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केरल में हुआ ब्लास्ट, मीडिया चैनल ने दिखाया… यासीन अराफात ने की शिकायत, केरल की पुलिस ने दर्ज किया ‘मजहबी सद्भाव बिगाड़ने’ वाला FIR

शिकायतकर्ता यासीन अराफात ने आरोप लगाया कि पत्रकार और टीवी चैनल ने आईईडी विस्फोटों को मौजूदा इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध से जोड़ने का प्रयास किया। जिससे मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की गई। 

केरल के ईसाई समुदाय यहोवा की प्रार्थना सभा में 29 अक्टूबर, 2023 को हुए ब्लास्ट की मीडिया कवरेज को गैरजिम्मेदाराना बताते हुए थ्रीक्काकारा थाने में लोकस टीवी चैनल के पत्रकारों और संपादकों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह मामला कोच्चि के कलामासेरी में जहाँ ब्लास्ट हुआ था वहीं के निवासी यासीन अराफात की शिकायत के आधार पर 31 अक्टूबर, 2023 को दर्ज की गई थी। 

मजहबी सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश के तहत FIR 

मामले के बारे में जानकारी देते हुए केरल के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 29 अक्टूबर को कोच्चि में ईसाई संप्रदाय यहोवा के साक्षियों की एक सभा में हुए विस्फोटों के कवरेज के माध्यम से विभिन्न मजहबी  समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने वाले रिपोर्टिंग के लिए एक मलयालम टीवी समाचार चैनल और कोऑर्डिनेटिंग एडिटर सुजॉय पार्वती (Sujaya Parvathy) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता यासीन अराफात ने आरोप लगाया कि पत्रकार और टीवी चैनल ने आईईडी विस्फोटों को मौजूदा इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध से जोड़ने का प्रयास किया। इसके आधार पर राज्य में मुस्लिम समुदाय को बदनाम करने की कोशिश की गई। 

वहीं इस मामले की जाँच कर रहे कोच्चि के थ्रीक्काकारा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया, “एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 153 (ए) और केरल पुलिस अधिनियम की धारा 120 (ओ) के तहत दर्ज की गई है। हम मामले की जाँच कर रहे हैं कि IPC की ये धाराएँ सद्भावना बिगाड़ने और साजिश रचने के लिए लगायी जाती हैं। ये गैरजमानती हैं और कैद के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। 

क्या है मलयाली न्यूज़ चैनल का जवाब

बम ब्लास्ट से जुड़ी रिपोर्टिंग को लेकर चैनल की ओर से कहा गया है कि पुलिस की इस प्राथमिकी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। यह तुष्टिकरण के लिए मीडिया की स्वतंत्रता को बाधित करने का प्रयास है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ हर तरह के कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। 

गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को केरल में मुस्लिम समुदाय की एक बड़ी जनसभा फिलिस्तीन और गाजा के समर्थन में और इजरायल के खिलाफ हुई थी। उसमें फिलिस्तीन के चरमपंथी गुट हमास के आतंकी ने भी संबोधन किया था।

इसके अगले ही दिन केरल में जब ईसाई समुदाय की प्रार्थना सभा में धमाके हुए तो शुरू में इसे, एक दिन पहले की जनसभा से जोड़ा जा रहा था। हालाँकि,  बाद में पता चला कि ब्लास्ट को अंजाम देने वाला शख्स डोमिनिक मार्टिन भी यहोवा विटनेस समुदाय से ही जुड़ा हुआ है। और इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए उसने केरल पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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