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10 अंकों का ही होगा मोबाइल नंबर: 11 अंकों के नंबर से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों को TRAI ने किया खारिज

TRAI की ओर से साफ किया गया है कि सभी नंबरों से पहले '0' को प्री-फिक्स की तरह लगाने का सुझाव जरूर दिया गया है, लेकिन ऐसा तभी करना होगा जब किसी फिक्स्ड लाइन नंबर से कॉल की जा रही होगी। यानी कि लैंडलाइन से या एसटीडी कॉल करने के दौरान पहले की तरह ही नंबर से पहले 0 लगाना होगा।

टेलीकॉम रेग्युलेटरी ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने रविवार (मई 31, 2020) को देश में मोबाइल फोन नंबरिंग स्कीम बदलने की अटकलों को खाारिज कर दिया। TRAI ने स्पष्ट किया कि मोबाइल नंबर 10 अंकों के साथ ही जारी रहेगा।

दरअसल कुछ मीडिया हाउस TRAI के हवाले से खबर चला रहे थे कि मोबाइल फोन नंबर 10 अंक की बजाए 11 अंक का होने वाला है। मगर TRAI ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

बता दें कि 29 मई को TRAI ने ‘फिक्स्ड लाइन और मोबाइल सेवाओं के लिए पर्याप्त संख्या में संसाधन सुनिश्चित करने’ को लेकर सिफारिश की थी और उसी दिन इस संबंध में प्रेस रिलीज भी जारी किया गया था।

31 मई को जारी प्रेस रिलीज में TRAI ने बताया कि इस संबंध में कुछ मीडया हाउसों ने रिपोर्ट किया कि TRAI ने देश में 11 अंकों के मोबाइल नंबर को इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है, जो कि पूरी तरह से गलत है।

इसके साथ ही TRAI की ओर से साफ किया गया है कि सभी नंबरों से पहले ‘0’ को प्री-फिक्स की तरह लगाने का सुझाव जरूर दिया गया है, लेकिन ऐसा तभी करना होगा जब किसी फिक्स्ड लाइन नंबर से कॉल की जा रही होगी। यानी कि लैंडलाइन से या एसटीडी कॉल करने के दौरान पहले की तरह ही नंबर से पहले 0 लगाना होगा। लेकिन यह किसी तरह की नई नंबरिंग स्कीम का हिस्सा नहीं है। पहले की तरह ही मोबाइल नंबर 10 अंकों का ही होगा।

बता दें कि इस खबर को तोड़-मरोड़ कर कई हिंदी और अंग्रेजी मीडिया हाउस ने रिपोर्ट किया था। इनमें NDTV, INDIA TODAY, HINDUSTAN, TIMES OF INDIA के साथ ही नवभारत टाइम्स, हिन्दुस्तान, न्यूज 18, एनडीटीवी का गैजेट 360 और दैनिक भास्कर जैसे कई मीडिया हाउस के नाम शामिल हैं।

इन्होंने अपनी रिपोर्ट में मोबाइल नंबर के 11 अंक में तब्दील करने की बात करने के साथ ही यह भी कहा था कि TRAI  के मुताबिक 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर को 11 अंकों वाले मोबाइल नंबर से बदलने पर देश में ज्यादा नंबर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्राई का कहना है कि मोबाइल नंबरों में अंकों की संख्या 11 हो जाएगी और नंबर की शुरुआत 9 अंक से होगी तो इससे करीब 10 अरब मोबाइल नंबर दिए जा सकते हैं। आगे कहा गया कि TRAI के मुताबिक 70 प्रतिशत यूटिलाइजेशन और मौजूदा पॉलिसी के साथ 700 करोड़ कनेक्शन होने तक के लिए काफी है। हालाँकि अब TRAI ने इन सारी खबरों का खंडन कर दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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