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‘कश्मीर में जो भारतीय बसेगा, वो हमारे निशाने पर होगा’: लश्कर से जुड़े PAFF ने हथियारों वाले वीडियो से धमकाया

PAFF वही आतंकी संगठन है जिसने भारतीय सेना के जवानों पर हमले का वीडियो बॉडी कैमरे से शूट किया था। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया था।

आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने वीडियो जारी कर जम्मू-कश्मीर में बसने की योजना बना रहे लोगों को धमकी दी है। वीडियो में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े लोगों को भी जान से मारने की धमकी दी गई है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस वीडियो में एक नकाबपोश आतंकी धमकी देते हुए कहता है, “हम कश्मीर में इजरायल जैसे समझौते की तरह बस्तियाँ स्थापित करने की इजाज़त नहीं देंगे। जो भारतीय यहाँ बसने की तैयारी कर रहे हैं वह हमारा सबसे पहला निशाना होंगे।”

न्यूज़ 18 में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़ धमकी देने वाला व्यक्ति कश्मीरी पोशाक पहने हुए है और उसने कश्मीरी में ही अपनी पूरी बात कही। उसकी मेज पर दो एके 47, गोलियाँ और हथियार रखे हुए थे।  

नकाबपोश आतंकी वीडियो में कहता है, “नियम के मुताबिक़ हम आम नागरिकों की हत्या नहीं करेंगे। लेकिन आरएसएस का जो एजेंट कश्मीर में स्थायी रूप से रहने की योजना लेकर आएगा उन पर कोई रहम नहीं किया जाएगा। इस तरह के लोग सबसे पहले हमारे निशाने पर होंगे।”

आतंकी ने दावा किया कि ‘हिन्दू आतंकवादी’ कश्मीरियों से उनकी ज़मीन छीन कर और उनके बगीचों को काट कर उन्हें बाहर करने की योजना बना रहे हैं। ऐसी तमाम क्लिप्स सामने आई हैं जिसमें सैनिकों की बस्ती के लिए ज़मीन की पहचान की जा रही है और बगीचों को हटाया जा रहा है। आतंकी इसकी तुलना “इजरायली पद्धति के कॉलोनियलिज्म” (colonialism) से की। 

वीडियो के अंत में आतंकी कह रहा है, “बाहरियों को जम्मू-कश्मीर का पाक साफ़ ‘स्टेटस’ बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बस्तियाँ बनाने की आड़ में गैर कश्मीरियों को बसाना, फासिस्ट केंद्र सरकार की घटिया योजना है। ‘आज़ादी’ के लिए लड़ने वाले इस तरह के षड्यंत्रों को जम्मू-कश्मीर में नहीं पनपने देंगे। वह इस तरह की कोशिशों को रोकने के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा देंगे, इसलिए हमारी चेतावनी है बच कर रहिए।”   

PAFF वही आतंकी संगठन है जिसने भारतीय सेना के जवानों पर हमले का वीडियो बॉडी कैमरे से शूट किया था। इसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा किया था। अगस्त 2020 में जम्मू-कश्मीर के बारामूला स्थित क्रीरी में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इसमें कुल 5 सुरक्षाकर्मी बलिदान हुए थे और 3 आतंकवादी मारे गए थे। 

घटना के दो दिन बाद आतंकियों ने घटनास्थल पर हुई गोलीबारी का वीडियो इंटरनेट पर साझा किया था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक़ PAAF लश्कर-ए-तैय्यबा से संबंधित है।                 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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