Homeराजनीतिबीजद के ऋषभ नंदा और इनेलो के रणबीर गंगवा भी BJP में शामिल

बीजद के ऋषभ नंदा और इनेलो के रणबीर गंगवा भी BJP में शामिल

ऋषभ नंदा भुवनेश्वर के पार्टी मुख्यालय में भाजपा उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुए। वहीं हरियाणा सीएम मनोहरलाल खट्टर, भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ अनिल जैन और भाजपा के प्रधान सुभाष बराला की मौजूदगी में रणबीर गंगवा बीजेपी से जुड़े।

लोकसभा चुनाव 2019 अब करीब हैं और दूसरी पार्टी के नेताओं का भाजपा में लगातार शामिल होना भी चालू है। कॉन्ग्रेस के कई बड़े नेता तो पहले ही भाजपा की ओर रुख कर चुके हैं अब कल (21 मार्च 2019) को बीजू जनता दल (बीजद) के राज्यसभा प्रशांत नंदा के पुत्र ऋषभ नंदा भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। साथ ही इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) के विधायक रणबीर गंगवा भी भाजपा में शामिल हो गए।

ऋषभ नंदा भुवनेश्वर के पार्टी मुख्यालय में भाजपा उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में बीजेपी में शामिल हुए। वहीं हरियाणा सीएम मनोहरलाल खट्टर, भाजपा प्रदेश प्रभारी डॉ अनिल जैन और भाजपा के प्रधान सुभाष बराला की मौजूदगी में रणबीर गंगवा बीजेपी से जुड़े।

ऋषभ ने एएनआई से हुई बातचीत में बताया कि पार्टी में शामिल होने का उनका मुख्य लक्ष्य राज की प्रगति है। ऋषभ ने कहा, ‘भाजपा ने पिछले पाँच वर्षों में एक मजबूत सरकार देने का उदाहरण पेश किया है। मेरे लिए भाजपा में शामिल होना व्यक्तिगत निर्णय है।’

वहीं रणबीर गंगवा को लेकर मीडिया में खबरें हैं कि भाजपा उनको हिसार लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बना सकती है। गंगवा आईएनएलडी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और वह राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। जागरण में छपी खबर के मुताबिक रणबीर ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के लिए उन्होंने हिसार के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया और प्रदेश भाजपा के महामंत्री संजय भाटिया से संपर्क किया था, जिसके बाद उन्हें सीएम से मिलवाया गया। रणबीर का कहना है कि उन्होंने इंडियन नेशनल लोकदल के मौजूदा हालातों से तंग आकर उसे छोड़ा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -