Thursday, June 20, 2024
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पुणे के एक स्कूल में चलती थी PFI की पाठशाला, मुस्लिम युवकों को दी जाती थी हिंदू नेताओं को मारने की ट्रेनिंग: NIA ने बिल्डिंग का दो फ्लोर किया सील

NIA ने बताया है कि पीएफआई मुस्लिम युवकों को संगठन में 'भर्ती' कर उन्हें 'मिशन 2047' का विरोध करने वालों पर हमला करने और उन्हें खत्म करने का प्रशिक्षण देता था। धारदार हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी यहीं दिया जाता है।

महाराष्ट्र के पुणे के एक स्कूल में प्रतिबंधित इस्लामी कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का ट्रेनिंग सेंटर चलता था। इसमें मुस्लिम युवकों को हिंदू नेताओं को मारने की ट्रेनिंग दी जाती थी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने इस बहुमंजिला स्कूल के उन दो फ्लोर को सील कर दिया है, जिनका इस्तेमाल पीएफआई करता था।

सील करने की कार्रवाई 16 अप्रैल 2023 को की गई। एनआईए ने 17 अप्रैल को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। एजेंसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पुणे के ‘ब्लू बेल स्कूल’ की चौथी और 5वीं मंजिल का इस्तेमाल पीएफआई करता था। इसका इस्तेमाल मुस्लिम युवकों को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें एक समुदाय के नेताओं और संगठनों को टारगेट कर हमले को अंजाम देने की ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता था।

बयान के अनुसार पीएफआई मुस्लिम युवकों को संगठन में ‘भर्ती’ कर उन्हें ‘मिशन 2047’ का विरोध करने वालों पर हमला करने और उन्हें खत्म करने का प्रशिक्षण देता था। धारदार हथियार चलाने का प्रशिक्षण भी यहीं दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि पीएफआई ने 2047 तक भारत को इस्लामी मुल्क बनाने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए वह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। इसके बाद सितंबर 2022 में मोदी सरकार ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाते हुए इस ‘गैर कानूनी संगठन’ घोषित कर दिया था।

NIA की ओर से जारी बयान से पता चलता है कि पुणे के ब्लू बेल स्कूल परिसर के दो मंजिल की तलाशी सितंबर 2022 में ली गई थी। इस दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे। इनसे पता चला था कि इन फ्लोर का इस्तेमाल पीएफआई से जुड़े लोग अपने कैडर को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए करते थे। मुस्लिम युवाओं को सरकार और एक समुदाय के खिलाफ भड़काया जाता था। जाँच से यह बात सामने आई है कि प्रमुख हिंदू नेताओं पर हमले और उनकी हत्या करने के लिए चाकू, दरांती जैसे खतरनाक हथियारों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया था।

एनआईए ने ताजा कार्रवाई गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के प्रावधानों के तहत की है। यह कार्रवाई पिछले साल अप्रैल में पीएफआई के खिलाफ दर्ज एक प्राथमिकी से संबंधित है। इस साल मार्च में एनआईए ने दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र दायर करते हुए 20 को नामजद किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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