Saturday, November 28, 2020
Home रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा कश्मीर में आतंकियों को ड्रोन से बम गिराना सिखाएगा पाकिस्तान, ISIS से चुराया फ़ॉर्मूला

कश्मीर में आतंकियों को ड्रोन से बम गिराना सिखाएगा पाकिस्तान, ISIS से चुराया फ़ॉर्मूला

ISIS ने इसी तरह से 'Killer Bees' के जरिए कई देशों में तबाही मचाई है और उसके ड्रोन्स को रोकने के लिए अमेरिका और कई ड्रोन बनाने वाली कंपनियों को नई तकनीकों पर काम करना पड़ा।

पाकिस्तान की फ़ौज ने अब सीमा पर भारत की चाक-चौबंद सुरक्षा को देखते हुए आतंकी समूहों की ट्रेनिंग को और बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर ली है। पाकिस्तान की फ़ौज अब आतंकियों को ड्रोन्स का इस्तेमाल कर के बम बरसाने की ट्रेनिंग दे रही है, ताकि जम्मू कश्मीर के हिस्सों को निशाना बनाया जा सके। ISIS ने सालों से इराक और सीरिया में क्वाडकॉप्टर ड्रोन्स की मदद से बमबारी कर के इस फॉर्मूले को आजमाता रहा है।

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में शिशिर गुप्ता की खबर के अनुसार, ख़ुफ़िया इनपुट्स कहते हैं कि पाकिस्तान की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने ISIS वाला फॉर्मूला अपनाते हुए जम्मू कश्मीर में सस्ते कमर्शियल ड्रोन्स का इस्तेमाल कर के बमबारी करने का निर्णय लिया है और इसके लिए साजिश चल रही है। इस साल अप्रैल में इस सम्बन्ध में पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी ISI की आतंकी संगठनों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के साथ तक्षशिला में बैठक भी हुई थी।

पंजाब प्रान्त में हुई इस बैठक के बाद साजिश को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के कोटली जिले में ISI और बड़े आतंकी सरगनाओं की बैठक हुई। इन बैठकों में इस पर विचार-विमर्श किया गया कि क्वाडकॉप्टर्स 3 किलोमीटर तक के दायरे में यात्रा कर सकते हैं और एक बार में 5 किलो विस्फोटक ले जाने की क्षमता रखते हैं, इसीलिए भारत के खिलाफ छद्म युद्ध में इसे आजमाया जाए।

बैठक में इस पर भी चर्चा हुई कि ‘दुश्मन भारत’ के निशानों पर ऐसे ही छोटे-छोटे हमले किए जाएँ। ISIS ने इसी तरह से ‘Killer Bees’ के जरिए कई देशों में तबाही मचाई है और उसके ड्रोन्स को रोकने के लिए अमेरिका और कई ड्रोन बनाने वाली कंपनियों को नई तकनीकों पर काम करना पड़ा। भारतीय BSF को पहले से ही इसका भान है कि सीमा पर अचानक से ड्रोन्स की संख्या में इजाफा हुआ है।

वहीं भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अगर पाकिस्तान ऐसी हिमाकत करता है तो उसे इसी प्रकार से करारा जवाब दिया जाएगा। उनका कहना है कि भारत ड्रोन्स के साथ और उसके बिना भी जवाब देना जानता है। ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ और ‘एयर स्ट्राइक’ की तर्ज पर भारत भी ड्रोन्स को सीमा पार करने की अनुमति दे देगा। जब से ये ख़ुफ़िया सूचना आई, तभी से भारत ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है।

हाल ही में भारत में ISIS का ब्रांच खोलने की कोशिश में लगे 15 आतंकियों को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने सजा सुनाई थी। इनलोगों की साजिश थी कि युवाओं को भड़का कर उन्हें ISIS में शामिल किया जाए। इन सभी को 10 से 5 साल तक की सजा सुनाई गई। ये मामला 2015 का है, जिसकी जाँच NIA ने की है। एजेंसी के मुताबिक, सभी आरोपित भारत में ISIS का एक सहयोगी संगठन तैयार कर रहे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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