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सेना के प्रस्ताव को लेकर डेक्कन क्रॉनिकल ने मोदी समर्थकों पर कसा तंज, फिर चुपचाप हेडलाइन से ‘भक्त’ हटाया

खबर सेना में आम नागरिकों को तीन साल के लिए सेवा देने के प्रस्ताव से जुड़ी थी। डेक्कन क्रॉनिकल ने हेडलाइन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों पर तंज कसते हुए कहा था कि अब 'भक्तों' के लिए सेना में शामिल होने का समय आ गया है।

डेक्कन क्रॉनिकल ने गुरुवार (मई 14, 2020) को एक लेख प्रकाशित किया था। इसमें बताया गया था कि आम नागरिकों को तीन साल के लिए सेना में सेवा देने का मौका देने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। लेकिन, इस रिपोर्ट की हेडलाइन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थकों पर तंज कसा गया। कहा गया था कि अब ‘भक्तों’ के लिए सेना में शामिल होने का समय आ गया है।

‘भक्त’ और ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधी और मीडिया का एक धड़ा पीएम मोदी के समर्थकों के लिए करता है।

इसके बाद कॉन्ग्रेस समर्थकों ने डेक्कन क्रॉनिकल की ‘शानदार’ हेडलाइन के लिए प्रशंसा की। साथ ही यह आशंका भी जताई कि ‘संघी’ अब सेना में घुसपैठ कर सकते हैं।

कुछ लोगों ने इसे प्रिंट मीडिया के ‘विश्वसनीयता’ रूप में भी देखा।

इस बीच, पीएम मोदी के समर्थकों ने इस बात को अपनी प्रशंसा में लेते हुए इसे ताने के रूप में इस्तेमाल किया और कहा कि वास्तव में केवल ‘भक्त’ ही देश की सेवा कर सकते हैं और मातृभूमि के लिए मरने को भी तैयार रहते हैं।

हालांकि, कॉन्ग्रेस समर्थकों की सराहना के बावजूद ‘डेक्कन क्रॉनिकल’ ने एक दिन बाद बिना कुछ कहे ही ‘अंध भक्त’ को अपने हेडलाइन से हटा दिया। नए हेडलाइन में लिखा- सेना ने आम नागरिकों के लिए तीन साल के टूर फ़ॉर ड्यूटी का दिया प्रस्ताव।

मीडिया में हेडलाइन का ‘खेल’

आजतक ने हाल ही में एक मुस्लिम घर में हिंसा पर एक रिपोर्ट में करवा चौथ को खींचकर हिंदूफोबिया प्रदर्शित की थी। हेडलाइन में कहा गया था कि एक पति ने करवा चौथ के दिन अपनी पत्नी की जीभ काट दी थी, जबकि अपराधी और पीड़ित, दोनों गैर-हिंदू थे। इसी तरह एनडीटीवी को भी ट्विटर पर पकड़े जाने के बाद अपने गुमराह करने वाले हेडलाइन को बदलना पड़ा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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