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जम्मू-कश्मीर: टेरर फंडिंग पर मोदी सरकार का प्रहार, बारामूला में 4 ठिकानों पर NIA की छापेमारी

हवाला नेटवर्क और पाकिस्तान से टेरर फंडिंग की साज़िश में संलिप्त होने के शक़ में NIA पिछले कुछ दिनों से लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

टेरर फंडिंग मामले में रविवार (28 जुलाई 2019) को सुबह राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने जम्मू-कश्मीर के चार ठिकानों पर छापेमारी की। सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की के साथ NIA ने इस छापेमारी को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, NIA की टीम ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले में चार व्यापारियों के घर छापा मारा। इनमें अलगाववादी नेता सज्जाद लोन के क़रीबी व्यापारी आसिफ़ लोन, तनवीर अहमद, तारिक अहमद और बिलाल भट शामिल हैं। फ़िलहाल, सभी दस्तावेज़ों का जाँच की जा रही है।

हवाला नेटवर्क और पाकिस्तान से टेरर फंडिंग की साज़िश में संलिप्त होने के शक़ में NIA पिछले कुछ दिनों से लगातार अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इससे पहले, NIA ने 23 जुलाई को दक्षिण कश्मीर के पुलवामा ज़िले में स्थित केलर इलाक़े में बिजनेसमैन गुलाम वानी के घर पर छापेमारी की थी। NIA के सूत्रों ने कहा, “एक अन्य छापेमारी श्रीनगर में परिमपोरा फल मंडी में की गई।” NIA कश्मीर के नामी उद्योगपति जहूर वटाली और कई अन्य अलगाववादी नेताओं को पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है।

ख़बर के अनुसार, NIA ने जमात-उद-दावा, दुखतारन-ए-मिल्लत, लश्कर-ए-तैयबा, हिज़्बुल मुजाहिदीन और जम्मू-कश्मीर के दूसरे अलगाववादी समूहों के ख़िलाफ़ फंड जुटाने को लेकर 20 मई 2017 को एक मामला दर्ज किया था। इसमें अलगाववादी नेता, हवाला कारोबारी और पत्थरबाज़ भी शामिल हैं।

NIA ने पिछले महीने कहा था कि कश्मीर घाटी में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए  पाकिस्तान से टेरर फंडिंग होती रही है। NIA ने यह बात हुर्रियत कॉन्फ्रेन्स और अन्य अलगाववादी नेताओं से पूछताछ के बाद किया था। NIA के अनुसार, मुस्लीम लीग नेता मसर्रत आलम ने अधिकारियों को बताया था कि पाकिस्तान समर्थित एजेंट ने विदेश से पैसों का बंदोबस्त किया था और फिर हवाला ऑपरेटर्स के माध्यम से जम्मू-कश्मीर भेज दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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