Thursday, June 13, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षा'पैदल जा रहा हूँ ISIS में भर्ती होने, काफिरों रोक सको रोक लो': IIT...

‘पैदल जा रहा हूँ ISIS में भर्ती होने, काफिरों रोक सको रोक लो’: IIT गुवाहाटी के तौसीफ अली ने LinkedIn पर लिखा खुला पत्र, असम STF ने रास्ते में धरा

तौसीफ अली ने अपने लिंकेडइन पर खुला पत्र लिखकर अपने ISIS में जाने की सूचना दी थी। वहीं पुलिस को इस बारे में एक ईमेल के जरिए से सूचना मिली थी। माना जा रहा है कि इसे खुद छात्र ने पुलिस के पास भेजा था।

असम पुलिस ने कथित तौर पर ISIS जॉइन करने निकले IIT छात्र को हिरासत में लिया है। उसका नाम तौसीफ अली फारूकी है। वह मूल रूप से दिल्ली के जामिया नगर का निवासी है जो IIT गुवाहाटी में बायोटेक्नॉलजी के चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहा था।

पुलिस को तौसीफ की सूचना एक ईमेल के जरिए मिली थी। पुलिस ने छानबीन की तो उसके हॉस्टल के कमरे से एक काले रंग का झंडा भी मिला। अब असम पुलिस की STF यूनिट मामले की जाँच कर रही है। यह कार्रवाई शनिवार (23 मार्च 2024) को की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तौसीफ अली ने अपने लिंकेडइन पर खुला पत्र लिखकर अपने ISIS में जाने की सूचना दी थी। वहीं पुलिस को इस बारे में एक ईमेल के जरिए से सूचना मिली थी। माना जा रहा है कि इसे खुद छात्र ने पुलिस के पास भेजा था।

ईमेल में उसने दावा किया था कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ ले चुका है। साथ ही उसने लिखा कि वह ISIS में भर्ती होने के लिए निकल चुका है। इस ईमेल की फ़ौरन जाँच करवाई गई। जाँच के दौरान पता चला कि ईमेल भेजने वाला छात्र शनिवार से ही फोन बंद करके लापता है।

इसके बाद पुलिस ने छात्र की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार शनिवार की शाम उसकी लोकेशन गुवाहाटी से लगभग 30 किलोमीटर दूर हाजो इलाके में मिली। पुलिस ने दबिश दे कर छात्र को हिरासत में ले लिया। उसे पकड़ कर गुवाहाटी स्थित स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) मुख्यालय लाया गया है। यहाँ संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है।

अपने पत्र में ISIS ज्वाइन करने निकले तौसीफ ने कहा था कि वह अपने आपको भारतीय संरचना से दूर करता है जिसमें उसके हिसाब से तथाकथित भारत का संविधान और अन्य संस्थान शामिल हैं। इसके बाद उसने अपने पत्र में इस्लामिक स्टेट ज्वाइन करने की जानकारी दी। उसने ये भी कहा कि वो ये यात्रा पैदल करने वाला है। अगर कोई ‘काफिर’ रोकना चाहता है तो उसे उसका सामना करना होगा। अपने पत्र में उसने उन रास्तों की पूरी जानकारी दी जहाँ से वो जाने वाला था। आखिर में उसने हिंदुओं को काफिर कहते हुए अल्लाह के आगे सिर झुकाने को भी पत्र में लिखा है। इसमें कहा है कि काफिर ये मानें इस दुनिया में कोई भगवान नहीं है सिर्फ अल्लाह हैं।

संदिग्ध छात्र गुवाहाटी के एक हॉस्टल में रह रहा था। पुलिस की एक टीम ने उसके कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान ही उसके कमरे से काले रंग का झंडा भी बरामद किया गया। पुलिस अधिकारी कल्याण कुमार पाठक ने बताया कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मामले की जाँच की जा रही है।

बताते चलें कि अभी महज 4 दिन पहले असम पुलिस ने ISIS के भारत प्रमुख हारिश फारुखी को उसके साथी अनुराग सिंह सहित गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी असम के धुबरी जिले से हुई थी। मूल रूप से पानीपत का रहने वाला अनुराग सिंह रेलवे का कर्मचारी है जो फिलहाल दिल्ली में तैनात है। हारिश फारुखी के सम्पर्क में आ कर अनुराग सिंह ने इस्लाम कबूल कर लिया था। मतांतरण के बाद उसका नया नाम रेहान है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या हिरासत में लिए गए छात्र का हारिश फारुखी और रेहान से कोई वास्ता है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेता खाएँ मलाई इसलिए कॉन्ग्रेस के साथ AAP, पानी के लिए तरसते आम आदमी को दोनों ने दिखाया ठेंगा: दिल्ली जल संकट में हिमाचल...

दिल्ली सरकार ने कहा है कि टैंकर माफिया तो यमुना के उस पार यानी हरियाणा से ऑपरेट करते हैं, वो दिल्ली सरकार का इलाका ही नहीं है।

पापुआ न्यू गिनी में चली गई 2000 लोगों की जान, भारत ने भेजी करोड़ों की राहत (पानी, भोजन, दवा सब कुछ) सामग्री

प्राकृतिक आपदा के कारण संसाधनों की कमी से जूझ रहे पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत को भारत ने बुनियादी जरूरतों के सामान भेजे हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -