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फिर से चलो: यमुना पार कर रहे प्रवासी मजदूर से NDTV रिपोर्टर ने पोज देने को कहा, देखें Video

बचाव में NDTV ने एक स्पष्टीकरण पोस्ट किया है। इसमें कहा है कि उपरोक्त फुटेज जिसमें प्रवासी मजदूर को फिर से पोज़ देने और चलने के लिए कहा गया था, वह हमें एक बाहर के रिपोर्टर द्वारा भेजा गया था।

शुक्रवार (15 मई 2020) को एनडीटीवी (NDTV) ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें रिपोर्टर हरियाणा के कलानौर से यमुना नदी पार कर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जा रहे एक प्रवासी मजदूर से बेहतर फुटेज के लिए ‘फिर से चलने के लिए’ कहते हुए सुना जा सकता है।

वीडियो की शुरुआत में रिपोर्टर एक प्रवासी मजदूर से कुछ कदम पीछे जाकर फिर चलने के लिए कहता है। रिपोर्टर के कहे अनुसार मजदूर कुछ कदम पीछे हट जाता है और वहीं रुक जाता है। वह रिपोर्टर के इशारे के बाद फिर से चलने लगता है।

तथ्य यह है कि प्रवासी मजदूर को सिर्फ फुटेज के लिए दोबारा चलने के लिए कहे जाने पर एक सोशल मीडिया यूजर ने इस क्लिप की प्रामाणिकता पर सवाल उठाया है।

सोशल मीडिया यूजर ने उस पत्रकार की असंवेदनशीलता पर भी सवाल उठाया, जिसने प्रवासी मजदूर को सिर्फ फुटेज के चलते पीछे हटने और पोज़ देने के लिए कहा था।

बचाव में NDTV ने एक स्पष्टीकरण पोस्ट किया है। इसमें कहा है कि उपरोक्त फुटेज जिसमें प्रवासी मजदूर को फिर से पोज़ देने और चलने के लिए कहा गया था, वह हमें एक बाहर के रिपोर्टर द्वारा भेजा गया था।

कुछ घंटे बाद, एनडीटीवी ने पत्रकार विशु सोम के शो के दौरान इस वीडियो को बिना किसी स्पष्टीकरण के चलाया।

सोम के शो में पूरी क्लिप दिखाने की जगह सिर्फ़ रिपोर्टर द्वारा कहे जाने पर ‘प्रवासी मजदूर’ द्वारा दोबारा पीछे जा कर पोज़ देने वाली वीडियो ही दिखाई गई।

पिछले साल जनवरी में जब प्रियंका गाँधी वाड्रा आधिकारिक तौर पर कॉन्ग्रेस पार्टी में शामिल हुई थीं, इंडिया टुडे के पत्रकार को भीड़ को ‘उत्साहित दिखने के लिए’ निर्देशित करते हुए देखा गया था। हाल ही में उज्जैन के एक एनजीओ ने भी दावा किया था कि दैनिक भास्कर ने फोटो के लिए सड़क से 10 साल की लड़की को अनाज बीनने के लिए तैयार किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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