FCRA नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए धर्मांतरण को अब आस्था-आधारित गतिविधियों का हिस्सा नहीं माना गया है। इससे धर्मांतरण कराने वालों को विदेशी फंडिंग अब नहीं मिलेगी।
रिपोर्टर्स कलेक्टिव ने आरोप लगाया कि सरकार ने अब इसका यह छीन लिया जो सही नहीं है। इसने कहा कि पत्रकारिता से किसी को मुनाफा नहीं होता, ऐसे में इसका नॉन प्रॉफिट दर्जा हटाया जाना ठीक नहीं है।