Saturday, March 6, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया 'जूते से मारा, कुछ अज्ञात पीने को दिया, रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट':...

‘जूते से मारा, कुछ अज्ञात पीने को दिया, रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट’: जानिए अर्णब की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस ने क्या किया

मुंम्बई पुलिस ने उन्हें जूते से मारा। पानी तक नहीं पीने दिया। अर्णब ने अपने हाथ में 6 इंच गहरा घाव होने, रीढ़ की हड्डी और नस में चोट होने का दावा भी किया है। उनका कहना है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के वक्त जूते पहनने तक का समय नहीं दिया।

अर्णब गोस्वामी के वकीलों द्वारा उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर करने के बाद कुछ चौंकाने वाले खुलासे सामने आए है। जमानत के अलावा इस याचिका में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए और अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी कहा गया है।

बता दें अर्णब को मुंबई के इंटीरियर डिजाइनर अन्वय और उनकी माँ को कथित तौर पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 4 नवंबर बुधवार को गिरफ्तार किया गया था। मुंबई पुलिस ने उन्हें न्यायिक सहमति के बिना हिरासत में लिया था। वे 18 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। पिछली 3 रातों से उन्हें अलीबाग में बने कोविड सेंटर में रखा गया था।

जमानत याचिका पर आज दोपहर 12 बजे से न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की खंडपीठ सुनवाई कर रही है।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्णब गोस्वामी ने महाराष्ट्र पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद करने का अनुरोध किया है। अपनी जमानत याचिका में उन्होंने बताया कि किस तरह मुंबई पुलिस ने उन्हें मारा-पीटा और प्रताड़ित किया।

अर्णब ने घर से बाहर घसीटे जाने और गिरफ्तार करने के बाद मुंबई पुलिस द्वारा कथित तौर पर प्रताड़ित करने की कहानी सुनाई है।

  • 1) अर्णब के बाएँ हाथ पर 6 इंच का गहरा घाव हुआ।
  • 2) रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट।
  • 3) अर्णब ने दावा किया है कि पुलिस ने उन्हें जूते से मारा।
  • 4) पुलिस ने गिरफ्तारी के वक्त जूते पहनने तक का समय नहीं दिया।
  • 5) नस में चोट होने का दावा
  • 6) पानी तक नहीं पीने दिया।
  • 7) पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें कुछ तरल का सेवन करने के लिए मजबूर किया गया और जोकि पीने लायक नहीं था।

इस मामले में अर्णब गोस्वामी की बंदी प्रत्यक्षीकरण अर्जी कहती है:

गिरफ्तारी के दौरान और एक पुलिस वैन में अलीबाग में ट्रांसफर होने के दौरान याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि पुलिस ने उन्हें जूते से मारा। पानी तक नहीं पीने दिया। अर्णब ने अपने हाथ में 6 इंच गहरा घाव होने, रीढ़ की हड्डी और नस में चोट होने का दावा भी किया है। उनका कहना है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के वक्त जूते पहनने तक का समय नहीं दिया। साथ ही पुलिस अधिकारियों द्वारा उन्हें कुछ तरल का सेवन करने के लिए मजबूर किया गया और जोकि पीने लायक नहीं था।

गौरतलब है कि मुंबई पुलिस 2 साल पुराने बंद मामले में उन्हें गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुँची थी। इस दौरान उन्होंने अर्णब गोस्वामी से हाथापाई भी की। जिसके बाद रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर पुलिस द्वारा की गई उनकी गिरफ्तारी को चुनौती दी है।

बॉम्बे हाईकोर्ट में यह दलील तब आई जब मुंबई पुलिस ने मनमाने तरीके से महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख के निर्देश पर इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक की आत्महत्या के 2018 के बंद मामले में फिर से जाँच शुरू की।

याचिका की सुनवाई का आज तीसरा दिन है। कल, उच्च न्यायालय ने अर्णब गोस्वामी को उच्च न्यायालय में भी एक अलग जमानत आवेदन दायर करने के लिए कहा था।

अर्णब गोस्वामी का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कल मुंबई उच्च न्यायालय में तर्क दिया था कि अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी गैरकानूनी थी और उन्हें हिरासत में रखने का कोई आधार नहीं था। बंद मामले को बिना अदालत की अनुमति से खोल देना अपने आपमे संदिग्ध परिस्थितियों को दर्शाता है।

हरीश साल्वे ने कहा कि गृह मंत्री अनिल देशमुख ने विधानसभा में आरोप लगाया था कि आत्महत्या के लिए अर्णब जिम्मेदार था। यहीं से पूरा मामला शुरू होता है। उन्‍होंने कहा कि पुलिस एक ऐसे पुलिस रिमांड को पाना चाहती है, जिसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अस्वीकार कर दिया था।

साल्वे ने कोर्ट से कहा था कि अगर अन्वय नायक ने वित्तीय नुकसान के कारण आत्महत्या की, तो उनकी माँ ने अपना जीवन क्यों समाप्त कर लिया? हम आत्महत्या के पीछे की परिस्थितियों को नहीं जानते हैं। किसी ने यह स्थापित नहीं किया कि अवैध कमीशन है। साल्वे ने तर्क देते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में अर्नब को हिरासत में रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।

उल्लेखनीय है कि गोस्वामी को रायगढ़ पुलिस ने 4 नवंबर की सुबह उनके मुंबई आवास से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अलीबाग के CJM ने उन्हें 18 नवंबर तक के लिए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। कथिततौर पर गिरफ्तारी के समय मुंबई पुलिस ने अर्णब के नाबालिग बेटे से मारपीट और उनके परिजनों से बत्तमीजी भी की थी।

जिस पर HC में दायर याचिका में उठाया गया मुख्य तर्क यह है कि मजिस्ट्रेट द्वारा 2019 में पुलिस को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर मामले में एक क्लोजर आदेश पारित होने के बाद न्यायिक आदेश प्राप्त किए बिना मामले को फिर से खोलने के लिए पुलिस के पास कोई पावर नहीं है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

CM योगी से मिला किसानों का प्रतिनिधिमंडल, कहा- कृष‍ि कानूनों पर भड़का रहे लोग, आंदोलन से आवागमन बाधित होने की शिकायत

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने किसानों के हितों की रक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि नए कृषि कानून उनकी आय दोगुनी करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं और इससे कृषकों की आय में निरंतर वृद्धि होगी।

पिछले 1000-1200 वर्षों से बंगाल में हो रही गोहत्या, कोई नहीं रोक सकता: ममता के मंत्री सिद्दीकुल्लाह का दावा

"उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहाँ आकर कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह राज्य में गोहत्या को समाप्त कर देगी।"

‘फेक न्यूज फैक्ट्री’ कॉन्ग्रेस का पैतरा फेल: असम में BJP को बदनाम करने के लिए शेयर किया झारखंड के मॉकड्रिल का पुराना वीडियो

कॉन्ग्रेस को फेक न्यूज की फैक्ट्री कहते हुए बीजेपी के मंत्री ने लिखा, “वीडियो में 2 मिनट पर देखें, किस तरह से झारखंड के मॉक ड्रिल को असम पुलिस द्वारा शूटिंग बताया जा रहा है।”

नंदीग्राम में ममता और शुभेंदु के बीच महामुकाबला: बीजेपी ने पहले और दूसरे फेज के लिए 57 कैंडिडेट्स के नामों का किया ऐलान

पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 57 सीटों पर कैंडिडेट्स की लिस्ट जारी कर दी है। नंदीग्राम सीट से ममता के अपोजिट शुभेंदु अधिकारी को टिकट दिया गया है।

‘एक बेटा तो चला गया, कोर्ट-कचहरी में फँसेंगे तो वो बाकियों को भी मार देंगे’: बंगाल पुलिस की क्रूरता के शिकार एक परिवार का...

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा आम बात है। इसी तरह की एक घटना बैरकपुर थाना क्षेत्र के भाटपाड़ा में जून 25, 2019 को भी हुई थी, जब रिलायंस जूट मिल पर कुछ गुंडों ने बम फेंके थे।

‘40 साल के मोहम्मद इंतजार से नाबालिग हिंदू का हो रहा था निकाह’: दिल्ली पुलिस ने हिंदू संगठनों के आरोपों को नकारा

दिल्ली के अमन विहार में 'लव जिहाद' के आरोपों के बाद धारा-144 लागू कर दी गई है। भारी पुलिस बल की तैनाती है।

प्रचलित ख़बरें

माँ-बाप-भाई एक-एक कर मर गए, अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होने दिया: 20 साल विष्णु को किस जुर्म की सजा?

20 साल जेल में बिताने के बाद बरी किए गए विष्णु तिवारी के मामले में NHRC ने स्वत: संज्ञान लिया है।

‘शिवलिंग पर कंडोम’ से विवादों में आई सायानी घोष TMC कैंडिडेट, ममता बनर्जी ने आसनसोल से उतारा

बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। इसमें हिंदूफोबिक ट्वीट के कारण विवादों में रही सायानी घोष का भी नाम है।

16 महीने तक मौलवी ‘रोशन’ ने चेलों के साथ किया गैंगरेप: बेटे की कुर्बानी और 3 करोड़ के सोने से महिला का टूटा भ्रम

मौलवी पर आरोप है कि 16 माह तक इसने और इसके चेले ने एक महिला के साथ दुष्कर्म किया। उससे 45 लाख रुपए लूटे और उसके 10 साल के बेटे को...

‘मैं 25 की हूँ पर कभी सेक्स नहीं किया’: योग शिक्षिका से रेप की आरोपित LGBT एक्टिविस्ट ने खुद को बताया था असमर्थ

LGBT एक्टिविस्ट दिव्या दुरेजा पर हाल ही में एक योग शिक्षिका ने बलात्कार का आरोप लगाया है। दिव्या ने एक टेड टॉक के पेनिट्रेटिव सेक्स में असमर्थ बताया था।

‘जाकर मर, मौत की वीडियो भेज दियो’ – 70 मिनट की रिकॉर्डिंग, आत्महत्या से ठीक पहले आरिफ ने आयशा को ऐसे किया था मजबूर

अहमदाबाद पुलिस ने आयशा और आरिफ के बीच हुई बातचीत की कॉल रिकॉर्ड्स को एक्सेस किया। नदी में कूदने से पहले आरिफ से...

‘वे पेरिस वाले बँगले की चाभी खोज रहे थे, क्योंकि गर्मी की छुट्टियाँ आने वाली हैं’: IT रेड के बाद तापसी ने कहा- अब...

आयकर छापों पर चुप्पी तोड़ते हुए तापसी पन्नू ने बताया है कि मुख्य रूप से तीन चीजों की खोज की गई।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,301FansLike
81,963FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe