Homeदेश-समाजगीता-रामायण पढ़ने पर जाकिर और समीर ने दिलशेर को पीटा, जान से मारने की...

गीता-रामायण पढ़ने पर जाकिर और समीर ने दिलशेर को पीटा, जान से मारने की भी दी धमकी

यह भी कहा जा रहा है कि समीर और जाकिर ने धार्मिक ग्रंथों को फाड़ने की भी कोशिश की। दिलशेर ने बमुश्किल उन लोगों से अपनी और परिवार की जान बचाई। कट्टरपंथी हमलावर जाते-जाते आगे से गीता-रामायण न पढ़ने की चेतावनी देते हुए, जान से मारने की धमकी देकर गए हैं।

अलीगढ़ के शाहजमल क्षेत्र से मुस्लिम व्यक्ति के साथ मार-पिटाई का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नवभारत टाइम्स की खबर के अनुसार यहाँ 55 साल के मुस्लिम व्यक्ति को उसके समुदाय के कुछ युवकों ने घर में घुसकर सिर्फ़ इसलिए पीटा है क्योंकि वह अपने घर में बैठकर हिंदुओं की धार्मिक पुस्तक ‘गीता’ पढ़ रहा था। फिलहाल इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।

खबर के मुताबिक पुलिस ने बताया है कि दिलशेर नाम का मुस्लिम व्यक्ति एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता है। गुरुवार (जुलाई 4, 2019) की सुबह 9 बजे वह अपने काम से लौटने के बाद घर पर बैठकर गीता पढ़ रहा था कि तभी समीर, जाकिर और कुछ अन्य युवक घर में घुसे और दिलशेर से मारपीट करने लगे। इसके बाद उन युवकों ने दिलशेर से ‘गीता’ और ‘रामायण’ छीनी और अपने साथ ले गए।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह भी कहा जा रहा है कि समीर और जाकिर ने धार्मिक ग्रंथों को फाड़ने की भी कोशिश की। दिलशेर ने बमुश्किल उन लोगों से अपनी और परिवार की जान बचाई। कट्टरपंथी हमलावर जाते-जाते आगे से गीता-रामायण न पढ़ने की चेतावनी देते हुए, जान से मारने की धमकी देकर गए हैं।

दिलशेर के मुताबिक वह इन हिन्दू धर्म ग्रंथों को पिछले 38 साल से पढ़ रहें है। वह कहते हैं, “मैं एक मुस्लिम हूँ लेकिन मेरा मजहब मुझे दूसरे धर्मों की कोई और पाक किताब पढ़ने से नहीं रोकता।

एसपी सिटी अभिषेक ने आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच चल रही है और आरोपितों के ख़िलाफ़ जल्द ही कार्रवाई होगी। अभी फिलहाल इस मामले में आरोपित जाकिर, समीर समेत अज्ञात युवकों के ख़िलाफ़ आईपीसी धारा 298 (धार्मिक भावनाएँ आहत करना), 323 (मार-पीट और चोट पहुँचाना), 452 (गलत इरादों से घर में घुसपैठ), 504 (शांतिभंग की कोशिश) और 506 (आपराधिक कृत्य) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिस चुनाव आयोग को राहुल गाँधी विदेश तक कोसते रहे, ट्रंप ने उसी की तारीफ की: कॉन्ग्रेस को लगी मिर्ची

ट्रंप ने भारत की चुनाव व्यवस्था और फोटो-ID सिस्टम का उदाहरण देते हुए अमेरिका में SAVE America Act पास करने की माँग की।

बंगाल मे शुभेंदु सरकार के 100 दिन पूरे: जानिए ममता राज जाने से राज्य में क्या-क्या हुए परिवर्तन

अब जब बंगाल में भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। तो आइए जानते हैं कि इन 100 दिनों के भीतर बंगाल की तस्वीर कितनी बदली है?
- विज्ञापन -