Wednesday, January 20, 2021
Home देश-समाज 'पगला गए हो क्या?' दि प्रिंट के शिवम विज ने पहले फ़र्ज़ी बयान छापा,...

‘पगला गए हो क्या?’ दि प्रिंट के शिवम विज ने पहले फ़र्ज़ी बयान छापा, पकड़े जाने पर की बेहूदगी

दि प्रिंट कश्मीर पर एक लेख लिखता है जिसमें वो किसी का 10 साल पुराना बयान संदर्भ से परे ऐसे छापता है मानो वह बयान शिवम विज ने परसों लिया था। झूठ पकड़ा गया तो बेचारे वही करने लगे जिसके लिए मशहूर हैं: बेहूदगी!

शिवम विज नाम के एक पत्रकार हैं। खुद को लिबरल थिंकर कहते हैं। शेखर गुप्ता के द प्रिंट के लिए काम करते हैं। लेकिन हकीकत में यह झूठ फ़ैलाने की ज़िम्मेदारी लेकर खुलेआम घूमने वाले शख्स हैं। यह आरोप निराधार नहीं है। क्यों? क्योंकि विज साहब ने कश्मीरी पंडितों पर एक रिपोर्ट लिखी। इस रिपोर्ट में अपना एजेंडा थोपने के लिए उन्होंने अरविन्द गिगू से बातचीत को जबरन डाल दिया। वैसे तो शिवम विज द प्रिंट के कॉन्ट्रीब्यूटिंग एडिटर हैं लेकिन अपने पद को बदनाम करने में अपनी संस्था से भी दो कदम आगे हैं। कश्मीरी पंडितों की अपनी रिपोर्ट में शिवम ने जिस लेक्चरर के हवाले से झूठ फैलाने की कोशिश की, उन्हीं के बेटे सिद्धार्थ ने उसे अपने पिता के नाम से चलाई जा रही उस भ्रामक लाइन को हटाने के लिए कहा है।

फिलहाल तो द प्रिंट के संपादक शेखर गुप्ता ने यह नहीं कहा है कि असफलताओं के लिए खुद को जिम्मेदार मानने की ज़रूरत है, लेकिन 2007 में जब वो इंडियन एक्सप्रेस के साथ थे, तब उन्होंने ये बातें कहीं थीं। उन्होंने अनिल विज के संदर्भ में ये बातें कतई नहीं कही है। वैसे चीजों को तोड़-मरोड़ कर अपने तरीके से गढ़कर पेश करना द प्रिंट की पुरानी आदत रही है। अपनी इस बेशर्मी के लिए उसे लताड़ा भी जाता रहा है। चूँकि द प्रिंट दशकों पुराने उद्धरणों को वर्तमान परिदृश्यों के लिए जिम्मेदार मानता है, इसलिए हमने सोचा कि यह देखना काफी मजेदार होगा कि समय कैसे बदलता है।

शिवम विज के लेख का हिस्सा

बता दें कि शिवम विज ने कश्मीरी पंडितों पर अपनी एक रिपोर्ट में लिखा था, “अरविन्द गिगू कश्मीर के एक रिटायर्ड अंग्रेजी लेक्चरर हैं, जो 1991 के कश्मीर घाटी पलायन में निकलकर जम्मू आ गए और अब वहीं फ्लैट लेकर रहते हैं। उन्होंने कहा कि अब वे यहीं रहते हैं क्योंकि उनके ज़्यादातर दोस्त यहीं हैं। यही कारण है कि वह दिल्ली में अपने बेटे के साथ नहीं रहते। शिवम ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि सालों बाद जब वह श्रीनगर गए तो उन्हें एक बाहरी जैसा महसूस हुआ, वहाँ वे अब किसी को नहीं जानते।”

शिवम विज ने अपने प्रोपेगेंडा को हवा देने के लिए के लिए अरविन्द गिगू के नाम का सहारा लिया और कहा कि उन्होंने जो भी कहा है, वो उनके हवाले से कहा है। हालाँकि अरविन्द गिगू के बेटे सिद्धार्थ गूगू ने इसे सिरे से नकारते हुए, शिवम विज को झूठा करार देते हुए कहा कि उनके पिता ने इस तरह का कोई बयान नहीं दिया था। सिद्धार्थ ने तो यहाँ तक कह दिया कि उनके पिता ने तो कभी द प्रिंट के साथ बात ही नहीं की है। 

सिद्धार्थ गिगू के इस टिप्पणी के बाद शेखर गुप्ता ने शिवम विज द्वारा लिखे गए रिपोर्ट को सही बताते हुए वकालत की। शेखर गुप्ता ने द प्रिंट का नेतृत्व करते हुए दावा किया कि यह बयान सटीक है और 2010 में अरविंद गिगू के साथ विज की मीटिंग से लिया गया है। शिवम विज ने भी इसी तरह का ट्वीट किया। शिवम विज के ट्विटर हैंडल को चेक करने पर उनकी बेशर्मी और भी स्पष्ट हो जाती है।

द प्रिंट ने किया शिवम विज का बचाव

दरअसल द प्रिंट और शिवम विज का सोचना यह है कि एक दशक पुरानी बात, जब समय और परिस्थितियाँ अलग थीं, उस समय की घटनाओं और परिस्थितियों का हवाला देते हुए आज के समय में वो अपने प्रोपेगेंडा को फैलाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। द प्रिंट और शिवम विज द्वारा हेकड़ीपन और अक्खड़पने के बेशर्म प्रदर्शन के बाद द प्रिंट ने चुपके से उस पैराग्राफ को बदल दिया जहाँ अरविंद गिगू का हवाला दिया गया था।

शिवम विज की बेशर्मी

शिवम विज ने दावा किया कि उन्होंने अपनी रिपोर्ट में जो जानकारी साझा किया है, वो बिल्कुल सटीक है। उनका कहना है कि यह जानकारी 2010 से 2012 में लिया गया था। यानी कि जिस उद्धरण की वो बात कर रहे हैं, वो लगभग एक दशक पहले का है, जब कश्मीर में आतंकवाद अपने चरम पर था। वहीं जब सिद्दार्थ गिगू, विज से इसको लेकर सवाल किया, तो विज बेशर्मी पर उतर आते हैं और बोलते हैं, “क्या वह पागल हो गया है?”

द प्रिंट के लेख में किया गया बदलाव

द प्रिंट का मानना है कि यह पूरी तरह से उचित है कि 2007 में शेखर गुप्ता के बयान को वर्तमान संदर्भ में, बिना वर्तमान परिस्थिति की परवाह किए इस्तेमाल किया जा सकता है। 2007 में शेखर गुप्ता ने इंडियन एक्सप्रेस के कर्मचारियों को 2751 शब्द का एक ईमेल लिखा था, जिसमें कहा गया था कि समूह खुद को “एक बड़ी छलांग के लिए” तैयार है। इसे एक ईमानदार आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता है और हमारी विफलताओं और कमजोरियों को स्वीकार करने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे लिखा, “एक साल में जब मीडिया उद्योग में लगभग 25% की वृद्धि हुई है, हमारे राजस्व में 3% की गिरावट आई है। इसका मतलब है कि हम अपने लक्ष्य (लाभ) से पिछड़ रहे हैं।”

शेखर गुप्ता उस समय इंडियन एक्सप्रेस समूह के प्रधान संपादक थे। इस दौरान उन्होंने शीर्ष प्रबंधन टीम के सदस्यों से उस वर्ष के लिए वेतन फ्रीज करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि वो मार्केट में पिछड़ रहे हैं। इसलिए उन्होंने खुद भी वेतन के एक महत्वपूर्ण हिस्से को तब तक न लेने का फैसला किया है जब तक कि वो इसमें कुछ वास्तविक सुधार नहीं देखते। 

शेखर गुप्ता और उनके वर्तमान मीडिया हाउस द प्रिंट, गलतियों को स्वीकार न करने के बहुत ही बेशर्म हो गया है। हमारे विचार से द प्रिंट के संपादकीय मानकों को देखते हुए शिवज विज द्वारा किए गए बेहूदगी को आज आसानी से शेखर गुप्ता को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

माकपा के गुंडों ने नारेबाजी करते हुए धमकी दी: मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं को मार दिया जाएगा, शरीर पर हरे झंडे गाड़ दिए जाएँगे

माकपा कार्यकर्ताओं ने चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता मारे जाएँगे। उन्होंने कहा कि माकपा एक ऐसा संगठन है, जहाँ पार्टी चाहती है तो लोग मारे जाते हैं।

राम मंदिर के लिए दान दीजिए, लोगों को प्रेरित कीजिए

राम मंदिर की अहमियत नए मंदिर से नहीं, बल्कि पाँच सौ साल पहले टूटे मंदिर से समझिए, जब हमारे पूर्वज ग्लानि से डूबे होंगे। आपका सहयोग, उनको तर्पण देने जैसा है।

‘कुत्ते से सेक्स करोगी क्या?’ – शर्लिन, जिया के अलावा साजिद खान ने 5 हिरोइन-लड़कियों के साथ की घिनौनी हरकत

साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वालों में प्रमुख नाम शर्लिन, सलोनी चोपड़ा, जर्नलिस्ट करिश्मा उपाध्याय, रैचल वाइट, आहना कुमरा, डिम्पल पाउला और जिया खान हैं।

फेक TRP केस: अर्णब के खिलाफ दायर आरोप पत्र में हैं India Today के खिलाफ सबूत, खामोश है मुम्बई पुलिस

इस चैट का एक हिस्सा अप्रैल 12, 2016 का है। तब न रिपब्लिक टीवी लॉन्च हुआ था और न ही रिपब्लिक भारत अस्तित्व में आया था।

‘भारतीयों को कभी भी… मतलब कभी भी कम मत आँको’ – ऑस्ट्रेलियन कोच ने ऐसे मानी हार, पहले दिखाई थी हेकड़ी

टीम इंडिया की जीत के बाद ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट टीम के कोच जस्टिन लैंगर ने चैनल 7 से बात करते हुए कहा, “भारतीयों को कभी भी..."

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।

प्रचलित ख़बरें

‘टॉप और ब्रा उतारो’ – साजिद खान ने जिया को कहा था, 16 साल की बहन को बोला – ‘…मेरे साथ सेक्स करना है’

बॉलीवुड फिल्म निर्माता साजिद खान के खिलाफ एक बार फिर आवाज उठनी शुरू। दिवंगत अभिनेत्री जिया खान की बहन करिश्मा ने वीडियो शेयर कर...

‘नंगा कर परेड कराऊँगा… ऋचा चड्ढा की जुबान काटने वाले को ₹2 करोड़’: भीम सेना का ऐलान, भड़कीं स्वरा भास्कर

'भीम सेना' ने 'मैडम चीफ मिनिस्टर' को दलित-विरोधी बताते हुए ऋचा चड्ढा की जुबान काट लेने की धमकी दी। स्वरा भास्कर ने फिल्म का समर्थन किया।

‘उसने पैंट से लिंग निकाला और मुझे फील करने को कहा’: साजिद खान पर शर्लिन चोपड़ा ने लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप

अभिनेत्री-मॉडल शर्लिन चोपड़ा ने फिल्म मेकर फराह खान के भाई साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

‘शक है तो गोली मार दो’: इफ्तिखार भट्ट बन जब मेजर मोहित शर्मा ने आतंकियों के बीच बनाई पैठ, फिर ठोक दिया

मरणोपतरांत अशोक चक्र से सम्मानित मेजर मोहित शर्मा एक सैन्य ऑपरेशन के दौरान बलिदान हुए थे। इफ्तिखार भट्ट बन उन्होंने जो ऑपरेशन किया वह आज भी कइयों के लिए प्रेरणा है।

‘हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान’: TANDAV की पूरी टीम के खिलाफ यूपी में FIR, सैफ अली खान को मुंबई पुलिस का प्रोटेक्शन

सैफ अभिनीत 'तांडव' वेब सीरीज में भगवान शिव का अपमान किए जाने और जातीय वैमनस्य को बढ़ावा देने के कारण अब यूपी में केस दर्ज किया गया है।

‘अल्लाह का मजाक उड़ाने की है हिम्मत’ – तांडव के डायरेक्टर अली से कंगना रनौत ने पूछा, राजू श्रीवास्तव ने बनाया वीडियो

कंगना रनौत ने सीरीज के मेकर्स से पूछा कि क्या उनमें 'अल्लाह' का मजाक बनाने की हिम्मत है? उन्होंने और राजू श्रीवास्तव ने अली अब्बास जफर को...
- विज्ञापन -

 

लोगों के जबरदस्त विरोध के बाद वेब सीरीज ‘तांडव’ में बदलाव करेंगे प्रोड्यूसर-डायरेक्टर, अली अब्बास जफ़र ने फिर से माँगी माफी

''हमारे मन में देश के लोगों की भावनाओं के बहुत सम्मान है। हमारा इरादा किसी व्यक्ति, जाति, समुदाय, नस्ल, धर्म, धार्मिक समुदाय, राजनीतिक दल, जीवित या मृत व्यक्ति की भावनाओं को चोट पहुँचाना नहीं था। तांडव के कास्ट और क्रू ने सीरीज के कंटेंट में बदलाव करने का फैसला लिया है।"

माकपा के गुंडों ने नारेबाजी करते हुए धमकी दी: मुस्लिम लीग के कार्यकर्ताओं को मार दिया जाएगा, शरीर पर हरे झंडे गाड़ दिए जाएँगे

माकपा कार्यकर्ताओं ने चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि मुस्लिम लीग के कार्यकर्ता मारे जाएँगे। उन्होंने कहा कि माकपा एक ऐसा संगठन है, जहाँ पार्टी चाहती है तो लोग मारे जाते हैं।

देवी-देवताओं को गाली देने वाले फारुकी के बचाव में सामने आया एक और ‘कॉमेडियन’, किया कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का इस्तेमाल

“आज कश्मीरी पंडित नरसंहार के 31 साल पूरे हो गए हैं। मैं चाहता हूँ कि मैं अपनी मातृभूमि, कश्मीर वापस जाऊँ, जहाँ मुझे अपनी न्यायिक प्रणाली की मृत्यु के बारे में पढ़ने के लिए इंटरनेट नहीं होगा।”

पीपल्स कॉन्फ्रेंस के सज्जाद लोन ने किया गुपकार गठबंधन से किनारा, हाल ही में एक नेता ने की थी अमित शाह से मुलाकात

“इस गठबंधन को बलिदान की आवश्यकता थी। गठबंधन चलाने के लिए सभी दलों को दूसरे दलों को जगह देने की जरूरत होती है। लेकिन गुपकार में कोई सहयोग नहीं कर रहा है।"
00:26:49

राम मंदिर के लिए दान दीजिए, लोगों को प्रेरित कीजिए

राम मंदिर की अहमियत नए मंदिर से नहीं, बल्कि पाँच सौ साल पहले टूटे मंदिर से समझिए, जब हमारे पूर्वज ग्लानि से डूबे होंगे। आपका सहयोग, उनको तर्पण देने जैसा है।

‘कुत्ते से सेक्स करोगी क्या?’ – शर्लिन, जिया के अलावा साजिद खान ने 5 हिरोइन-लड़कियों के साथ की घिनौनी हरकत

साजिद खान पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वालों में प्रमुख नाम शर्लिन, सलोनी चोपड़ा, जर्नलिस्ट करिश्मा उपाध्याय, रैचल वाइट, आहना कुमरा, डिम्पल पाउला और जिया खान हैं।

‘आज कर्ज के कारण जहाज रोका, कल PM को ही रोक लेंगे!’: पाक संसद में इमरान खान की किरकिरी, देखें वीडियो

"मलेशिया, जो हमारा दोस्त मुल्क है, इस्लामी मुल्क है, वो अगर मजबूर होकर हमारा जहाज रोकता है तो मुझे यकीन है कि कल को वो आपके प्राइम मिनिस्टर को भी रोक लेंगे। कैसी बेहुदा हुक़ूमत है ये।"

राम मंदिर निधि के नाम पर कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय का पब्लिसिटी स्टंट, PM मोदी से पूछा- चंदा कहाँ दिया जाए

सोमवार को कॉन्ग्रेस नेता ने 1,11, 111 रुपए का चेक श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के नाम पर साइन किया और सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें पता ही नहीं है कि इसे देना कहाँ है।

‘अश्लील बातें’ करने वाले मुफ्ती को टिकटॉक स्टार ने रसीद किया झन्नाटेदार झापड़: देखें वायरल वीडियो

टिकटॉक स्टार कहती हैं, "साँप हमेशा साँप रहता है। कोई मलतलब नहीं है कि आप उससे कितनी भी दोस्ती करने की कोशिश करो।"

फेक TRP केस: अर्णब के खिलाफ दायर आरोप पत्र में हैं India Today के खिलाफ सबूत, खामोश है मुम्बई पुलिस

इस चैट का एक हिस्सा अप्रैल 12, 2016 का है। तब न रिपब्लिक टीवी लॉन्च हुआ था और न ही रिपब्लिक भारत अस्तित्व में आया था।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
382,000SubscribersSubscribe