के लिए ऐसा कहा था? ख़ैर, इन घटनाओं से ये तो समझ आता ही है कि पंडितों के ऊपर जो जुल्म हुए, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘सबसे बड़ा रक्षक’ नक्सल नेता का दोस्त गौरांग क्यों बना मिथुन? 1.2 करोड़ रुपए के लिए क्यों छोड़ा TMC का साथ?

तब मिथुन नक्सली थे। उनके एकलौते भाई की करंट लगने से मौत हो गई थी। फिर परिवार के पास उन्हें वापस लौटना पड़ा था। लेकिन खतरा था...

अनुराग-तापसी को ‘किसान आंदोलन’ की सजा: शिवसेना ने लिख कर किया दावा, बॉलीवुड और गंगाजल पर कसा तंज

संपादकीय में कहा गया कि उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए की जा रही है, क्योंकि उन लोगों ने ‘किसानों’ के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

संजय दत्त के साथ किसिंग सीन को करने में पूजा भट्ट असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने अपनी बेटी की सारी शंकाएँ दूर कीं।

‘कॉन्ग्रेस का काला हाथ वामपंथियों के लिए गोरा कैसे हो गया?’: कोलकाता में PM मोदी ने कहा – घुसपैठ रुकेगा, निवेश बढ़ेगा

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपनी पहली चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। मिथुन भी मंच पर।

मिथुन चक्रवर्ती के BJP में शामिल होते ही ट्विटर पर Memes की बौछार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मिथुन चक्रवर्ती ने कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भाजपा का दामन थाम लिया।

‘ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण’ का शुभारंभ: CM योगी ने कहा – ‘जय श्री राम पूरे देश में चलेगा’

“जय श्री राम उत्तर प्रदेश में भी चलेगा, बंगाल में भी चलेगा और पूरे देश में भी चलेगा।” - UP कॉन्क्लेव शो में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि...

प्रचलित ख़बरें

माँ-बाप-भाई एक-एक कर मर गए, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया: 20 साल विष्णु को किस जुर्म की सजा?

20 साल जेल में बिताने के बाद बरी किए गए विष्णु तिवारी के मामले में NHRC ने स्वत: संज्ञान लिया है।

मौलाना पर सवाल तो लगाया कुरान के अपमान का आरोप: मॉब लिंचिंग पर उतारू इस्लामी भीड़ का Video

पुलिस देखती रही और 'नारा-ए-तकबीर' और 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रही भीड़ पीड़ित को बाहर खींच लाई।

‘40 साल के मोहम्मद इंतजार से नाबालिग हिंदू का हो रहा था निकाह’: दिल्ली पुलिस ने हिंदू संगठनों के आरोपों को नकारा

दिल्ली के अमन विहार में 'लव जिहाद' के आरोपों के बाद धारा-144 लागू कर दी गई है। भारी पुलिस बल की तैनाती है।

‘शिवलिंग पर कंडोम’ से विवादों में आई सायानी घोष TMC कैंडिडेट, ममता बनर्जी ने आसनसोल से उतारा

बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इसमें हिंदूफोबिक ट्वीट के कारण विवादों में रही सायानी घोष का भी नाम है।

आज मनसुख हिरेन, 12 साल पहले भरत बोर्गे: अंबानी के खिलाफ साजिश में संदिग्ध मौतों का ये कैसा संयोग!

मनसुख हिरेन की मौत के पीछे साजिश की आशंका जताई जा रही है। 2009 में ऐसे ही भरत बोर्गे की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

14 साल के किशोर से 23 साल की महिला ने किया रेप, अदालत से कहा- मैं उसके बच्ची की माँ बनने वाली हूँ

अमेरिका में 14 साल के किशोर से रेप के आरोप में गिरफ्तार की गई ब्रिटनी ग्रे ने दावा किया है कि वह पीड़ित के बच्चे की माँ बनने वाली है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,301FansLike
81,967FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe