Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाभारतीय सेना की 'अभिलाषा': एविएशन कॉर्प्स में शामिल होने वाली पहली महिला, अमेरिका में...

भारतीय सेना की ‘अभिलाषा’: एविएशन कॉर्प्स में शामिल होने वाली पहली महिला, अमेरिका में नौकरी छोड़ देश को चुना

हरियाणा की रहने वाली 26 वर्षीया अभिलाषा बराक ने अपनी स्कूली शिक्षा द लॉरेंस स्कूल, सनावर की पूरी की है। उन्होंने साल 2016 में दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की और उसके बाद अमेरिका के डेलॉइट में प्लेसमेंट हो गया।

भारतीय सेना के एविएशन कॉर्प्स में अभिलाषा बराक (Abhilasha Barak) को कॉम्बैट एविएशन के रूप में शामिल किया गया है। इसी के साथ अभिलाषा इस प्रतिष्ठित विंग में शामिल होने वाली देश की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। इस अवसर पर सेना ने बुधवार (25 मई 2022) को उन्हें सम्मानित किया है। इस कॉर्प्स में शामिल होने के लिए 15 महिला अधिकारियों ने इच्छा जताई थी, लेकिन 2 अधिकारी ही टेस्ट में सफल हो पाई थीं।

सेना ने बताया कि पायलट एप्टीट्यूड बैटरी टेस्ट और मेडिकल के बाद चयन होने के बाद अभिलाषा ने सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। पिछले साल जून में पहली बार टेस्ट में सफल होने वाली दोनों महिला अधिकारियों को हेलिकॉप्टर पायलट ट्रेनिंग के लिए नासिक के कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल में भेजा गया था।  

फिलहाल, इससे पहले एविएशन विंग में महिलाओं को पायलट की जिम्मेदारी नहीं दी जाती थी। उन्हें एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और ग्राउंड ड्यूटी (DG) का काम करना होता था। हालाँकि, अब स्थिति बदल गई है। इससे पहले, साल 2018 में फ्लाइंग ऑफिसर अवनि चतुर्वेदी भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की लड़ाकू विमान उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं।

हरियाणा की रहने वाली 26 वर्षीया अभिलाषा बराक ने अपनी स्कूली शिक्षा द लॉरेंस स्कूल, सनावर की पूरी की है। उन्होंने साल 2016 में दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की और उसके बाद अमेरिका के डेलॉइट में प्लेसमेंट हो गया।

साल 2018 में अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी, चेन्नई के माध्यम से वह भारतीय सेना में शामिल हुईं। यहाँ से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने आर्मी एविएशन कॉर्प को चुना। अभिलाषा का कहना है कि वह शुरू से सेना में शामिल होना चाहती थीं। उनके पिताजी सेना के इसी विंग से साल 2011 में सेवानिवृत हुए थे। इसके बाद 2013 में उनके भाई ने भारतीय सेना ज्वॉइन की थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -