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भारत आ रहे जहाज पर ईरान ने किया था ड्रोन से हमला: अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन का दावा

गुजरात के तट से लगभग 200 समुद्री मील दूर एक जहाज पर शनिवार (23 दिसम्बर 2023) को हुए हमले के पीछे ईरान का हाथ बताया गया है। अमेरिका के रक्षा विभाग ने कहा कि भारत जा रहे एमवी केम प्लूटो जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ है और इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है।

गुजरात के तट से लगभग 200 समुद्री मील दूर एक जहाज पर शनिवार (23 दिसम्बर 2023) को हुए हमले के पीछे ईरान का हाथ बताया गया है। अमेरिका के रक्षा विभाग ने कहा कि भारत जा रहे एमवी केम प्लूटो जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ है और इस हमले के पीछे ईरान का हाथ है।

अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने एक बयान में कहा, “23 दिसम्बर 2023 को सुबह लगभग 10 बजे भारतीय तट से 200 समुद्री मील दूर लाइबेरिया के झंडे तले जापानी कम्पनी के नीदरलैंड द्वारा संचालित जहाज एमवी केम प्लूटो पर ईरान द्वारा एक ड्रोन हमला किया गया। इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है और जहाज पर लगी आग को बुझा दिया गया था।”

अमेरिकी रक्षा विभाग ने आगे बताया, “जहाज के आसपास कोई अमेरिकी नौसेना का जहाज मौजूद नहीं था। अमेरिकी नौसेना की सेंट्रल कमांड ने जहाज से लगातार संपर्क बनाया हुआ है और यह जहाज भारत की तरफ बढ़ रहा है। यह 2021 के बाद से ईरान द्वारा मालवाहक जहाज पर किया गया सातवाँ हमला है।”

दरअसल, 23 दिसम्बर 2023 को सऊदी अरब के जुबेल तट से कच्चा तेल लेकर भारत के मैंगलोर तट के लिए रवाना हुए इस जहाज पर हमला कर दिया गया था। हमले की खबर के बाद भारतीय नौसेना के पोत विक्रम और तटरक्षक जहाजों को मदद के लिए भेज दिया गया था।

भारतीय नौसेना ने डोर्नियर विमान को भी इस जहाज को सहायता देने के लिए रवाना किया था। हमले के बाद भारतीय नौसेना ने इस जहाज से सम्पर्क साधकर उस तक मदद पहुँचाई थी। इस जहाज पर मौजूद कर्मचारियों में कुछ भारतीय भी थे। अब यह जहाज सुरक्षित है और मुंबई की तरफ बढ़ रहा है। इस पर 21 भारतीय कर्मचारी मौजूद हैं।

हालाँकि, ईरान की सरकार ने इस हमले पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है। पहले यह शक जताया गया था कि यह हमला यमन के हूती विद्रोहियों ने यह काम किया है। दरअसल, हूती विद्रोही इजरायल से सम्बन्ध रखने वाले जहाजों पर पहले भी हमले का ऐलान किया था।

इस जहाज के इजरायल से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स ने बताया था कि इस जहाज का सम्बन्ध इजरायली जहाज कारोबारी इदान ओफ़र से जुड़ा हुआ है। दरअसल, हूतियों ने इजरायल और हमास के युद्ध के कारण कहा था कि वह अब इस इलाके से गुजरने वाले इजरायली जहाजों को निशाना बनाएँगे।

वहीं, इस हमले के बाद एक भारतीय कम्पनी द्वारा चलाए जाने वाले एक अन्य जहाज एमवी साईबाबा पर हमले की जानकारी भी सामने आई है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि इस हमले में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस जहाज पर भारतीय झंडा लगा हुआ था और यह गैबोन की एक कम्पनी के मालिकाना हक वाला जहाज है। अमेरिका ने कहा है कि इस हमले के पीछे हूतियों का हाथ है।

इस हमले के बाद से इस इलाके से जहाजों का आवागमन कम हो गया है। अब जहाज यह रूट लेने से कतरा रहे हैं। जहाजों को अब यहाँ से गुजरने के बजाय लंबा रूट ले रहे हैं। हालाँकि, हमलों की वजह से भारतीय नौसेना ने इस इलाके में गश्त बढ़ा दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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