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पाकिस्तान से सटा पंजाब का फरीदकोट, विदेशी चंदे से बनी मस्जिदें; केरल के NGO ने कश्मीर से डायवर्ट किया फंड: रिपोर्ट्स

खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले का जन्म भी फरीदकोट जिले को रोडे में हुआ था, जो कि अब मोगा जिले में पड़ता है। इस इलाके में खालिस्तान समर्थकों की एक बड़ी तादाद है, जबकि मुस्लिमों की जनसंख्या बेहद कम है।

पाकिस्तान की सीमा (Pakistan Border) से सटे पंजाब (Punjab) के जिलों में मस्जिदों की बढ़ती संख्या को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ चौकन्ना हो गई हैं। इन मस्जिदों को बनाने के लिए ना सिर्फ विदेशों से फंडिंग हासिल की गई, बल्कि इन्हें पंजाब तक पहुँचाने के लिए धनराशि को डायवर्ट भी किया गया। इस मामले में केरल का एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) निशाने पर आ गया है।

केरल का ‘रिलीफ एंड चैरिटेबल फाउंडेशन ऑफ इंडिया (Relief and Charitable Foundation of India- RCFI) पंजाब के फरीदकोट जिले में तीन मस्जिदों को बनाने के लिए 70 करोड़ रुपए की फंडिंग की थी। इस फंडिंग को उसने विदेशों से हासिल किया था और कश्मीर के बारामूला के दो निवासियों के माध्यम से इस राशि को डायवर्ट पर फरीदकोट भेजा था। इन लोगों ने मस्जिदों को बनाने और उसके लिए बिलों के भुगतान करने का काम किया था।

यह बात भी सामने आई है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अगस्त 2021 में इस NGO की फंडिंग पर रोक लगा दी थी। इसके साथ पंजाब पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने RCFI को इस मामले को लेकर चेतावनी दी थी। वहीं, खुद को RCFI का प्रवक्ता बताने वाले सलाम उस्ताद का कहना है कि इस मामले वह गृह मंत्रालय को अपना जवाब भेज चुके हैं। उस्ताद का कहना है कि RCFI की पंजाब में कोई इकाई नहीं है। यह संस्था सामाजिक कार्यों में लगी है। उनका कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय फंडिंग पर ‘मनमाने ढंग से प्रतिबंध’ लगाने के संस्था परेशान है।

RCFI की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, यह संस्था साल 2000 में बनाई गई है और इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करते हुए पिछड़े वर्गों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहलुओं को ऊपर उठाना है। इसके साथ ही उनके जीवन-स्तर में सुधार भी संस्था का मुख्य उद्देश्य बताया गया है। हालाँकि, मस्जिद बनाने का जिक्र नहीं है। RCFI देश के 24 राज्यों में संचालित होती है, जिसकी लगभग 24 लाख लोगों तक पहुँच है। इस संस्था को विदेशों से भी खूब फंडिंग होती रही है।

साल 2015 से 2017 के बीच फरीदकोट में बनाई बनाई गईं ये तीन मस्जिदें पाकिस्तान की सीमा से केवल 40-70 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं। राज्य के अन्य सीमावर्ती जिलों- फिरोजपुर, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर और पठानकोट में 200 से अधिक मस्जिदें हैं। इनमें कई मस्जिदें हाल ही में बनाई गई हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों का चौकन्ना होना लाजिमी है।

सीमाई इलाके होने के कारण ये बेहद संवेदनशील क्षेत्र हैं। खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले का जन्म भी फरीदकोट जिले को रोडे में हुआ था, जो कि अब मोगा जिले में पड़ता है। इस इलाके में खालिस्तान समर्थकों की एक बड़ी तादाद है, जबकि मुस्लिमों की जनसंख्या बेहद कम है। ऐसे में नए मस्जिदों का निर्माण चौंकाने वाली बात है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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