Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षानवादा में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश नाकाम, बम-कारतूस समेत कई हथियार बरामद

नवादा में नक्सलियों की एक बड़ी साजिश नाकाम, बम-कारतूस समेत कई हथियार बरामद

नवादा एसपी कुमार आलोक, रजौली एसडीपीओ, एसएसबी और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मिशन को फेल कर दिया है। हालाँकि, इस बरामदगी से पूरे इलाके में चर्चा और डर का माहौल है।

बिहार में पुलिस और सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नवादा पुलिस ने नवादा के उग्रवाद प्रभावित सिरदला थाना क्षेत्र के पारकुरहा गाँव में हथियारों एवं विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा को बरामद किया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, नवादा एसपी कुमार आलोक, रजौली एसडीपीओ, एसएसबी और एसटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इस मिशन को फेल कर दिया है। हालाँकि, इस बरामदगी से पूरे इलाके में चर्चा और डर का माहौल है। नवादा पुलिस सुरक्षा बलों के साथ पूरे इलाके में सघन छापेमारी अभियान चला रही है। सुरक्षाबलों ने सभी बम डिफ्यूज कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर पार खुरहा गाँव के साधु यादव के घर छापेमारी की गई, जहाँ नक्सलियों से संबंधित कई प्रकार की सामग्री जब्‍त की गई है। छापेमारी के दौरान चार केन बम, एक दर्जन से अधिक इंसास की जिंदा कारतूस, एक देसी कट्टा, तीन बंडल जिलेटिन, चार नक्सली वर्दी, एक बैग एवं दर्जनों डेटोनेटर बरामद हुए हैं।

साभार- न्यूज़ 18

इस छापेमारी में बरामद विस्फोटक से पुलिस ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को नाकामयाब कर दिया है। इस बरामदगी से साफ पता चलता है कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने फ़िराक में थे, मगर सुरक्षाबलों ने उनके मंसूबे पर पानी फेर दिया। फिलहाल नवादा पुलिस ने साधु यादव को हिरासत में ले लिया गया है एवं उससे पूछताछ की जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -