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चीन के साथ पाकिस्तान को भी CDS जनरल बिपिन रावत ने चेताया, कहा- भारी नुकसान झेलना पड़ेगा

"पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) छेड़ा हुआ है। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ के अलावा भारत के अन्य हिस्सों में आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा है। वह उत्तरी सीमा पर हमारे लिए कुछ मुश्किल खड़ा करना चाहता है, लेकिन वह इसमें नाकाम होगा और उसे भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।"

वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव के बीच चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान को भी चेताया है। उन्होंने गुरुवार को पाकिस्तान के मंसूबों को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि हम सीमा पर शांति चाहते हैं। पर चीन की उकसावे वाली कार्रवाईयों से निपटने में सक्षम हैं। हमारे तीनों अंग (थल सेना, वायु सेना और जल सेना) खतरों से निपटने में समर्थ हैं।

भारत-अमेरिका रणनीति साझेदारी मंच से जनरल रावत ने पाकिस्तान की तरफ से की जा रही नापाक कोशिशों के बारे में बताते हुए कहा, “पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ प्रॉक्सी वॉर (छद्म युद्ध) छेड़ा हुआ है। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ के अलावा भारत के अन्य हिस्सों में आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा है। वह उत्तरी सीमा पर हमारे लिए कुछ मुश्किल खड़ा करना चाहता है, लेकिन वह इसमें नाकाम होगा और उसे भारी नुकसान झेलना पड़ेगा।”

सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हमने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर उभरते खतरों से निपटने की रणनीति की परिकल्पना कर ली है। भारत को उत्तरी और पश्चिमी मोर्चों पर समन्वित कार्रवाई का खतरा है। इसका पाकिस्तान फायदा उठा सकता है और हमारे लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। भारतीय सशस्त्र बलों को फौरी संकट से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए और साथ ही भविष्य के लिए भी तैयारी करनी चाहिए।

जनरल रावत ने कहा कि चीन की ओर से पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को दी जा रही आर्थिक सहायता और पाक को लगातार उपलब्ध कराया जा रहा सैन्य व राजनयिक सहयोग यह माँग करता है कि हम उच्च स्तर की तैयारियाँ करें और रक्षा योजना के बारे में हमें विचार करना चाहिए।

जनरल रावत ने भारत-अमेरिका के संबंधों को लेकर कहा, “जहाँ तक भारत और अमेरिका के बीच संबंधों की बात है तो 2+2 वार्ता से यह मजबूत हुआ है। दोनों देश स्वतंत्र हिंद प्रशांत क्षेत्र की वकालत करते हैं। इस साल फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे के दरम्यान दोनों देशों के बीच 3 अरब डॉलर के रक्षा समझौते हुए थे। इसके तहत भारत अपाचे हेलिकॉप्टर, चिनूक जैसे अमेरिकी रक्षा उपकरण हासिल करेगा। अभी हम अमेरिका से निरंतर सूचना साझा करने की उम्मीद करते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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