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चीनी कल-पुर्जे से बना ड्रोन, पाकिस्तान से 5 किलो विस्फोटक लेकर भारत में घुसा: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मार गिराया

"यह हेक्साक्लॉप्टर था जिसमें फ्लाइट कंट्रोलर के साथ जीपीएस लगा हुआ था। इस ड्रोन का असेंबल करके तैयार किया गया था जिसके कुछ पार्ट्स चीन और ताइवान के थे।”

भारत की सीमा में ड्रोन के जरिए नापाक मंसूबों को अंजाम देने की पाकिस्तान की कोशिश एक बार फिर से नाकाम कर दी गई है। जम्मू-कश्मीर के कनाचक इलाके में पुलिस ने एक ड्रोन को मार गिराया है। चीनी पार्ट से एसेंबल कर बनाए गए इस ड्रोन पर 5 किलो विस्फोटक बँधा था। जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले में भी पाकिस्तान ने चीन में तैयार किए गए ड्रोन का ही इस्तेमाल किया था।

जम्मू जोन के एडीजीपी मुकेश सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया, “गुरुवार की रात हमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा ड्रोन के जरिए अखनूर सेक्टर में विस्फोटक भेजने की जानकारी मिली थी। हमने टीम को तैनात किया। रात तकरीबन 1 बजे टीम ने फायरिंग शुरू कर दी और ड्रोन को मार गिराया। इस ड्रोन पर करीब 5 किलोग्राम आईईडी बँधा था जो कि पूरी तरह से तैयार स्थिति में था। यह हेक्साक्लॉप्टर था जिसमें फ्लाइट कंट्रोलर के साथ जीपीएस लगा हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि इस फ्लाइट कंट्रोलर का सीरियल नंबर पिछले साल कठुआ में जो ड्रोन मिला था उससे एक अंक ही अलग है। इस ड्रोन का असेंबल करके तैयार किया गया था और इसके कुछ पार्ट्स चीन और ताइवान के थे।”

यह ड्रोन अंतरराष्ट्रीय सीम से 6 किलोमीटर भीतर तक आ गया था, जिसके बाद इसे मार गिराया गया। एडीजीपी मुकेश सिंह ने कहा, “हमने पिछले 1.5 वर्षों में ड्रोन से भेजे गए 16 एके 47 राइफल, 3 एम 4 राइफल, 34 पिस्तौल, 15 ग्रेनेड, 18 आईईडी और 4 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। एयरपोर्ट पर और उसके आसपास ड्रोन रोधी प्रणाली और कुछ अन्य प्रतिष्ठान स्थापित किए गए हैं।”

गौरतलब है कि 27 जून को ही जम्मू एयरफोर्स स्टेशन पर ड्रोन के जरिए दो विस्फोट किए गए थे। हालाँकि, ये विस्फोट ताकवर नहीं थे। हवाई अड्डे के तकनीकी क्षेत्र में कम ताकत वाले दो बम विस्फोटों के दो हफ्ते बाद खुलासा हुआ कि यह हमला पाकिस्तान ने चीन में बने ड्रोन से किया था। फोरेन्सिक जाँच में पता चला था कि ड्रोन चीन में बनाया गया था और इस्तेमाल किए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को आरडीएक्स और नाइट्रेट को मिलाकर बनाया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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