Wednesday, April 17, 2024
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असम में 17 बांग्लादेशी मुस्लिम गिरफ्तार: टूरिस्ट वीजा लेकर चेलों के साथ भारत में घुसा अशरफुल आलम, घूम-घूमकर इस्लाम का प्रचार किया, 500 लोग जोड़े

असम पुलिस के स्पेशल सेल के अधिकारी बिश्वनाथ पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। इन लोगों ने पर्यटक वीजा के जरिए भारत में प्रवेश किया था। असम में प्रवेश करने से पहले इन्होंने दिल्ली, अजमेर शरीफ के अलावा विभिन्न स्थानों का दौरा किया था।

असम पुलिस ने बीते कुछ दिनों में मदरसों से चल रहे कई जिहादी आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इसी बीच खबर है कि पुलिस ने राज्य में अवैध रूप से इस्लाम का प्रचार करने के आरोप में 17 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। बांग्लादेशी नागरिकों पर पर्यटक वीजा मानदंडों का उल्लंघन कर इस्लाम का प्रचार करने का आरोप है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, असम के बिश्वनाथ जिले के बाघमारी से शनिवार (17 सितंबर 2022) को 17 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 11 को स्थानीय अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि बांग्लादेशी इस्लामिक प्रचारक सैयद अशरफुल आलम (Syed Ashraful Alam) समेत बाकी 6 को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इन सभी पर बिश्वनाथ जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बाघमारी के एक सुदूर इलाके में शिविर लगाकर इस्लाम का प्रचार करने का आरोप है।

इनके अलावा इस्लाम का प्रचार करने वाले बांग्लादेशी नागरिकों को पनाह देने के आरोप में बाघमारी के दो स्थानीय व्यक्तियों जेहीरुल हक और समसुल अली को भी गिरफ्तार किया गया है। इस समूह का नेतृत्व इस्लामिक प्रचारक (मजहबी उलेमा) सैयद अशरफुल आलम ने किया था, जबकि अन्य उसके शागीर्द हैं।

गिरफ्तार किए गए लोगों में मसूद राणा, सबोज सरकार, सुल्तान ममूद, गुलाम आजम शेख, अजिबुर शेख, सुहाग चौधरी, अनवर हुसैन, मनन, अब्दुल हकीम, मकबूल हुसैन, शाह आलम सरकार, आलम तालुकदार जहाँगीर, बादशाह सरकार, फारूक मिकर, हाफिजुर रहमान और गुलाम रबानी शामिल हैं।

इनमें सैयद अशरफुल आलम, अनवर हुसैन, सुहाग चौधरी, अजिबुर शेख और मसूद राणा को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि बाकी 11 को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। वहीं उन्हें पनाह देने वाले जेहिरुल हक और समसुल अली को भी दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

असम पुलिस के स्पेशल सेल के अधिकारी बिश्वनाथ पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। इन लोगों ने पर्यटक वीजा के जरिए भारत में प्रवेश किया था। असम में प्रवेश करने से पहले इन्होंने दिल्ली, अजमेर शरीफ के अलावा विभिन्न स्थानों का दौरा किया था।

ये समूह असम के कूचबिहार से एक बस में चढ़ा था और 13 सितंबर को बिश्वनाथ पहुँचा था। अशरफुल आलम ने उसके बाद बाघमरी में इस्लाम का प्रचार करना शुरू किया और गिरफ्तारी से पहले ही लगभग 500 लोगों को अपने शागीर्द बना लिया था।

बिश्वनाथ जिले के पुलिस अधीक्षक नवीन सिंह ने बताया कि सुदूर इलाके में इस समूह की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। सिंह ने कहा, “हमें एक सूचना मिली थी कि ये 17 लोग इस्लाम का प्रचार कर रहे हैं, जिसकी अनुमति विदेशियों को पर्यटक वीजा पर नहीं है। हमने इस सूचना की पुष्टि करने के बाद इन सभी को गिरफ्तार कर लिया है।”

जाँच में पता चला है कि सैयद अशरफुल आलम (Syed Ashraful Alam ) पिछले महीने भी बांग्लादेश सीमा से सटे दक्षिण सलमारा (South Salmara) जिले में इस्लाम का प्रचार करते हुए पाया गया था और 28 अगस्त को उसे पुलिस ने असम छोड़ने के लिए कहा था। इसके बाद इस समूह ने असम छोड़ दिया था और भारत में अन्य स्थानों का दौरा किया, लेकिन कुछ दिनों बाद वह फिर यहाँ लौटकर आया और 13 सितंबर को बाघमरी पहुँचा।

बता दें कि जहाँ यह समूह रह रहा था, वह मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। हालाँकि, अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया गया है कि क्या इस्लामिक प्रचारक समूह गैर-मुस्लिमों के धर्मांतरण की कोशिश कर रहा था या फिर मुस्लिमों को अपने मजहब के बारे बता रहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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