Wednesday, June 19, 2024
Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाNIA के हाथ लगा 2017 में CRPF कैंप पर हमला करने वाला JeM का...

NIA के हाथ लगा 2017 में CRPF कैंप पर हमला करने वाला JeM का आतंकी

सैयद हिलाल अंद्राबी की गिरफ़्तारी निसार अहमद तांत्रे के बाद हुई, जिसके भाई नूर त्राली ने जम्मू-कश्मीर में जैश को पुनर्जीवित करने में मदद की थी, NIA ने उसी मामले में UAE से निकाले जाने के बाद गिरफ़्तार किया था।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने शनिवार (अप्रैल 6, 2019) को जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी सैयद हिलाल अंद्राबी (35 वर्षीय) को गिरफ़्तार कर लिया है। अंद्राबी ने 2017 में CRPF पर हुए आतंकी हमले को अंजाम दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा ज़िले से संबंध रखने वाले सैयद हिलाल को गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया जिसके बाद उसे पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

ख़बर के अनुसार, 30 दिसंबर 2017 को दक्षिण कश्मीर के लेथपोरा में CRPF कैंप पर किए गए हमले के आरोप में आतंकी सैयद को NIA ने जम्मू से गिरफ़्तार किया। CRPF कैंप पर हुए इस आतंकी हमले में पाँच सुरक्षाकर्मी वीरगति को प्राप्त हुए थे। इसके अलावा 36 घंटे तक चली गोलीबारी में तीन आतंकियों को मार गिराया गया था।

NIA के अनुसार, CRPF हमले का मुख्य साज़िशकर्ता सैयद हिलाल ही है जिसने इसे अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा NIA ने यह भी बताया कि आतंकी सैयद ने अन्य आतंकवादियों की न सिर्फ़ मदद की बल्कि उन्हें शरण भी दी। जानकारी के अनुसार, CRPF कैंप पर हमला करने से पहले उस जगह की पूरी तरह से जाँच-पड़ताल भी की गई थी जिससे अधिक से अधिक क्षति पहुँचाई जा सके। सैयद हिलाल की गिरफ़्तारी के बाद इस हमले में गिरफ़्तार किए गए आतंकवादियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

सैयद हिलाल अंद्राबी की गिरफ़्तारी निसार अहमद तांत्रे के बाद हुई, जिसके भाई नूर त्राली ने जम्मू-कश्मीर में जैश को पुनर्जीवित करने में मदद की थी, NIA ने उसी मामले में UAE से निकाले जाने के बाद गिरफ़्तार किया था।

पिछले महीने NIA ने 2017 के हमले के कथित साज़िशकर्ता के रूप में पुलवामा से फ़ैयाज़ अहमद मगरे को गिरफ़्तार किया था और उस पर हमले से पहले लेथपोरा में CRPF ग्रुप सेंटर की टोह लेने और आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया था।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कनाडा का आतंकी प्रेम देख भारत ने याद दिलाया कनिष्क ब्लास्ट, 23 जून को पीड़ितों को दी जाएगी श्रद्धांजलि: जानिए कैसे गई थी 329...

भारत ने एयर इंडिया के विमान कनिष्क को बम से उड़ाने की बरसी याद दिलाते हुए कनाडा में वर्षों से पल रहे आतंकवाद को निशाने पर लिया है।

लाइसेंस राज में कुछ घरानों का ही चलता था सिक्का, 2014 के बाद देश ने भरी उड़ान: गौतम अडानी ने PM मोदी को दिया...

गौतम अडानी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था ने 10 वर्षों में टेकऑफ किया है और इसका सबसे बड़ा कारण सही तरीके से मोदी सरकार का चलना रहा है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -