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थूको और उसी को चाटो… बिहार में दलित के साथ सवर्ण का अत्याचार: NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी ने ऐसे फैलाई फेक न्यूज

पुलिस ने भी यही बताया कि वीडियो बिहार के गया का है। थूक कर चाटने वाला व्यक्ति भी दलित है। लेकिन एक कहानी पुलिस ने और बताई। वही कहानी जिसे छुपा कर NDTV पत्रकार और साक्षी जोशी अपने झूठ की दुकान बढ़ा रहे थे।

बिहार का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसके आधार पर दावा किया जा रहा है कि एक दलित व्यक्ति को थूक चाटने के लिए ‘सामंती विचारधारा के लोगों’ ने मजबूर किया। इंटरनेट पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के राज में एक दलित के साथ सवर्ण अत्याचार कर रहे हैं। इस वीडियो में पीड़ित को उठक-बैठक करने के लिए कहा जाता है और कहवाया जाता है कि गलती नहीं करेगा।

NDTV के पत्रकार मनीष ने लिखा, “देखिए, बिहार के गया ज़िले में पंचायत चुनाव में सर उठाने के लिए सामंती लोग एक दलित को थूक चाटने की कैसे सजा दे रहे हैं। नीतीश कुमार के शासन में सब कुछ ठीक नहीं।⁦ दुष्प्रचार किया जा रहा है कि एक दलित को सामान्य वर्ग के व्यक्ति ने थूक चटवाया।⁦ अब आते हैं सच्चाई पर।⁦ बिहार पुलिस ने इस मामले में संज्ञान लिया है।⁦ इसके लिए दोषी लोगों को पकड़ लिया गया है।⁦

पुलिस ने बताया कि ये मामला गया के एक गाँव का है, जहाँ उस दलित व्यक्ति को थूक चटवाया जाता है और उठक-बैठक कराया जाता है।⁦ SSP आदित्य कुमार ने बताया कि वो व्यक्ति अपने ही समुदाय की एक महिला के साथ भाग गया था।⁦ जब वो लौटा, तो उसे पंचायत में लेकर जाया गया।⁦ उसी गाँव में, जहाँ से वो भागा था।⁦ इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार गया है।⁦ आरोपितों में महिला का पिता और भाई शामिल है।⁦

महिला और युवक एक ही समुदाय के हैं।⁦ इस मामले में SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।⁦ अन्य आरोपितों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।⁦ जबकि NDTV का पत्रकार मनीष पीड़ित का एक वीडियो डाल कर अफवाह फैला रहा था कि मुखिया के पक्ष में प्रचार न करने के कारण उसके साथ ऐसा किया गया।⁦ साक्षी जोशी जैसे पत्रकारों ने भी इस अफवाह को आगे बढ़ाया।⁦

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अनुपम कुमार सिंह
अनुपम कुमार सिंहhttp://anupamkrsin.wordpress.com
भारत की सनातन परंपरा के पुनर्जागरण के अभियान में 'गिलहरी योगदान' दे रहा एक छोटा सा सिपाही, जिसे भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति और सिनेमा की समझ है। पढ़ाई कम्प्यूटर साइंस से हुई, लेकिन यात्रा मीडिया की चल रही है। अपने लेखों के जरिए समसामयिक विषयों के विश्लेषण के साथ-साथ वो चीजें आपके समक्ष लाने का प्रयास करता हूँ, जिन पर मुख्यधारा की मीडिया का एक बड़ा वर्ग पर्दा डालने की कोशिश में लगा रहता है।

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