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उरी हमला दोहराने की साजिश नाकाम, 3 आतंकी ढेर: 5 AK-47, 8 पिस्तौल और 70 हैंड ग्रेनेड बरामद

सभी आतंकी कुछ दिन पहले पाक ही अधिकृत कश्मीर (POK) से भारत की सीमा में आए थे। भारतीय सेना ने ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों के पास से 5 AK-47, 8 पिस्तौल और 70 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं।

जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना ने LOC पर उरी के नज़दीक रामपुर सेक्टर में 3 आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। सभी आतंकी कुछ दिन पहले पाक ही अधिकृत कश्मीर (POK) से भारत की सीमा में आए थे। भारतीय सेना ने ऑपरेशन में मारे गए आतंकियों के पास से 5 AK-47, 8 पिस्तौल और 70 हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं।

चिनार कोर कमांडर डीपी पांडे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि गुरुवार तड़के रामपुर सेक्टर के हाथलंगा जंगल में चहल-पहल देखी गई थी। इसके बाद शुरू किए गए ऑपरेशन में तीन आतंकवादियों को मार गिराने में सेना को सफलता मिली। इससे पहले आतंकियों की ओर से 18 सितंबर को भी घुसपैठ का ऐसा ही प्रयास किया गया था, जिसे विफल कर दिया गया था।

बता दें कि पाँच वर्ष पूर्व 18 सितंबर 2016 को जैश-ए-मोहम्मद के हथियारों से लैस चार आतंकियों ने उड़ी सेक्टर में सेना की 12 ब्रिगेड के कैंप पर आत्मघाती हमला किया था, जिसमें सेना के 18 जवान बलिदान हुए थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रविवार (19 सितम्बर, 2021) की भोर में भी उरी सेक्टर में अंगूरी पोस्ट के इलाके में स्वचालित हथियारों से लैस आतंकियों के एक दल ने घुसपैठ का प्रयास किया था। इसके बाद हुई मुठभेड़ में एक जवान घायल हो गया था। आतंकी जंगल और बारिश की आड़ में भागने में सफल हुए थे। वहीं सेना के अधिकारियों ने बताया कि उरी से कश्मीर के अंदरूनी इलाकों की तरफ आने वाले सभी प्रमुख रास्तों व नालों में भी विशेष नाके लगाए गए हैं। जहाँ घुसपैठ हुई है, उस पूरे इलाके मेें घेराबंदी कर दी गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सेना की 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडेय ने भी उरी में सैन्य अभियान की पुष्टि की थी। लेकिन उन्होंने उरी में घुसपैठ कर आए आतंकियों की संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं दी थी। वहीं आज ऑपरेशन सफल होने में सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीन आतंकियों के मारे जाने एवं भारी मात्रा में गोला बारूद बरामद होने की सूचना दी है।

गौरतलब है कि इस वर्ष फरवरी में पाकिस्तानी सेना द्वारा एलओसी पर संघर्ष विराम समझौते के बाद गुलाम कश्मीर की तरफ से उत्तरी कश्मीर में एलओसी पर आतंकियों की यह घुसपैठ की यह दूसरी कोशिश है। इससे पूर्व जून मेें बांडीपोरा में एलओसी पर घुसपैठ हुई थी। हालाँकि, उस समय भी घुसपैठ करने वाले तीनों आतंकियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया गया था। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि इस वर्ष घुसपैठ के जो प्रयास हुए उनमें से शायद ही आतंकियों का कोई प्रयास सफल हो पाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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